Sunday, 30 September 2018

जींद विधानसभा उपचुनाव नहीं लड़ेगी आप: केजरीवाल


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दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने रविवार को कहा कि उनकी पार्टी जींद विधानसभा उपचुनाव नहीं लड़ेगी. हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया है कि आम आदमी पार्टी अकेले अपने बूते हरियाणा में लोकसभा और विधानसभा चुनाव लड़ेगी.केजरीवाल जाटलैंड के नाम से मशहूर हिरयाणा में अग्रवाल समाज द्वारा आयोजित परिचय सम्मेलन में बतौर मुख्य अतिथि भाग लेने के लिए आए थे. यह कार्यक्रम पूरी तरह से सामाजिक था और इसमें हरियाणा के अलावा पड़ोसी राज्यों के हजारों लोग जुटे हुए थे.


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मुख्यमंत्री ने कहा कि विभिन्न नेताओं ने जींद के लोगों का राजनीतिक रूप से इस्तेमाल किया है. उन्होंने केंद्रीय मंत्री बीरेंद्र सिंह पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि पंचायती विकास मंत्री होने के बावजूद सिंह ने कभी भी पंचायतों को मजबूत करने की बात नहीं की है.यह भी पढ़ें: सुप्रीम आदेश के बाद केजरीवाल ने अफसरों से कहा, सरकार की परियोजनाओं में लाएं तेजी


उन्होंने कहा कि आप हरियाणा में न केवल पंचायतों को मजबूत करने की पक्षधर है, बल्कि सत्ता में आने के बाद गावों के विकास का खाका पंचायत प्रतिनिधियों द्वारा ही तैयार किया जाएगा. उन्होंने कहा कि आप की सरकार में पंचायतों को अधिक अधिकार देकर उन्हें मजबूत बनाया जाएगा.


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दोस्त ने मां को कहे अपशब्द तो काट डाला सिर, फिर थाने जाकर किया सरेंडर


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कर्नाटक के मंड्या जिले में 24 वर्षीय एक शख्स ने झगड़े में अपने दोस्त का सिर कलम कर दिया और फिर कटा हुआ सिर लेकर सरेंडर करने थाने पहुंच गया.पुलिस ने इस घटना की जानकारी देते हुए बताया, ‘पशुपति ने बताया कि 28 वर्षीय गिरीश ने शनिवार को उसकी मां को लेकर आपत्तिजनक बातें कहीं, जिसे लेकर उनके बीच झगड़ा हो गया. इसी दौरान उसने गिरीश का सिर कलम कर दिया.’


मंड्या के पुलिस अधीक्षक शिव प्रकाश देवराजू ने बताया कि आरोपी ने पुलिस के सामने अपना जुर्म कबूल किया है. उसने बताया कि झगड़े के दौरान उसने अपने दोस्त की हत्या कर दी. इसके साथ ही उन्होंने बताया कि इस मामले में केस दर्ज कर आगे की जांच जारी है.


कर्नाटक में पिछले एक महीने के दौरान गला रेतकर हत्या की यह तीसरी घटना है. इससे पहले गुरुवार को श्रीनिवासपुरा में एक शख्स एक महिला का कटा हुआ सिर लेकर थाने पहुंचा था. वहीं चिंकमंगूलर में 11 सितंबर को हुई ऐसी ही एक घटना में एक शख्स अपनी पत्नी का कटा सिर लेकर पुलिस थाने में सरेंडर करने आया था. उस शख्स को शक था कि उसकी पत्नी का किसी के साथ अवैध संबंध है. मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, उस शख्स ने अपनी पत्नी को दूसरे शख्स के साथ पकड़ लिया था. इस दौरान उसने दोनों पर हमला किया, हालांकि वह शख्स वहां से फरार हो गया. इस हमले में उसे शख्स को भी चोटें आई थीं.


