READ MORE
मुंबई पुलिस सिर्फ डंडा ही नहीं चलाती, जान भी बचाती है. अब अगर किसी को रास्ते पर हार्ट अटैक आ जाए तो मुंबई पुलिस डॉक्टर बनकर सहायता भी देगी. कहा जा रहा है कि ये कदम इसलिए भी उठाया गया है ताकि लोग पुलिस को देखकर सिर्फ डरें नहीं.मुंबई पुलिस को हमने अक्सर बड़े माफिया या गुंडों को पकड़ते देखा है, लेकिन अब ये ‘सिंघम’ सचमुच लोगों के काम भी आएंगे. बुधवार को पुलिस वालों के सामने डॉक्टरों ने ‘पीसीआर ट्रेनिंग’ दी, जिससे बंद हुए दिल की धड़कन को फिर से शुरू किया जा सकता है.
डॉक्टरों को लगता है कि पुलिस वाले किसी भी घटना के दौरान सबसे पहले पहुंच जाते हैं. ऐसे में पीसीआर के जरिए लोगों की जान कैसे बचाई जाए और किस तरीके से लोगों की हृदय गति और नाड़ियों को ऐक्टिव किया जाए इसके लिए बाकायदा डेमो भी दिया गया. पुलिस वालों के सामने ही डॉक्टरों ने एक पुतले के ऊपर पीसीआर का पूरा डेमो शुरू किया. इसमें पुतले के सीने को दबाने से लेकर, सांस फूंकने तक का पूरा लाइव डेमो दिया गया. अब पुलिस अधिकारी मानते हैं कि इस तरीके से पुलिस वालों को भी फायदा होगा.
वहीं, डॉक्टरों भी मानते हैं कि पुलिस वाले किसी घटना पर पहले पहुंचते हैं तो उनके लिए इस तरीके की ट्रेनिंग काफी महत्वपूर्ण रहेगी. यानि अब पुलिस वाले खुद के तनाव को कम करने के साथ-साथ दूसरे की जान भी बचाने की पूरी कोशिश करेंगे. इससे किसी भी हादसे में लोगों को हार्ट अटैक से बचाया जा सकेगा.बता दें कि पिछले दिनों मुंबई पुलिस ने बाइक एंबुलेंस भी लॉन्च की थी.
ये भी पढ़ें:
मुंबई में अब 24 घंटे खुली रहेंगी दुकानें, गवर्नर ने दी मंजूरी
रोजाना 3 लाख रुपये का घाटा झेल रही देश की पहली मोनो रेल
Article source: http://hindi.news18.com/news/uttar-pradesh/lucknow/akhilesh-yadav-says-central-government-will-copy-samajwadi-governments-work-in-union-budget-937825.html
No comments:
Post a Comment