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नेटफिल्क्स की इस महत्वकांक्षी फिल्म को भारत समेत पूरी दुनिया में एकसाथ रिलीज़ किया गया है. हॉलीवुड और बॉलीवुड के बड़े बड़े नाम इस एनिमेटेड फिल्म की लाइन अप में शामिल हैं. 90 के दशक में दूरदर्शन पर ‘द जंगल बुक’ नाम से शुरु हुए जापानी धारावाहिक के बाद मोगली का किरदार घर घर में लोकप्रिय हो गया. लेखक रुडयार्ड किपलिंग की कहानी ‘द जंगल बुक’ पर आधारित इस किरदार पर हॉलीवुड की एक फिल्म साल 2016 में ही रिलीज़ हुई थी.अब नेटफ्लिक्स एक नए नाम के साथ मोगली को कहानी फिर से लेकर आया है. जहां 2016 में आई डिज्नी की फिल्म में मोगली बच्चों को ध्यान में रखकर बनाया गया था, इस बार मोगली का किरदार थोड़ा गहरा है. मोगली के इस किरदार में समझने के लिए बहुत कुछ है और मानवीय संवेदनाओ को और गूढ़ तरीके से दिखाने की कोशिश की गई है.
भारत में इस फिल्म को हिंदी में भी रिलीज़ किया गया है और फिल्म में जैकी श्रॉफ (शेर खान), अभिषेक बच्चन (बघीरा), अनिल कपूर (बलू) और करीना कपूर (का) के किरदारों को अपनी आवाज़ दे रहे हैं. अगर आपने 90 के दशक में दूरदर्शन पर आने वाला ‘द जंगल बुक’ देखा है तो आपको मोगली का संसार बहुत बदला हुआ लगेगा.
मूल कहानी अपनी जगह है लेकिन बहुत कुछ बदला हुआ है. जंगल में एक आदमखोर बाघ शेर खान के हमले में मारे गए कुछ लोगों के दल में एक छोटा बच्चा किसी तरह बच जाता है. इस बच्चे को बघीरा नाम का काला तेंदुआ, भेड़ियों के पास छोड़ देता है. भेड़िए इस बच्चे की रक्षा करते हैं और उसे पालते हैं और फिर यही विचित्र बच्चा जंगल को शेर खान से मुक्ति दिलाता है.शेर खान के किरदार में जैकी श्रॉफ वो डर पैदा नहीं कर पाते जो नाना पाटेकर ने किया था. करीना कपूर को सूत्रधार का किरदार मिला था लेकिन वो अजगर ‘का’ के किरदार की आवाज़ को वो रहस्य नहीं दे पाती. हालांकि ये बात तय है कि तैमूर अपनी मम्मी के इस किरदार को देख कर डर ज़रुर जाएंगे.
अभिषेक बच्चन और अनिल कपूर ने बघीरा और बलू के किरदारों को थोड़ा गंभीर बना दिया है, दरअसल ये फिल्म कुल मिलाकर ही थोड़ी गंभीर है और बच्चों को सुनाने वाली जंगल की कहानी नहीं, एक खोए हुए बच्चे को खुद को पहचानने की कहानी है.
फिल्म में आपको जाने पहचाने किरदार मिलेंगे लेकिन अकड़ू पकड़ू की कमी खलती है. इससे ज्यादा बताना आपकी फिल्म का मज़ा खराब करना होगा क्योंकि फिल्म की कहानी तो आपने सुनी ही है और बहुत कम ही छेड़छाड़ मूल कहानी के साथ की गई है.
फिल्म में मोगली का किरदार निभाने वाले रोहन चंद अच्छा अभिनय करते हैं और भारत की कहानी दिखाने के लिए इसमें एक दो भारतीय कलाकारों को डाला गया है जिनमें फ्रीडा पिंटो भी एक हैं, लेकिन उनके करने के लिए कुछ खास नहीं है. फिल्म का संगीत अच्छा है और आपको फिल्म में बनाए रखता है लेकिन इस फिल्म को बड़े पर्दे पर देखने का जो मज़ा होता वो छोटी स्क्रीन पर कम हो जाता है.
अगर आपको मोगली के पुराने अवतार पसंद हैं तो आपको ये फिल्म ज़रुर देखनी चाहिए क्योंकि आपका मोगली इस फिल्म में बदला बदला नज़र आता है.
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