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संयुक्त राष्ट्र के 'चैंपियंस ऑफ द अर्थ' सम्मान के सबसे बड़े हकदार थे गांधीजी: PM मोदी


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प्रधामंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को कहा कि स्वच्छता महात्मा गांधी के जीवन का महत्वपूर्ण पहलू था और वह संयुक्त राष्ट्र के ‘चैंपियंस ऑफ द अर्थ’ सम्मान के सबसे बड़े हकदार थे. पीएम ने कहा कि गांधीजी कहा करते थे कि अगर उन्हें सफाई और आजादी में से किसी एक को चुनना पड़े तो वह पहले सफाई को चुनेंगे. सफाई को लेकर उनकी इस तरह की प्रतिबद्धता थी.प्रधानमंत्री ने गुजरात के राजकोट में महात्मा गांधी के एक संग्रहालय का उद्घाटन करने के बाद कहा कि प्रत्येक भारतीय को अपने दिल में यह बात रखनी चाहिए कि बापू ने देश के लिए सबकुछ छोड़ दिया था और देश को विदेशी शासन के पंजों से मुक्त कराया था. पीएम मोदी ने इस बात पर भी जोर दिया कि उनके चार साल के कार्यकाल में स्वच्छता का दायरा कई गुना बढ़ गया है. उन्होंने कहा कि 2014 से पहले देश में स्वच्छता का दायरा महज 35 प्रतिशत था जो एनडीए सरकार के चार साल के शासन में 95 प्रतिशत तक बढ़ गया है.


पीएम मोदी ने आगे कहा कि संयुक्त राष्ट्र ने बताया कि स्वच्छता अभियान से तीन लाख बच्चों को बचाया गया. इससे बड़ा मानवता का कार्य क्या हो सकता है. पीएम ने कहा कि उन्हें ‘चैंपियन्स ऑफ द अर्थ’ पुरस्कार मिलने पर लोगों ने ताली बजाकर उनका अभिनंदन किया लेकिन इस सम्मान के सबसे बड़े हकदार महात्मा गांधी और इस देश के 125 करोड़ नागरिक हैं.


गुजरात में बोले PM मोदी- जन धन, वन धन और गोबर धन पर हमारा फोकसबता दें कि हाल ही में पीएम मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति एमैनुएल मैक्रों को संयुक्त राष्ट्र के सबसे बड़े पर्यावरण सम्मान ‘चैंपियंस ऑफ द अर्थ’ से नवाजा गया था. अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन के लिए काम करने और पर्यावरण पर सहयोग के नये क्षेत्रों को बढ़ावा देने की दिशा में योगदान के लिए उन्हें सम्मानित किया गया है.


पीएम मोदी और मैक्रों बने ‘चैंपियंस आॅफ द अर्थ’, UN ने दिया अवॉर्ड


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शिवसेना सांसद संजय राउत का बयान, राफेल करार 'बोफोर्स का भी बाप'


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राफेल सौदे को लेकर एनडीए के सहयोगी दल शिवसेना ने मोदी सरकार पर जमकर निशाना साधा है. शिवसेना ने राफेल सौदे को ‘बोफोर्स का बाप’ करार दिया है. पार्टी के वरिष्ठ नेता संजय राउत ने कहा कि इस सौदे के खिलाफ बार-बार बोलने से देश की राजनीति में राहुल गांधी का महत्व बढ़ा है.पार्टी के मुखपत्र ‘सामना’ में राउत ने कहा कि जिन लोगों ने बोफोर्स सौदे में कांग्रेस नेता सोनिया गांधी के रिश्तेदार पर 65 करोड़ रुपये की घूस लेने का आरोप लगाया था वे अब सत्ता में हैं. आज उन्हीं पर राफेल विमान सौदे में 700 करोड़ रूपये की घूस लेने का आरोप है. उन्होंने कहा कि यह राफेल सौदा बोफोर्स का बाप है.


राउत ने बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा कि सौदे पर पूर्व फ्रांसीसी राष्ट्रपति फ्रांस्वा ओलांद का दावा कांग्रेस अध्यक्ष का समर्थक कहा जाए या एक ‘राष्ट्र विरोधी’ करार दिया जाए. शिवसेना नेता ने कहा कि जब प्रत्येक विमान का सौदा 527 करोड़ रूपये के हिसाब से कर दिय गया था, तो फिर मोदी सरकार के कार्यकाल में इस सौदे को बढ़ाकर 1570 करोड़ रूपये में क्यों किया गया. इसका मतलब बिचौलिये को प्रति विमान करीब 1,000 करोड़ रूपये की दलाली मिली.


