Sunday, 9 December 2018

जब एक्टिंग की वजह से टूटने वाली थी अशोक कुमार की शादी


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बॉलीवुड को कई यादगार फिल्में देने वाले अशोक कुमार को हिंदी फिल्म जगत का पहला सुपरस्टार कहा जाता है. फिल्म इंडस्ट्री में लोग प्यार से उन्हें दादामुनि कहते थे. दादामुनि ने एक्टिंग में एक मुकाम हासिल किया. लेकिन उनके पिता उनके लिए कुछ और चाहते थे. अशोक कुमार के पिता पेशे से वकील थे. वह चाहते थे कि अशोक कुमार आगे चल कर उन्हीं के पेशे को अपनाएं. लेकिन अशोक कुमार को फिल्मों में काम करने का ऐसा शौक चढ़ा कि उन्होंने अपनी वकालत की पढ़ाई छोड़ दी और ​फिल्मों में काम करने का फैसला कर लिया.एक बार अशोक कुमार अपनी बहन के घर मुंबई गए हुए थे, वहां पर उन्होंने अपनी बहन के पति से कहा कि उन्हें मुंबई में ही कोई काम दिला दें. जल्द ही उन्हें मुंबई में एक टेक्नीशियन की नौकरी मिल गई. यानी उनकी पहली नौकरी एक अभिनेता के तौर पर नहीं टेक्नीशियन के रूप में शुरू हुई. बहुत कम लोगों को पता होगा कि अशोक कुमार पहले डायरेक्टर बनना चाहते थे. क्योंकि उन दिनों एक्टिंग को अच्छी नजर से नहीं देखा जाता था.


कहा जाता है कि जब अशोक के हीरो बनने की खबर उनके घर खंडवा पहुंची तो तहलका मच गया था. यहां तक कि उनकी तय शादी टूटने की कगार पर आ गई. अशोक कुमार के पिता उनके एक्टर बनने की बात से बहुत नाराज थे और वह चाहते थे कि अशोक एक्टिंग छोड़ दें. यही बात बताने के लिए अशोक हिमांशु राय के पास गए और उन्हें अपनी नौकरी के कागज दिखाए और कहा पिता जी भी आए हैं और उनसे बात करना चाहते हैं.


फिर अशोक कुमार के पिता ने हिमांशु राय से बात की. थोड़ी देर बाद अशोक के पिता उनके पास गए और कहा, हिमांशु कहते हैं कि अगर तुम ये काम करोगे तो बहुत नाम करोगे, तो मुझे लगता है तुम्हें यही करना चाहिए. हिमांशु राय के साथ अशोक कुमार की पहली फिल्म ‘जीवन नैया’ थी. अशोक डायरेक्टर हिमांशु राय के बॉम्बे टॉकीज में बतौर लैब असिस्टेंट काम करते थे.यह भी पढ़ें:


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