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प्रधामंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को कहा कि स्वच्छता महात्मा गांधी के जीवन का महत्वपूर्ण पहलू था और वह संयुक्त राष्ट्र के ‘चैंपियंस ऑफ द अर्थ’ सम्मान के सबसे बड़े हकदार थे. पीएम ने कहा कि गांधीजी कहा करते थे कि अगर उन्हें सफाई और आजादी में से किसी एक को चुनना पड़े तो वह पहले सफाई को चुनेंगे. सफाई को लेकर उनकी इस तरह की प्रतिबद्धता थी.प्रधानमंत्री ने गुजरात के राजकोट में महात्मा गांधी के एक संग्रहालय का उद्घाटन करने के बाद कहा कि प्रत्येक भारतीय को अपने दिल में यह बात रखनी चाहिए कि बापू ने देश के लिए सबकुछ छोड़ दिया था और देश को विदेशी शासन के पंजों से मुक्त कराया था. पीएम मोदी ने इस बात पर भी जोर दिया कि उनके चार साल के कार्यकाल में स्वच्छता का दायरा कई गुना बढ़ गया है. उन्होंने कहा कि 2014 से पहले देश में स्वच्छता का दायरा महज 35 प्रतिशत था जो एनडीए सरकार के चार साल के शासन में 95 प्रतिशत तक बढ़ गया है.
पीएम मोदी ने आगे कहा कि संयुक्त राष्ट्र ने बताया कि स्वच्छता अभियान से तीन लाख बच्चों को बचाया गया. इससे बड़ा मानवता का कार्य क्या हो सकता है. पीएम ने कहा कि उन्हें ‘चैंपियन्स ऑफ द अर्थ’ पुरस्कार मिलने पर लोगों ने ताली बजाकर उनका अभिनंदन किया लेकिन इस सम्मान के सबसे बड़े हकदार महात्मा गांधी और इस देश के 125 करोड़ नागरिक हैं.
गुजरात में बोले PM मोदी- जन धन, वन धन और गोबर धन पर हमारा फोकसबता दें कि हाल ही में पीएम मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति एमैनुएल मैक्रों को संयुक्त राष्ट्र के सबसे बड़े पर्यावरण सम्मान ‘चैंपियंस ऑफ द अर्थ’ से नवाजा गया था. अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन के लिए काम करने और पर्यावरण पर सहयोग के नये क्षेत्रों को बढ़ावा देने की दिशा में योगदान के लिए उन्हें सम्मानित किया गया है.
पीएम मोदी और मैक्रों बने ‘चैंपियंस आॅफ द अर्थ’, UN ने दिया अवॉर्ड
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