ILFS बेलआउट: राहुल गांधी ने पीएम मोदी पर साधा निशाना, कहा- चौकीदार की दाढ़ी में तिनकाराउत ने बीजेपी के उन आरोपों को हास्यास्पद करार दिया है. जिसमें सौदे को लेकर राहुल गांधी द्वारा की जा रही आलोचना पाकिस्तान की भाषा बोलने और उसकी मदद करने वाली बताई जा रही है. उन्होंने कहा कि यही आरोप बोफोर्स सौदे (1980 के दशक के आखिरी वर्षों में) के दौरान कांग्रेस के खिलाफ लगाए गए थे. क्या तब इससे पाकिस्तान की मदद नहीं हो रही थी? जो सत्ता में हैं वे बोफोर्स को एक घोटाला मानते हैं. हालांकि वे यह मानने को तैयार नहीं कि राफेल भी एक घोटाला है.


राज्यसभा सांसद ने कहा कि देश में सिर्फ राहुल गांधी राफेल करार के खिलाफ बोल रहे हैं, जबकि बाकी सभी राजनीतिक दल खामोश हैं. इसलिए राहुल अब देश की राजनीति में ज्यादा महत्व पा रहे हैं.


राफेल डील पर बोले वीके सिंह- सारा धुआं छट जाएगा, क्योंकि यहां कोई असली आग ही नहीं


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पेट्रोल और डीजल के दाम में इजाफा जारी, मुंबई में पेट्रोल 91 के पार


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पेट्रोल और डीजल के दाम में बढ़ोतरी जारी है. पूरे देश में सोमवार को पेट्रोल के दाम में 24 पैसे की बढ़ोतरी दर्ज की गई है जबकि डीजल के दाम  में 32 पैसे का इजाफा देखा जा रहा है. देश की राजधानी दिल्‍ली में पेट्रोल 83.73 रुपये प्रति लीटर बेचा जा रहा है जबकि डीजल 75.09 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है.पेट्रोल और डीजल के दाम से मुंबई के लोग सबसे ज्‍यादा परेशान दिखाई दे रहे हैं. मुंबई में पेट्रोल के दाम 91 रुपये को पार कर गए हैं. सोमवार को माया नगरी में पेट्रोल 91.08 रुपये प्रति लीटर बेचा जा रहा है जबकि डीजल 79.72 रुपये प्रति लीटर बेचा जा रहा है. इसी तरह कोलकाता में पेट्रोल 85.53 रुपये प्रति लीटर बेचा जा रहा है जबकि डीजल 76.94 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है. रविवार की बात करें तो कोलकाता में रविवार को पेट्रोल 85.30 रुपये प्रति लीटर बेचा जा रहा था, जबकि डीजल 76.64 रुपये प्रति लीटर बेचा जा रहा था.




चेन्‍नई में भी लगभग यही हाल देखने को मिल रहा है. चेन्‍नई में पेट्रोल 25 पैसे के इजाफे के साथ 87.05 रुपये प्रति लीटर बेचा रहा है जबकि डीजल 79.40 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है.


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अब गांव का हर सरकारी स्कूल होगा डिजिटल, उपराष्ट्रपति ने किया शुभारंभ


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देश में डिजिटल स्कूल की शुरुआत ग्वालियर से हो चुकी है. इसका शुभारंभ उपराष्ट्रपति ने 29 सिंतबर को रिमोट दबाकर किया. शुरुआत में ग्वालियर के 100 सरकारी स्कूलों को डिजिटलाइज्ड किया गया है. आने वाले दिनों में पूरे देश के सरकारी स्कूलों को किया जाएगा. इस मौके पर केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर मौजूद थे. इस ड्रीम प्रोजेक्ट में ‘नरेद्र सिंह तोमर’ का महत्वपूर्ण योगदान है. केंद्रीय मंत्री के अलावा मंच पर प्रदेश सरकार के उच्च शिक्षा मंत्री जयभान सिंह पवैया, नगरीय विकास और आवास मंत्री माया सिंह, महापौर विवेक नारायण शेजवलकर, ग्वालियर ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र के विधायक भारत सिंह कुशवाहा, जिला पंचायत की अध्यक्ष श्रीमती मनीषा भुजबल सिंह यादव, हिंदुस्तान जिंक लिमिटेड के सीईओ सुनील दुग्गल और मुस्कान फाउंडेशन के अभिषेक दुबे भी उपस्थित थे.


