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गोरखा जनमुक्ति मोर्चा (जीजेएम) के प्रमुख विमल गुरुंग ने मंगलवार को घोषणा की कि केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह के अनुरोध पर उनका गुट 104 दिनों बाद दार्जिलिंग हिल्स एरिया में हड़ताल खत्म कर रहा है. अलग गोरखालैंड राज्य को लेकर ये हड़ताल 12 जून को शुरू हुई थी.गुरुंग ने एक ऑडियो संदेश में कहा, उनके गुट ने हड़ताल को निलंबित करने का फैसला किया है. उन्होंने इस संदेश में राजनाथ सिंह के त्रिपक्षीय मीटिंग के प्रयास का स्वागत किया.
गृहमंत्री का बयान
गृह मंत्रालय ने मंगलवार को एक बयान जारी कर कहा, “केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने गृह सचिव से एक पखवाड़े के भीतर एक आधिकारिक मीटिंग बुलाने के लिए कहा है ताकि संबंधित सभी मुद्दों पर बातचीत की जा सके.” बयान में गृहमंत्री के हवाले से कहा गया, ” मैं गोरखा जनमुक्ति मोर्चा और उसके नेता विमल गुरुंग से हड़ताल वापस लेने की अपील करता हूं ताकि त्योहारी सीजन में अनुकूल माहौल के जरिए इलाके में हालात सामान्य होने में मदद मिल सके.”आंदोलन में 11 लोगों की मृत्यु
दार्जिलिंग हिल्स एरिया में बंद आंदोलन के दौरान 11 लोगों की मृत्यु हो गई जबकि कई घायल हो गए. जीजेएम कार्यकर्ताओं द्वारा तोड़फोड़ की कार्रवाइयों में बड़े पैमाने पर नुकसान भी हुए. दार्जिलिंग हिमालयन रेलवे के कई स्टेशनों को जला दिया गया, जिससे उसका हैरिटेज दर्जा संकट में है.

दार्जिलिंग में अब हड़ताल पूरी तरह खत्म
जीजेएम पड़ गई थी दरार
माना जा रहा है कि विमल गुरुंग को हड़ताल खत्म करने के लिए एक अनुकूल अवसर की तलाश थी, जिसे गृहमंत्री ने बयान जारी कर दे दिया. हालांकि दार्जिलिंग में मिश्रित तौर पर हड़ताल का असर पिछले महीने 28 अगस्त से ही खत्म होने लगा था जब ममता बनर्जी ने सर्वदलीय बैठक में गोरखा दलों को बुलाया था. इस बैठक के बाद जीजेएम के सचिव विनय तमांग ने हड़ताल वापस लेने की घोषणा की थी लेकिन विमल गुरुंग ने इसे अमान्य करार दिया था. मतभेद के चलते जीजेएम में गुरुंग और तमांग के दो अलग गुट बन गए. गोरखा मोर्चा में गहरी दरार पड़ गई. गुरुंग को उस अवसर की तलाश थी, जब वो हड़ताल खत्म कर सकें.
गुरुंग को लगा था तगड़ा झटका
20 सितंबर को विमल गुरुंग को तब तगड़ा झटका लगा, जब पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने गोरखालैंड टेरेस्टोरियल एडमिनिस्ट्रेशन (जीटीए) के चुनावों से पहले दार्जिलिंग हिल्स के लिए बोर्ड ऑफ एडमिनिस्ट्रेटर्स (बीओए) नाम से नई बॉडी बना दी. नई बॉडी का चेयरमैन विद्रोही जीजेएम नेता विनय तमांग को बनाया गया. जीजेएम के एक अन्य विद्रोही नेता अनित थापा को उपाध्यक्ष बनाया गया. बीओए के अन्य प्रमुख सदस्य चीफ सेक्रेटरी मलय कुमार डे, तृणमूल के एलबी राय, जीएनएलएफ के मान गिशिंग, जीजेएम के संचारी सुब्बा और जैतून खातून हैं.
Article source: http://www.jagran.com/bihar/muzaffarpur-14158171.html
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