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देशभर में हिन्दुओं की आस्था का महापर्व नवरात्र की धूम है. इसी दौरान मैसूर में दशहरा पर्व से जुड़े एक सेमिनार में पूर्व प्रोफेसर, तर्कशास्त्री और वामपंथी बुद्धिजीवी केएस भगवान ने ऐसा कुछ कह दिया, जिससे विवाद शुरू हो गया है. जिस राम की घर-घर में पूजा की जाती है, जिस राम को अभिवादन का शब्द बना दिया गया है, जिस राम नाम का जाप हिन्दू धर्म के मानने वाले जन्म से लेकर श्मशान घाट पहुंचने तक करते हैं. केएस भगवान ने उसी राम को जातिवादी, पत्नी पर अत्याचार करने वाला और अपनी प्रजा का हत्यारा करार दिया. विवाद में ट्विस्ट पैदा करने के लिए केएस भगवान ने राम को इंसान तो बताया ही साथ ही उनके नाम पर मंदिर निर्माण की गतिविधि चलाने वालों को नसीहत भी दे डाली. सवाल उठता है कि आस्था के मामले में धर्मनिरपेक्षता के नाम पर भद्दा मजाक और धार्मिक भावनाओं को भड़काने की छूट क्यों मिलनी चाहिए? क्या हिन्दू देवी देवताओं को गाली देना ही धर्मनिरपेक्षता है? देखिए ये वीडियो.
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