Saturday, 30 September 2017

एलफिन्सटन हादसा: मृतकों की संख्या 23, गोयल ने किया सुरक्षा उपायों का वादा


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केईएम अस्पताल में गंभीर रूप से घायल एक व्यक्ति की मौत के साथ ही यहां दो रेलवे स्टेशनों को जोड़ने वाले एक फुट ओवर ब्रिज पर भगदड़ में मरने वालों की संख्या 23 हो गयी. हादसे से सुरक्षा को लेकर बढ़ी चिंताओं के बीच रेल मंत्री पीयूष गोयल ने सुरक्षा मुद्दे के समाधान और तत्काल उपायों के लिए रेलवे अधिकारियों के पूरे बोर्ड की बैठक बुलायी .अस्पताल के डीन अविनाश सूपे ने बताया कि मृतक की पहचान सत्येंद्र कुमार कनौजिया के तौर पर हुयी है. उनकी उम्र 45-50 के बीच थी. डीन ने बताया, ‘अस्पताल में भर्ती कराए जाने के तुरंत बाद मरीज को वेंटिलेटर पर रखा गया था. हमने उन्हें बचाने की कोशिश की लेकिन अंदरूनी चोटों की वजह से उनकी मौत हो गई.’ उन्होंने कहा कि शव को औपचारिक प्रक्रिया के बाद परिजन के हवाले किया जाएगा. सूपे ने बताया कि अस्पताल में 38 घायल लोगों को भर्ती कराया गया था.


एलफिन्सटन रोड और परेल उपनगर स्टेशनों को जोड़ने वाले ओवरब्रिज पर शुक्रवार की सुबह 10 बजकर 40 मिनट पर हादसा हुआ था. भारी बारिश के कारण वहां पर लोगों की काफी भीड़ जमा हो गयी थी. शीर्ष अधिकारियों के साथ कल के बाद से लगातार बैठक कर रहे गोयल ने ट्वीट में घोषणा की कि रेलवे के काम में फुट ओवर ब्रिज (एफओबी) को जरूरी पहलू माना जाएगा. पहले इसे महज सुविधा के तौर पर देखा जाता था.


उन्होंने ट्वीट किया, ‘हम 150 साल पुरानी परंपरा को सिरे से बदल रहे हैं. एफओबी (फुट ओवर ब्रिज) को यात्री सुविधा नहीं बल्कि जरूरी माना जाएगा. परियोजनाओं की तामील में देरी और लालफीताशाही रोकने के लिए उन्होंने कहा कि रेलवे जोन के महाप्रबंधकों को यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के प्रति कार्यों पर खर्च करने की जिम्मेदारी दी गयी थी. उन्होंने ट्वीट किया, ‘नौकरशाही और विलंब को समाप्त करने के लिए सुरक्षा जो भी जरूरी हो उस पर खर्च के लिए मैंने जीएम को अधिकार प्रदान किया है.’उन्होंने कहा, ‘एफओबी पर कार्य को युद्ध स्तर पर पूरा किया जाएगा. जिन स्टेशनों पर यात्रियों का भार अधिक है वहां अतिरिक्त एफओबी की योजना बनायी जाएगी.’ इसबीच, महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के प्रमुख राज ठाकरे ने यहां कहा कि अगर इतनी बड़ी संख्या में दूसरे प्रांतों के लोग मुंबई आते रहे तो शहर में ऐसी भगदड़ होती रहेगी. उन्होंने इसके साथ ही चेतावनी दी कि जब तक स्थानीय रेलवे का बुनियादी ढांचा नहीं सुधरता ‘मुंबई में बुलेट ट्रेन परियोजना के लिए एक भी ईंट नहीं लगानी दी जाएगी.’