क्या है ‘मेरा स्कूल, डिजिटल स्कूल’?


‘मेरा स्कूल, डिजिटल स्कूल’ केंद्रीय ग्रामीण विकास, खनन एवं पंचायती राज मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर की एक पहल हैंइस मुहिम से वो गांव के सरकारी स्कूलों में पढ़ रहे बच्चों को एक स्वस्थ माहौल दे रहे हैं ताकि देश का विकास सच्चे रूप में विकास हो सके.


इस मुद्दे पर केंद्रीय मंत्री कहते हैं देश डिजिटल हो रहा है. हर कोई सूचना के इस संचार से जुड़ना चाह रहा है, ऐसे में हम चाहते हैं कि गांव-देहात के सरकारी स्कूलों में पढ़ रहे बच्चे भी आगे बढ़ें और अपना भविष्य संवारे. डिजिटल स्कूल हमारा ड्रीम प्रोजेक्ट है, यह एक कोशिश है. इसके द्वारा गांव के बच्चे देश के विकास में अपनी भागीदारी निभा सकते हैं और गर्व से कह सकते हैं कि हम किसी से कम नहीं हैं. साथ ही साथ मंत्री ने इस कार्यक्रम को देश के पूर्व प्रधानमंत्री व भाजपा के संस्थापक अटल बिहारी वाजेपयी  को समर्पित किया.


वीडियो देखें


अटलजी को सपर्पित है ये कार्यक्रम


कार्यक्रम में उपस्थित उपराष्ट्रपति एम. वेंकैया नायडू ने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में गांव एवं शहर के अंतर को कम करने के लिये साझा प्रयासों की जरूरत है और ग्रामीण डिजिटल स्कूलों का यह मॉडल पूरे देश के लिए प्रेरणादायी है.  डिजिटल स्कूलों ने देश को महत्वपूर्ण एवं बड़ा संदेश दिया है. ग्रामीण विद्यार्थी अब डिजिटल तरीके से विज्ञान व गणित की पढ़ाई करेंगे. यह प्रोजेक्ट से हम नए भारत के निर्माण की ओर तेजी से कदम बढ़ा सकते हैं, ये वो भारत है जिसकी कल्पना पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजेपयी ने किया था. इस कार्यक्रम के लिए मुस्कान ड्रीम्स के संस्थापक अभिषेक दुबे व पूरी टीम को तहेदिल से बधाई देना चाहता हूं.



इस लड़के की ज़िद से डिजिटल हुए 100 सरकारी क्लास


“ख़ुदी को कर बुलंद इतना कि हर तक़दीर से पहले ख़ुदा बंदे से ख़ुद पूछे बता तेरी रज़ा क्या है” लिखने वाले क्या ख़ूब लिखा है. उपर्युक्त पंक्तियां ग्वालियर के रहने वाले अभिषेक दुबे पर सटीक बैठता है. आज से ठीक 5 साल पहले यानी 2013 मेंअपने साथियों की तरह अभिषेक अपनी करियर बनाना चाहते थे. करियर के लिए उन्होंने ग्वालियर के एक प्रतिष्ठित संस्थान आईटीएम में एडमिशन लिया. पढ़ाई में मन भी लग रहा था और पढ़ाई भी करना चाहता थे, मगर ग़रीब और बेसहारा बच्चों की पढ़ाई ने झकझोर दिया. वो बच्चों की पढ़ाई के लिए हमेशा चिंतित रहने लगे. समय बीतता गया और अभिषेक की चिंता भी बढ़ती गई. पढ़ाई के दौरान अपना समय निकालकर बच्चों को पढ़ाते थे, मगर अभिषेक के साथ समस्याएं आने लगीं. इजीनीयरिंग की पढ़ाई कर रहे थे ऐसे में प्रोजेक्ट्स और होम वर्क भी मिल रहे थे. अभिषेक ने ठान लिया कि बच्चों का भविष्य सुधारेंगे, इसके लिए पढ़ाई बीच में ही छोड़ दी. अभिषेक के इस कदम से उनके पिताजी दुखी हुए और गुस्से में कह दिया कि या तो पापा चुन लो या फिर बच्चे. अभिषेक के लिए बहुत ही कठिन समय था, मगर हिम्मत नहीं हारी और बच्चों के चेहरे पर मुस्कान लाने में लग गए.


