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इतिहास पर नजर दौड़ाएं तो टीम इंडिया की तेज गेंदबाजी को लेकर बहुत कम बातें होती रही हैं लेकिन अब समय बदल गया है. इस ऑस्ट्रेलिया दौरे के पहले भारतीय तेज गेंदबाज खासे लाइमलाइट में रहे थे. क्योंकि उन्होंने द. अफ्रीका और इंग्लैंड में कहर बरपाया था. पहले टेस्ट की पहली पारी में ऑस्ट्रेलिया को टीम इंडिया ने 235 रन पर समेट दिया और इस दौरान 15 रन की बढ़त हासिल की. दिलचस्प बात ये रही कि इस दौरान 10 में से 7 विकेट भारतीय तेज गेदबाजों ने झटके. इसके साथ ही भारतीय तेज गेंदबाजों ने 22 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ दिया है.साल 2018 में ले डाले 118 विकेट:
दरअसल भारतीय तेज गेंदबाजों ने एक कैलेंडर ईयर में सबसे बेहतर औसत के साथ गेंदबाजी करने का रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है. साल 1996 में इसके पहले भारत ने 4 टेस्ट खेले थे और 28.09 की औसत और 57.40 के स्ट्राइक रेट से 52 विकेट झटके थे. इस दौरान टीम इंडिया के तेज गेंदबाजों ने 13 विकेट प्रति मैच के हिसाब से झटके थे.
ये भी पढ़ें: अश्विन-बुमराह ने उड़ाए ऑस्ट्रेलिया के होश, एडिलेड में भारत की वापसीबहरहाल, साल 2018 में इस मामले में भारतीय तेज गेंदबाज काफी आगे निकल गए हैं. इस साल भारतीय तेज गेंदबाज अभी नौवां टेस्ट खेल रहे हैं. इस दौरान उन्होंने 25.90 की औसत और 50.20 के बेहतर स्ट्राइक रेट के साथ 118 विकेट झटके हैं. ये भारत के तेज गेंदबाजों का किसी भी कैलेंडर ईयर में सबसे ज्यादा विकेट लेने का रिकॉर्ड भी है. साथ ही साल 2018 में टीम इंडिया ने 13.11 विकेट प्रति मैच झटके हैं. इस तरह से मौजूदा तेज गेंदबाजी आक्रमण ने अपने आपको भारतीय क्रिकेट इतिहास का सर्वश्रेष्ठ आक्रमण साबित कर दिया है.
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