पूर्व में कई बार दूसरे प्रांतों के मुंबई आने वाले लोगों के खिलाफ बयानबाजी कर चुके मनसे नेता ने कहा, ‘दूसरे इलाकों से आने वाले प्रवासियों की भारी भीड़ के कारण बुनियादी ढांचा संबंधी सुविधाएं चरमराती रही हैं.’ ठाकरे ने कहा कि वह यहां के सर जे जे कॉलेज में कला की पढ़ाई के दौरान दो साल तक मुंबई उपनगरीय ट्रेन सेवा में सफर कर चुके हैं और ‘आप जिसे मुंबई की जिजीविषा बताते हैं, जो उसे इस तरह की त्रासदियों से उबारती है, वह असल में इस तरह की आपदाओं के कारण उपजने वाली हताशा है.’


भाजपा की सहयोगी शिवसेना ने मुंबई से अहमदाबाद के लिए महत्वाकांक्षी बुलेट परियोजना पर कटाक्ष करते हुए कहा, ‘ जब आप स्थानीय यात्रियों को बुनियादी आधारभूत संरचना मुहैया नहीं करा पाए तो बुलेट ट्रेन का क्या इस्तेमाल होगा ?’


केईएम अस्पताल के अधिकारियों ने बताया कि 17 शवों को उनके परिवारवालों को सौंप दिया गया.

उद्धव ठाकरे का भाजपा पर हमला, कहा: हमें देशभक्ति नहीं सिखाएं


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शिवसेना अध्यक्ष उद्धव ठाकरे ने आज भाजपा पर पलटवार करते हुए कहा कि वह उसे देशभक्ति नहीं सिखाए. मुंबई के शिवाजी पार्क में अपनी पार्टी की दशहरा रैली को संबोधित करते हुए उद्धव ने कहा, ‘हमें देशभक्ति नहीं सिखाइए. अभी वह दिन नहीं आया है कि हमें देशभक्ति सिखाई जाए.’उन्होंने कहा, ‘माहौल बनाया गया कि जो लोग नोटबंदी का समर्थन करते हैं, वह देशभक्त हैं और जो लोग इसका विरोध करते हैं, वे देशद्रोही हैं.’ वह पिछले वर्ष केंद्र सरकार द्वारा पांच सौ और हजार रुपये के नोट पर प्रतिबंध लगाने के निर्णय का जिक्र कर रहे थे.


उद्धव ने शिवसेना के कार्यकर्ताओं से अपील की कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर व्यक्तिगत हमला करने से बचें जैसा कि हाल में महंगाई के खिलाफ शिवसेना के प्रदर्शन के दौरान किया गया था. शिवसेना के नेता ने जम्मू-कश्मीर में पीडीपी के साथ भाजपा के सत्ता साझा करने की असंगति की तरफ भी इशारा किया था.


उन्होंने पूछा, ‘कश्मीर में आपका (भाजपा) पीडीपी से कैसा वैचारिक संबंध है? जम्मू-कश्मीर के विशेष दर्जे को क्यों नहीं खत्म किया जा रहा है?’ उद्धव ने कहा, ‘हमने हिंदुत्व के लिए भाजपा के साथ गठबंधन किया जब ‘हिंदुत्व’ को वर्जित शब्द माना जाता था. अगर वे (भाजपा नेता) सोचते हैं कि हमारा उनके लिए कोई महत्व नहीं है, तो हम देखेंगे.’उन्होंने कहा, ‘हमें जानना चाहिए कि आपके हिंदुत्व की परिभाषा क्या है.’ मोदी की महत्वाकांक्षी परियोजना का विरोध करते हुए उद्धव ने कहा, ‘बुलेट ट्रेन कौन चाहता है? पहले रेल ढांचे में सुधार कीजिए.’


पेट्रोल और डीजल की अधिक कीमतों पर उद्धव ने कहा, ‘यह सरकार कहती है कि जीएसटी से कर में एकरूपता आएगी. एकरूपता कहां है? पाकिस्तान में भी हमारे यहां से सस्ता पेट्रोल है.’