दोस्तों ने मदद की


अभिषेक की मेहनत रंग लाई. साथ में पढ़ रहे साथियों ने अभिषेक की मदद की और शेल्टर होम्स में रह रहे बच्चों को पढ़ाने में लग गए. इतना ही नहीं, दोस्तों की मदद से 2014 में मुस्कान ड्रीम्स नाम की संस्था की स्थापना की. अभिषेक अपने धून में रम गए. इसी बीच बच्चों को स्कूल किट देने का वर्ल्ड रिकॉर्ड भी बनाया. इस काम में केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर और आईटीएम के प्रबंधक दौलत सिंह ने सहयोग किया.



कैसा होता है डिजिटल स्कूल?


यूं तो डिजिटल स्कूल के बारे में में कई ख़बरें पढ़ने, देखने व सुनने को मिलती हैं, मगर हक़ीक़त कुछ और ही होती है. आइए, आपको वास्तविक डिजिटल स्कूल की ख़ासियत के बारे में बताते हैं.


स्कूलों का सौंदर्यीकरण- सरकारी स्कूलों की मरम्मत की जाती है. उसके बाद दीवारों पर चर्चित कार्टून्स की पेंटिंग की जाती है. साथ ही साथ महापुरुषों के अनमोल विचारों को भी लिखा जाता है.


दीवारों पर एटलस- बच्चों का प्रैक्टिकल ज्ञान बढ़ाने के लिए दीवारों पर एटलस लगाए गए हैं. इसके अलावा फोटो सिंथेसिस चार्ट से लेकर बॉडी डायग्राम बनाए गए हैं. साथ ही साथ इस स्कूल में प्रोजेक्टर से पढ़ाई की व्यवस्था की गई है.


डिजिटल लर्निंग-  स्कूल में 2 कम्प्यूटर लगवाए जाते हैं. इनकी मदद से बच्चों को पढ़ाया जाता है.


प्रोजेक्टर- क्लासरूम में प्रोजेक्टर भी लगवाए गए हैं, इसकी मदद से बच्चों को बड़े पर्दे पर पढ़ाया जाता है.


कंटेंट- पढ़ाई को रोचक बनाने के लिए कंटेंट पर काम किया गया है. EXTRA MARKS नाम की कंपनी ने विशेष तौर पर बच्चों के लिए पढ़ाई का कंटेंट तैयार किया है. इसकी मदद से बच्चे आसानी से पढ़ते हैं.


टीचर्स ट्रेनिंग-  स्कूल में कक्षा 6 से 8वीं की 109 छात्राएं अध्ययनरत हैं. प्रोजेक्टर के जरिए हर क्लास की छात्राओं को 2-2 घंटे पढ़ाया जाएगा.



इस पूरे कार्यक्रम और कोर्स डिजाइनिंग पर मुस्कान ड्रीम्स के संस्थापक अभिषेक दुबे बताते हैं कि हमारा मक़सद गांव के बच्चों को बेहतर भविष्य देना है. हम चाहते हैं कि कोई उनकी ग़रीबी पर दया न करे. अगर उनको अच्छी पढ़ाई मिल गई तो वो अपना रास्ता और भविष्य ख़ुद बना लेंगे. मुस्कान ड्रीम्स से जुड़े सभी लोग इस उद्धेश्य के साथ आगे बढ़ रहे हैं. पहले बच्चों को पढ़ाई में कम इंटरेस्ट था, मगर अब वो पढ़ना चाहते हैं. आने वाले दिनों में यही बच्चे देश का भविष्य बनेंगे. हमें ख़ुशी है कि हमें सभी का साथ मिल रहा है.


