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2002 के बाद पहली बार दुनिया की नंबर वन टीम बनने वाली टीम इंडिया का बल्लेबाजी हमेशा से मजबूत पक्ष रहा है। लेकिन वह अब गेंदबाजी और क्षेत्ररक्षण में भी विश्वस्तरीय प्रदर्शन कर रही है। टीम इंडिया ने अभी तक ऑस्ट्रेलिया का किसी भी सीरीज में क्लीन स्वीप नहीं किया है। विराट कोहली निश्चित रूप से इसे ध्यान में रखते हुए चौथे वन डे में भी कंगारुओं को हराने की भरपूर कोशिश करेंगे। ताकि नागपुर में वह पांचवें और अंतिम वन डे में कंगारू का सफाया कर एक और इतिहास रच सकें।
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सीरीज के तीनों वन डे में अब तक ऑस्ट्रेलियाई टीम कमजोर रही है। टीम इंडिया के कप्तान विराट कोहली और पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने आपसी सहयोग के साथ पूरी टीम को ऐसी मजबूती दी है कि उसने हर विभाग में कंगारू टीम को पीछे कर दिया है। हार्दिक पांड्या ने अपने शानदार हरफनमौला खेल की वजह से टीम इंडिया को बेहद संतुलित और संगठित बना दिया है। तीन में से दो मैचों में पांड्या ने मैन ऑफ द मैच का खिताब जीता है। चेन्नई में 66 गेंदों में 83 रन की पारी के बाद इंदौर में भी पांड्या ने 72 गेंदों में 78 रनों की पारी खेली। गेंदबाजी में भी पांड्या ने 3 मैचों में 5 विकेट लिए हैं। सलामी बल्लेबाजी में रोहित शर्मा के साथ अजिंक्य रहाणे ने दो मैचों में लगातार बेहतरीन पारियां खेली हैं। रहाणे ने कोलकाता में 59 गेंदों में शानदार 55 रन बनाए और इंदौर में 70 रन बनाए हैं।
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श्रीलंका के दौरे के बाद वर्तमान सीरीज में भी रोहित शर्मा का फॉर्म बरकरार है। इंदौर मैच में रोहित ने भी 71 रनों की पारी खेली थी। इंदौर में उन्होंने महज 21 ओवर में रहाणे के साथ मिलकर 139 रन बना लिए थे। मनीष पांडेय और केदार जाधव मध्यमक्रम में बेहतर कड़ी हैं। मनीष ने मुश्किल पलों में इंदौर वन डे में 36 रनों की पारी खेली है। तेज गेंदबाजी में भुवनेश्वर कुमार और जसप्रीत बुमराह ने जरूरत के समय में टीम इंडिया को सफलता दिलाई है। स्लॉग ओवरों में उन्होंने बेहद चतुराई से गेंदबाजी की है। इसके अलावा रिस्ट स्पिनर यजुवेंद्र चहल और कुलदीप यादव ने कंगारू बल्लेबाजों को खुलकर खेलने का मौका नहीं दिया है।
ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज ग्लैन मैक्सवेल को इन दोनों ने चतुराई से अपना शिकार बनाया है। इन दोनों गेंदबाजों ने स्पिनर आर अश्विन और रविंद्र जडेजा की कमी महसूस नहीं होने दी है। कुलदीप यादव ने कोलकाता में हैट्रिक पूरी करते हुए कपिल देव और चेतन शर्मा की बराबरी कर ली है। टीम इंडिया की जीत में सभी बल्लेबाज अपना योगदान दे रहे हैं। टीम इंडिया की जीत एक प्रकार से सामूहिक जीत बनती जा रही है। यह सबसे अहम तथ्य है। टीम एक ही तरह से मैच नहीं जीत रही है। उसकी जीत एक ही रास्ते की बजाय कई रास्तों से आ रही है। अगर शीर्ष क्रम फेल हो जाता है तो मिडिल ऑर्डर बड़ी संजीदगी से अपनी जिम्मेदारी निभा रहा है। कंगारू कप्तान स्टीव स्मिथ हार से काफी निराश हैं। वह कह चुके हैं कि टीम ऑस्ट्रेलिया एशेज से पहले कुछ मैच जीतकर विश्वास हासिल करना चाहेगी। कंगारू टीम विदेश में लगातार 11 मैच गंवा चुकी है। इसमें से 8 हार तो उन्हें दक्षिण अफ्रीका और टीम इंडिया के खिलाफ मिली है।
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कंगारू टीम ने पिछले 14 टेस्ट में से 5 में ही जीत हासिल की है। टीम इंडिया के खिलाफ सीरीज में मैक्सवेल का बल्ला अभी तक नहीं चल पाया है। कंगारू टीम के लिए यह एक बड़ा सिरदर्द है। कंगारू टीम पिछले मैच में आरोन फिंच के शतक के बावजूद भी 300 का आंकड़ा नहीं पार कर सकी है। बेंगलुरू मैच में कंगारू टीम को कप्तान स्टीव स्मिथ और ओपनर डेविड वार्नर से एक बड़ी पारी की उम्मीद होगी। कंगारू विकेटकीपर बैट्समैन पीटर हैंड्सकाम्ब इंदौर में बड़ी पारी खेल नहीं सके थे। पीटर हैंड्सकाम्ब तेज तर्रार पारी खेलकर टीम को एक बड़ा स्कोर दे सकते हैं। ऑस्ट्रेलिया के तेज गेंदबाज नाथन कूल्टर नाइल ने प्रभावी गेंदबाजी की है। लेकिन पैट कमिंस ने अब तक टीम इंडिया के बल्लेबाजों को परेशान नहीं किया है।
टीम इंडिया इस प्रकार है-विराट कोहली, रोहित शर्मा, अजिंक्य रहाणे, एमएस धोनी, मनीष पांडेय, केदार जाधव, मोहम्मद शमी, उमेश यादव, यजुवेंद्र चहल, हार्दिक पांड्या और अक्षर पटेल
ऑस्ट्रेलियाई टीम इस प्रकार है– स्टीव स्मिथ, डेविड वार्नर, आरोन फिंच, पीटर हैंड्सकाम्ब, मार्कस स्टोइनिस, मैथ्यू हेड, ट्रेविस हेड, पैट कमिंस, नाथन कूल्टर नाइल, एडम जंपा, केन रिचर्डसन
Article source: http://khabar.ibnlive.com/news/manoranjan/baar-baar-dekho-506724.html
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