रजनी कांत मिश्रा ने एसएसबी महानिदेशक का पद भार संभाला


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भारतीय पुलिस सेवा के वरिष्ठ अधिकारी रजनी कांत मिश्रा ने शनिवार को सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) के महानिदेशक (डीजी) का पद भार संभाला. उन्होंने अर्चना रामसुंदरम की जगह ली है.एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि उत्तर प्रदेश कैडर के 1984 बैच के आईपीएस अधिकारी मिश्रा सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के अतिरिक्त महानिदेशक के तौर पर सेवा दे रहे थे.


विज्ञान विषय में स्नात्तकोत्तर (पीजी) मिश्रा ने उत्तर प्रदेश और केंद्र सरकार में विभिन्न पदों पर सेवाएं दी हैं. सशस्त्र पुलिस बल की प्रथम महिला प्रमुख अर्चना 37 साल की सेवा के बाद सेवामुक्त हुई हैं.

देश भर में पारंपरिक हर्षोल्लास के साथ मनाया गया दशहरा


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देश भर में आज पारंपरिक हर्षोल्लास के साथ लोगों ने दशहरा मनाया. केंद्र सरकार के दो कैबिनेट मंत्रियों ने सैनिकों के साथ दशहरा मनाया. लेकिन कल एक रेलवे स्टेशन पर मची भगदड़ में 23 लोगों की मौत के कारण मुंबई में लोगों का उत्साह फीका रहा.राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, उप-राष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने दिल्ली के परेड ग्राउंड में आयोजित कार्यक्रम में हिस्सा लिया, जहां तीर चलाकर रावण के पुतले जलाए गए .


इस मौके पर मोदी ने लोगों से अपील की कि वे राष्ट्र-निर्माण की प्रक्रिया में योगदान की प्रतिज्ञा करें. कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने नव श्री धार्मिक लीला समिति की ओर से आयोजित एक अन्य कार्यक्रम में हिस्सा लिया.


इस बीच, केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह और रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने क्रमश: उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर में सैनिकों के साथ दशहरा मनाया.राजनाथ अपनी पत्नी के साथ बाराहोती के पास रिमखिम में तैनात भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) की पहली बटालियन के जवानों से मिले. हाल में चीनी सेना ने बाराहोटी में कथित तौर पर सीमा का अतिक्रमण किया था. गृह मंत्री ने आईटीबीपी शिविर में शस्त्र पूजन भी किया. निर्मला ने लद्दाख क्षेत्र के सियाचिन एवं अन्य अग्रिम इलाकों में सैनिकों से मुलाकात की और उन्हें आश्वस्त किया कि सरकार हर हालात में उन्हें समर्थन देने के लिए प्रतिबद्ध है.


रक्षा मंत्री के साथ थलसेना अध्यक्ष जनरल बिपिन रावत, थलसेना की उत्तरी कमान के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल डी अनबु और 14वीं कोर के जीओसी लेफ्टिनेंट जनरल एस के उपाध्याय भी थे.


मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस पर मायूसी भरा माहौल दिखा. कल एलफिंस्टन रोड स्टेशन हादसे में 23 लोगों के मारे जाने के कारण टर्मिनस के कर्मचारी गमगीन थे.


मध्य रेलवे के मुख्य प्रवक्ता सुनील उदासी ने बताया, ‘‘त्रासद घटना के कारण रेल कर्मियों एवं अधिकारियों ने त्योहार नहीं मनाने का फैसला किया.’’ केरल में कुछ अलग तरीके से दशहरा मनाया गया. मंदिरों, स्कूलों एवं सांस्कृतिक केंद्रों में बड़ी संख्या में बच्चे एवं उनके अभिभावक इकट्ठा हुए और हजारों बच्चों का परिचय अक्षरों से कराया गया.


‘एजुतिनिरूथु’ यानी शिक्षा की शुरूआत के लिए ये इंतजाम किए गए थे. राज्य में विजयादशमी को ‘विद्यारंभ’ के तौर पर मनाया जाता है. तिरूपति के पास वैदिक मंत्रोच्चार के बीच हुई भगवान वेंकटेश्वर की रथयात्रा में करीब दो लाख श्रद्धालुओं ने हिस्सा लिया. पंजाब और हरियाणा में बुराई पर अच्छाई की जीत के प्रतीक के तौर पर रावण के पुतले जलाए गए.