बहुत कम लोग होते हैं जो गांव के विकास के बारे में सोचते हैं. आज अभिषेक जैसे लोगों के कारण कई बच्चों और गरीब परिवारों के चेहरे पर ख़ुशियां आ रही हैं. 29 सितंबर को ग्वालियर के मेला ग्राउंड में यह कार्यक्रम  संपन्न हुआ. इस कार्यक्रम में सभी स्कूलों के बच्चों को बुलाया गया था. वहीं ग्वालियर जिले से 40 किमी दूर चीनौर ग्राम में स्थित मिडिल स्कूल के छात्राओं को विशेष तौर पर आमंत्रित किया गया था. ये वही जगह है, जहां से डिजिटल स्कूल की शुरुआत हुई.


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यहां पढ़ने वाली छात्राएं बहुत ख़ुश थीं. उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि एक दिन वो उपराष्ट्रपति के साथ बैठकर फ़ोटो खींचवाएंगी. 15 साल की दिव्या बताती हैं कि एक समय ऐसा था, जब गांव में स्कूल नाम मात्र का था. लोग सिर्फ़ नाम लिखवाते थे ताकि डिग्री मिल जाए, मगर आज गांव की ही नहीं आस-पास के इलाके की बी लड़कियां कंप्यूटर की पढ़ाई करने आती हैं. ये हमारे लिए किसी सपने से कम नहीं है.



दिव्या के साथ आईं एक टीचर जो स्कूल में ही कंप्यूटर पढ़ाती हैं. उन्होंने बताया कि हमें पहले कंप्यूटर चलाना नहीं आता था. मगर हमने इसी स्कूल से सीखा और बच्चों को पढ़ा रही हूं. आज इसके कारण ज़िंदगी में बहुत बदलाव हो रहे हैं.


सोचिए, भारत के कई गांवों में स्कूल नहीं हैं, कई ऐसे स्कूल हैं जहां टीचर नहीं हैं, जहां टीचर और स्कूल हैं वहां पढ़ाने वाला कोई नहीं है. अगर ऐसे में डिजिटल देश की ज़रूरत बन गई है. आज वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के ज़रिए कम ख़र्चे पर पूरे देश के बच्चों को बेहतरीन शिक्षा दी जा सकती है. आने वाले दिनों में ये संभव भी है.


 


 


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2019 चुनाव: 'चाय पे चर्चा' के ज़रिए आम आदमी से जुड़ने की कोशिश में AAP


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अगले साल होने वाले लोकसभा चुनाव में दमदार उपस्थिति दर्ज़ कराने के लिए कमर कस चुकी आम आदमी पार्टी ने राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में मतदाताओं तक पहुंचने के लिए ‘चाय पे चर्चा’ का रास्ता अपनाया है.’चाय पे चर्चा’ 2014 के लोकसभा चुनाव से पहले सुर्खियों में आयी थी जब भारतीय जनता पार्टी के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी ने देशभर में मतदाताओं से संवाद करने के लिए ये तरीका अपनाया था. आप, दिल्ली में एक भी सीट नहीं जीत पायी थी. हालांकि उसने पंजाब में चार लोकसभा सीटें जीती थीं.


वैसे अरविंद केजरीवाल की अगुवाई वाली आप ने कहा कि उसने बीजेपी से ये अवधारणा उधार नहीं ली है. पूर्वोत्तर दिल्ली निर्वाचन क्षेत्र के आप प्रभारी दिलीप पांडे ने कहा, ‘हम आम आदमी तक पहुंचने के लिए 2012 की सर्दियों से ही चाय पे चर्चा कर रहे हैं.’


पार्टी पहले ही दिल्ली में सात में से पांच लोकसभा सीटों के प्रभारियों की घोषणा कर चुकी है. पांडे ने कहा कि आप ने उनके निर्वाचन क्षेत्र में अब तक 300 ‘चाय पे चर्चा’ बैठकें की हैं. पार्टी के एक अन्य नेता ने कहा कि शेष संसदीय क्षेत्रों में भी ऐसी बैठकों की योजना बनायी गयी है.पार्टी सूत्रों ने कहा कि फरवरी 2014 में अहमदाबाद में हुई मोदी की चाय पे चर्चा, जिसे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग और टेलीविजन चैनलों के माध्यम से पूरे देश में दिखाया गया था, उसके विपरीत आप की बैठकें ज्यादा करीब और सीधी होती हैं, जहां स्थानीय मुद्दे और राजनीतिक विषय चर्चा के केंद्र में होते हैं.


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