Saturday, 1 December 2018

जॉर्ज बुश सीनियर: इनकी सरकार ने व्हाइट हाउस में एक सब्जी पर बैन लग गया था


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भूतपूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति जॉर्ज हर्बर्ट वॉकर बुश का 94 वर्ष की आयु में शुक्रवार को निधन हो गया. किसी भी अमेरिकी राष्ट्रपति से अधिक उम्र तक जीने वाले इस राष्ट्रपति का तमाम जीवन और राजनैतिक कार्यकाल दिलचस्प घटनाओं से भरा रहा. इसमें उनके बचपन से लेकर उनकी वैवाहिक जिंदगी भी शामिल है, जो पूरे 73 सालों तक चली. ये अपने-आप में एक रिकॉर्ड है जो अब तक कोई भी अमेरिकी राष्ट्रपति नहीं तोड़ सका है.बुश सीनियर का जन्म 12 जून 1924 को अमेरिका के मिल्टन में हुआ. जन्म के कुछ वक्त बाद ही परिवार ग्रीनविच आ गया, जहां उनकी शुरुआती शिक्षा-दीक्षा हुई. तब अपने प्यारे चेहरे और दिलचस्प बातों की वजह से आसपास के लोग और साथी उन्हें पॉपी पुकारा करते थे. पॉपी अपने चेहरे और बातों की वजह से ही लोकप्रिय नहीं था, बल्कि तभी से वे स्कूली गतिविधियों में आगे रहने लगे. तब कोई नहीं जानता था कि स्कूल का प्रेसिडेंट एक रोज अमेरिका के प्रेसिडेंट की तरह भी काम करेगा.


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दूसरे विश्व युद्ध के दौरान दिसंबर 1941 में पर्ल हार्बर अटैक ने उन्हें इतना व्यथित किया कि उन्होंने पढ़ाई-लिखाई छोड़ दी और अपने 18वें जन्मदिन पर ही यूएस नेवी में शामिल हो गए. यहीं से वे एक के बाद एक खुद को साबित करते गए. वे उस दौर के सबसे कम उम्र के विमान-चालक थे. अगले चार सालों तक यूएस नेवी में काम करने के बाद बुश सीनियर को अपनी छोड़ी हुई पढ़ाई की सुध लौटी और वे येल यूनिवर्सिटी में आर्ट्स में ग्रेजुएशन करने लगे.एक रुपए के नोट क्यों जारी नहीं करता रिजर्व बैंक, जानिए, सबसे छोटे नोट की बड़ी कहानी


नेवी में अपने कार्यकाल के दौरान ही बुश की मुलाकात बारबरा पीयर्स से हुई. मुकालात इश्क में बदली और इनकी शादी किसी भी अमेरिकी राजनैतिक की शादी से लंबी चली. दोनों 73 सालों तक साथ रहे, 6 बच्चों के माता-पिता बने और साथ-साथ कितने ही उतार-चढ़ाव देखे. अप्रैल 2018 में बारबरा की मौत ही इस जोड़े को अलग कर सकी. पत्नी की मौत के बाद बुश सीनियर के हवाले से जारी बयान में कहा गया- हमें यकीन है कि वो जन्नत में है. जिंदगी किसी के न होने पर रुकती नहीं इसलिए परेशानियों को अपनी सूची से निकालकर आज को जिएं…!


वोटर आईडी पर गलत नाम-तस्वीर आ जाए या पता बदल जाए तो ऐसे कराएं सहीबुश सीनियर के मजबूत इरादों की झलक इसी से मिल जाती है कि ग्रेजुएशन खत्म करने के बाद इन्होंने बतौर सेल्समैन शुरुआत की थी और फिर अपने 40वें साल में उनका नाम अमेरिका के जाने-माने कारोबारियों में शामिल हो चुका था. साल 1963 में उनके राजनैतिक करियर की शुरुआत हुई, जब वे टैक्सास से रिपब्लिकन पार्टी के चेयरमैन चुने गए. उपलब्धियों से उनका याराना राजनीति में भी नहीं छूटा, बल्कि मजबूत ही हुआ. वे 1989 में यूएस के 41वें राष्ट्रपति चुने गए. इससे पहले 1981 से 1989 के दौरान वे रोनाल्ड रीगन के कार्यकाल में बतौर उप-राष्ट्रपति सेवाएं दे चुके थे.


अपने पूरे राजनैतिक करियर के दौरान बुश सीनियर ने कई अहम फैसले लिए. कार्यकाल के दौरान बुश ने कुवैत पर इराक के कब्जे को लेकर ऑपरेशन डेजर्ट शील्ड का आदेश दिया, इसके साथ ही उन्होंने इराक की मनमानियों के खिलाफ वैश्विक सहयोग जुटा लिया. अपने इस ऑपरेशन को सफल बनाने के लिए बुश सीनियर ने वहां पर यूएस के बड़े दल-बल को भेज दिया. गेराल्ड फोर्ड के कार्यकाल के दौरान उन्होंने अनौपचारिक तौर पर चीन में राजदूत के तौर पर काम किया और माना जाता है कि इस दौरान अमेरिका और चीन के रिश्ते काफी मजबूत हुए. राष्ट्रपति रहते हुए कई फैसले लिए, जिनमें दिव्यांगों के लिए एक्ट और तकनीकी विकास के कई फैसले काफी अहम रहे.


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निजी जिंदगी में भी बुश सीनियर के कई अलग-अलग पहलू दिखाई देते रहे. जुलाई 2013 में उन्होंने सीक्रेट सर्विस के एक एजेंट के बेटे को कैंसर होने पर उन्होंने फंडिंग को बढ़ावा देने के लिए और परिवार से स्नेह जताने के लिए अपना सिर मुंडा लिया. कैटरीना तूफान के अमेरिका में तबाही मचाने पर बिल क्लिंटन के साथ मिलकर इस वयोवृद्ध पूर्व राष्ट्रपति ने एक फंड की शुरुआत की और इसके लिए बाकायदा कैंपेन भी चलाया.


जीवन का 75वां साल, जिसे आमतौर पर हमारे यहां सपनों का अंत मान लिया जाता है, उसी साल बुश सीनियर ने अपना जन्मदिन अलग अंदाज में मनाया. उन्होंने साथियों के साथ मिलकर स्काईडाइविंग की. पांच सालों बाद दोबारा यही किया और फिर 85वें जन्मदिन पर एक बार फिर यही. अपने 90वें जन्मदिन पर चौथी बार बुश सीनियर ने स्काईडाइविंग की.


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बुश को ब्रोकली सख्त नापसंद थी. राष्ट्रपति बतौर अपने कार्यकाल में उन्होंने व्हाइट हाउस में ब्रोकली पर एक तरह से बैन ही लगा दिया था. इसी बात पर उन्होंने कहा- मुझे ब्रोकली एकदम पसंद नहीं. बचपन में मेरी मां मुझे जबर्दस्ती ब्रोकली खिलाया करती थी. अब मैं अमेरिका का राष्ट्रपति हूं और मैं ब्रोकली कतई नहीं खाऊंगा! अपने मजबूत इरादों और निहायत दिलचस्प जुमलों से लेकर कई अहम राजनैतिक और सामाजिक फैसलों के लिए बुश सीनियर का नाम अमेरिकी किवदंतियों में शामिल हो चुका है.

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