हरियाणा के अंबाला जिले के बराड़ा स्थित मेला मैदान में करीब 25 लाख रुपए की लागत से बनाया गया 210 फुट ऊंचा रावण का पुतला खड़ा किया गया था.


इस बीच, कोलकाता में दुर्गा की प्रतिमा के विसर्जन के मद्देनजर पुलिस एवं नगर निकाय अधिकारियों ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए हैं.


आज से ही विसर्जन की शुरूआत हो जाएगी. कल मुहर्रम के दिन से लेकर तीन अक्तूबर तक विसर्जन जारी रहेगा. कोलकाता पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी घाटों के पास विशेष निगरानी कर रहे हैं. पश्चिम बंगाल में 300 से ज्यादा जगहों पर विश्व हिंदू परिषद ने ‘अस्त्र पूजा’ आयोजित की.

ऐसा स्कूल जहां बिना बैग के पढ़ने आते हैं बच्चे


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 खेल के फार्मूले से चलने वाला एक ऐसा स्कूल जहाँ बच्चे बिना कॉपी व किताब के आते हैं और लूडो के डाइस से शिक्षा लेते हैं. इन बच्चों को लूडो के सहारे ही महीने,दिन,साल और राज्यों व जिले के नाम याद करवाए जाते हैं. स्कूल के शिक्षकों ने बच्चों को पढ़ाने ये तरीका तब अपनाया जब बच्चे गोटी पासा के खेल की वजह से स्कूल में पढ़ने नहीं आ रहे थे. अध्यापकों की इस अनोखी मुहिम की प्रशासन भी जमकर तारीफ कर रहा है.

राजनाथ सिंह ने भारत-चीन सीमा पर सैनिकों के साथ मनाया दशहरा


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गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने उत्तराखंड की अपनी चार दिवसीय यात्रा के तीसरे दिन भारत-चीन सीमा से लगी रिमखिम चौकी, जोशीमठ और औली में तैनात जवानों के साथ दशहरा मनाया.मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के साथ गृह मंत्री ने बाराहोटी के निकट रिमखिम में तैनात भारत-तिब्बत सीमा पुलिस की पहली बटालियन के सदस्यों के साथ संवाद किया. इस जगह पर पूर्व में चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी ने कथित तौर पर अतिक्रमण किया था.


गृहमंत्री ने कहा कि वह दशहरा के मौके पर लंबे समय से सैनिकों से मिलना चाह रहे थे क्योंकि उन्हें अपना त्यौहार घर पर मनाने का मौका नहीं मिल पाता है.


ऊंचाई वाले क्षेत्र में प्रतिकूल मौसमी परिस्थितियों के बावजूद बहादुरी से अपना कर्तव्य पूरा करने के लिए आईटीबीपी सैनिकों की प्रशंसा करते हुए उन्होंने कहा कि देश की सुरक्षा में सीमा की हिफाजत के साथ ही प्राकृतिक आपदा की घड़ी में लोगों को सुरक्षित जगह पहुंचाने और आतंरिक सुरक्षा के खतरों से निपटने में वे सभी बहु आयामी भूमिका निभाते हैं.चीन सीमा के करीब रह रहे लोग देश की रणनीतिक संपदा
राजनाथ ने आज कहा कि चीन सीमा के करीब रह रहे लोग देश की रणनीतिक संपदा हैं और सीमा की हिफाजत कर रहे आईटीबीपी से सुनिश्चित करने को कहा कि वे सभी दूसरी जगह नहीं जाएं क्योंकि इससे भारत की सुरक्षा को खतरा हो सकता है.


भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) के पहले बटालियन कैंप के जवानों और स्थानीय लोगों को यहां संबोधित करते हुए सिंह ने कहा कि सीमाई आबादी को और तवज्जो मिलनी चाहिए क्योंकि सरकार इन सुदूरवर्ती इलाकों में रहने वाले लोगों पर पूरा भरोसा करती है.


