Friday, 29 September 2017

राजनाथ सिंह ने बताया भारत-चीन गतिरोध को हल करने का तरीका


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अहंकार को एक बडी खामी बताते हुए केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने आज आइएएस अफसरों से कहा कि चाहे वे अपने कॅरियर में कितना भी आगे बढ जायें लेकिन अहंकार को कभी अपने पास न फटकने न दें.मसूरी स्थित प्रतिष्ठित लाल बहादुर शास्त्री राष्टीय प्रशासनिक अकादमी में आइएएस अफसरों को संबोधित करते हुए सिंह ने कहा, ‘‘अहंकार एक ऐसा खोट है जिसे आपको हमेशा खुद से दूर रखना चाहिये. यह जिस व्यक्ति को भी छू लेता है, उसका पतन हो जाता है. आप अपने कॅरियर में महत्वपूर्ण पदों पर पहुंच कर बहुत प्रगति कर सकते हैं, लेकिन इस दोष को अपने अंदर मत पनपने देना.’’ सिंह के चार दिवसीय उत्तराखंड दौरे का आज दूसरा दिन था और वह अकादमी में आइएएस अफसरों के लिये चलाये जा रहे मिड कॅरियर प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान उन्हें संबोधित कर रहे थे.


रावण का उदाहरण देते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि धन, संपत्ति, ज्ञान और राजनीतिक शक्ति के स्वामी होने के बावजूद अहंकार के कारण दानव राज का पतन हो गया.


उन्होंने कहा, ‘‘अगर आप रावण के चरित्र का अध्ययन करें तो आप पायेंगे कि उसके पास धन, पांडित्य और शक्ति सब कुछ थे. उसने मौत पर भी विजय प्राप्त कर ली थी. इसके बावजूद अंत में वह पराजित हुआ, सिर्फ अपने अहंकार के कारण.’’तयशुदा कार्यक्रम के अनुसार राजनाथ सिंह के कल दशहरा चमोली जिले में सुरक्षा बलों के साथ मनायेंगे. अपने प्रदेश दौरे में वह बाराहोती सहित चीन की सीमा से लगने वाले उन क्षेत्रों में भी जायेंगे जहां पिछले दिनों पीपुल्स लिबरेशन आर्मी की भारतीय सीमा में घुसपैठ की गतिविधियां सामने आयी हैं.


श्री सिंह ने भारत-तिब्बत सीमा पर एक चौकी का दौरा भी किया और पुलिस के जवानों से मिले. यहां राजनाथ सिंह ने आज कहा कि चीन-भारत सीमा विवाद ‘‘संवाद’’ और सकारात्मक दृष्टिकोण से सुलझाया जा सकता है।


सिक्किम के डोकलाम क्षेत्र में हालिया गतिरोध के सुलझने के बाद चीन सीमा का किसी वरिष्ठ मंत्री का यह पहला दौरा है।


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