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जयंत ने अपने पिता का नाम लिए बगैर लेख में लिखा कि पिछले कुछ दिनों से भारत की इकोनॉमी पर कई सारे आर्टिकल लिखे जा रहे हैं। लेकिन यह सभी आर्टिकल छोटी सोच के साथ लिखे जा रहे हैं।
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जयंत ने लिखा कि जीडीपी की ग्रोथ के लिए एक या दो तिमाही के नतीजों को देखकर के इकोनॉमी के बारे में लिखना उसके लांग टर्म में होने वाले फायदों के उलट है। जो लोग इकोनॉमी का इन नतीजों पर मूल्यांकन कर रहे हैं उनको समझना चाहिए कि न्यू इंडिया को बनाने के लिए यह करना जरूरी है। जीएसटी के आने से आगे नौकरियां बढ़ेगी और पारदर्शिता भी आएगी, जिससे लोगों को काफी लाभ होने की उम्मीद है।
इन तीन कारणों से पड़ेगा इकोनॉमी में गुड इफेक्ट
जयंत सिन्हा ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा लागू किए गए जीएसटी, नोटबंदी और डिजिटल इंडिया के फैसलों से भारतीय इकोनॉमी पूरी तरह से फॉर्मल इकोनॉमी में तब्दील हो जाएगी। जो लोग अब तक टैक्स देने से बचते थे वो भी जीएसटी के लागू होने के बाद से टैक्स के दायरे में आ गये हैं।
इससे देश का टैक्स कलेक्शन बढ़ेगा जिसका फायदा राज्यों को मिलेगा, वहीं इकोनॉमी पर जोर नहीं पड़ेगा, जिससे जीडीपी आगे जाएगा और टैक्स रिकॉर्ड डिजिटल होने से सभी ट्रांजेक्शन के बारे में पता रहेगा, जिससे क्रेडिट देने में आसानी होगी।
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