उन्होंने कहा, ‘‘भारत-चीन सीमा के करीब रहने वाले लोग किसी भी कीमत पर नहीं जाएं . वे हमारी रणनीतिक पूंजी हैं. उन्हें और महत्ता मिलनी चाहिए. जिस दिन वे जाएंगे…वह हमारी सुरक्षा के लिए ठीक नहीं होगा. ’’ उन्होंने कहा कि सीमाई आबादी का प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नेतृत्व वाली सरकार के दिल में महत्वपूर्ण स्थान है.


उन्होंने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री ने कहा है कि सीमा पर रह रहे लोगों की भलाई के लिए खास ध्यान दिया जाना चाहिए. मैं आईटीबीपी (कर्मियों) से अपनी सीमाई नियुक्ति में इलाके की स्थानीय आबादी के साथ मित्रवत व्यवहार करने का आग्रह करता हूं. ’’ मंत्री ने सीमा बल से स्थानीय लोगों की सहायता और उनकी समस्याओं के निदान के लिए विशेष शिविर आयोजित करने को कहा.

निर्मला सीतारमन ने सियाचिन में सैनिकों के साथ मनाया दशहरा


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रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमन ने आज सियाचिन और लद्दाख के अग्रिम स्थानों पर सैनिकों के साथ दशहरा का त्योहार मनाया. उन्होंने सैनिकों को इस बात से अवगत कराया कि सरकार हर परिस्थिति में उनका समर्थन करती है.अपनी यात्रा के दौरान उन्होंने सीमावर्ती क्षेत्र में सुरक्षा स्थिति की समीक्षा की और लेह को कराकोरम से जोड़ने वाले एक पुल का उद्घाटन किया. यह पुल सामरिक रूप से महत्वपूर्ण दारबुक-श्योक-दौलत बेग ओल्डी परिक्षेत्र में सैन्य परिवहन के लिए कनेक्टिविटी उपलब्ध कराएगा.


जवानों की सराहना करते हुए सीतारमन ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार हर परिस्थिति में देश की सुरक्षा करने वाले सैनिकों के साथ हैं.


सैनिकों को संबोधित करते हुए मंत्री ने कहा, ‘‘मैं आपका आश्वस्त करती हूं कि सरकार सभी वक्त और परिस्थितियों में आपके साथ है. हम आपकी जरूरतों और मांगों के साथ-साथ आपके परिवार के प्रति भी संवेदनशील हैं.’’ उन्होंने 2014 में सियाचिन में प्रधानमंत्री की दिवाली का जिक्र करते हुए कहा कि सरकार उन स्थितियों को जानना चाहती थी जिनमें जवान रहते हैं.


रक्षा मंत्री ने कहा, ‘‘अलग-अलग तरह के मौसम वाले राज्यों से जवान यहां आते हैं और इतनी ऊंची और दुर्गम जगहों पर राष्ट्र की सेवा करते हैं. यह सराहनीय है.’’


जम्मू-कश्मीर की दो दिन की यात्रा पर आयीं रक्षा मंत्री ने कहा, ‘‘हम जवानों के साथ वक्त बिताने के लिए कटिबद्ध हैं और उनके लिए जो भी संभव होगा करेंगे.’’ वह सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत, उत्तरी सैन्य कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल डी अंबु और जीओसी 14 कोर के लेफ्टिनेंट जनरल एस के उपाध्याय के साथ यात्रा पर हैं.



रक्षा मंत्री ने प्रथम-श्योक पुल का उद्घाटन किया. श्योक गांग नदी पर किया गया यह प्रथम प्रमुख निर्माण कार्य है. सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) के अधिकारियों एवं कर्मियों को संबोधित करते हुए रक्षामंत्री ने कहा कि इतनी ऊंचाई पर पुलों और सड़कों का निर्माण किसी चमत्कार से कम नहीं है.