READ MORE
महानगरी मुंबई को खुले में शौच से मुक्त करने के लिए कई इंतजाम किए गए. लेकिन इसके बावजूद अब भी कई लोग खुले में शौच के लिए जाते हैं. इसको ध्यान में रखते हुए बृह्न मुंबई नगर निगम (BMC) ने इस महीने की शुरुआत से 36 गुड मॉर्निंग दस्ते तैनात किए हैं.ये लोग हर सुबह 5:30 बजे से नजर रखते हैं कि कोई खुले में शौच ना करे. पकड़े जाने पर ये लोगों को पहले समझाकर चेतावनी देते हैं. लेकिन इसके बाद भी जब लोग नहीं मानते तो ये उन पर फाइन लगाते हैं.
बीएमसी ने इस महीने कुल 36 ‘गुड मॉर्निंग’ दस्ते तैनात किए हैं. हर 180 घंटों के दौरान हर कर्मचारी 5 से 5:30 बजे तक, समूहों में नजर रखता है. प्रत्येक समूह में एक स्वच्छ मार्शल, ठोस कचरा प्रबंधन श्रमिक और मजदूर होते हैं. वे न केवल बेहतर अपराधियों, बल्कि स्वच्छता अभियान के अंतरगत भी कार्य करते हैं.
न्यूज़18इंडिया की टीम इस पर रियलिटी चेक के लिए पहुंची तो मंज़र कुछ और ही नजर आया. रियलिटी चेक करते वक़्त जब लोगों से हमने पुछा कि आखिर वजह क्या है जो इतने शौचालय होने के बाद भी उन्हें खुले में जाना पड़ता है . तो उनका कहना था कि अभी भी ऐसी बहुत जगह हैं जहां शौचालय बहुत कम हैं इसीलिए हमें मजबूरन खुले में जाना पड़ता है.एक तरफ लोगों का ये कहना था की शौचालय ना होने की वजह से उन्हें बाहर जाना पड़ता है और दूसरी तरफ उन पर फाइन लगा कर उनकी मुसीबतों को और बढ़ाया जा रहा है. लेकिन कुछ बीएमसी अफसरों से हमने जब इस बारे में बात की तो उनका कहना था कि 10 साल के नीचे बच्चों पर वो फाइन नहीं लगाते और लोग जब बार-बार मना करने के बाद भी खुले में जाते हैं तभी वो उन पर फाइन लगाते हैं.
बीएमसी डेटा बताता है कि टीम ने पिछले 15 दिनों में 576 अपराधियों से 57,600 रुपये एकत्रित किए थे. मौजूदा समय में मुंबई शहर में 7,415 शौचालय हैं, साथ ही 4,000 नए सार्वजनिक शौचालय हैं, जो पिछले एक साल से निर्माणाधीन हैं. इसके अलावा 95 जगहों पर 800 मोबाइल शौचालय सीटें लगाने के लिए नागरिक निकाय 3 करोड़ रुपये खर्च करने की भी योजना बना रहा है.
Article source: http://khabar.ibnlive.com/news/politics/manohar-parrikar-on-rahul-gandhis-dalali-statement-520233.html
No comments:
Post a Comment