Wednesday, 28 February 2018

शेयर बाजार में गिरावट, सेंसेक्स 41-निफ्टी 6 अं‍क नीचे


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 इस कारोबारी हफ्ते के चौथे दिन गुरुवार को शेयर बाजार ने तेजी के साथ शुरुआत की. वैश्व‍िक बाजार से मिले मजबूत संकेतों के चलते सुबह शेयर बाजार ने बढ़त के साथ शुरुआत की. गुरुवार को सेंसेक्स 67.57 अंकों की बढ़त के साथ 34251 के स्तर पर खुला. 

वहीं, निफ्टी ने भी 26.80 अंकों की रफ्तार भरी है और यह 10519.65 के स्तर पर खुला है. हालांकि शुरुआती कारोबार में पीएसयू बैंकों के शेयरों में कमजोरी नजर आई.


इसकी वजह से बाजार में फिर कमजोरी का दौर शुरू हो गया है. फिलहाल (10.44AM) पर सेंसेक्स 40.97 अंक गिरकर 34,143.07 के स्तर पर कारोबार कर रहा है.


वहीं, निफ्टी 5.70 अंकों की गिरावट के साथ 10,487.15 के स्तर पर कारोबार कर रहा है. शुरुआती कारोबार में ऑटो और फार्मा शेयरों में तेजी द‍िख रही है.      


रुपया 2 पैसे टूटा


इस कारोबारी हफ्ते के चौथे दिन रुपया कमजोर हुआ है. रुपये ने डॉलर के मुकाबले गिरावट के साथ शुरुआत की. गुरुवार को रुपया डॉलर के मुकाबले 2 पैसे की गिरावट के साथ 65.20 के स्तर पर खुला है.

आइडिया 4जी वीओएलटीई सेवा की शुरुआत 1 मार्च से


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टेलीकॉम कंपनी आइडिया 1 मार्च से 4जी वीओएलटीई सेवा शुरू करने जा रही है। शुरुआती तौर पर यह सेवा जियो की तरह कंपनी अपने कर्मचारियों को देगी। मार्च के पहले 15 दिन के भीतर आइडिया की वीओएलटीई सेवा 30 शहरों समेत 4 सर्कल में शुरू की जाएगी। कोच्चि, त्रिवेंद्रम, कालीकट, पुणे, नासिक, नागपुर, अहमदाबाद, सूरत, राजकोट और हैदराबाद इन शहरों में शामिल होंगे। आइडिया की 18 अप्रैल तक सभी 20 4जी सर्कल में वीओएलटीई सेवा लागू करने की योजना है। बता दें कि कर्मचारियों से इतर यह सेवा आम आइडिया यूज़र के लिए कब से शुरू होगी, इसे लेकर कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई है।

जैसा कि हमने पहले बताया, शुरुआत में यह सेवा कंपनी के कर्मचारियों को दी जाएगी। कर्मचारी कंपनी द्वारा प्रदान की गई सेवा के ज़रिए आम कॉल की तुलना में एचडी कॉल क्वालिटी का अनुभव कर पाएंगे। इस सेवा के ज़रिए वॉयस कॉल के दौरान भी इंटरनेट सेवा का निर्बाध ढंग से लाभ उठाया जाना संभव होगा। 4जी नेटवर्क के दायरे से बाहर आने पर यूज़र अपने आप 3जी व 2जी पर शिफ्ट हो सकेंगे। इस सेवा के साथ ही आइडिया तमाम हैंडसेट निर्माताओं के साथ साझेधारी कर अपना वीओएलटीई बाज़ार बढ़ाएगी।


ज्ञात हो, 4जी वीओएलटीई तकनीक के साथ अपनी 4जी सेवाओं की शुरुआत कर रिलायंस जियो ने एयरटेल और वोडाफोन जैसी बड़ी कंपनियों को मात दी थी। जवाब में सालभर बाद एयरटेल ने अपनी 4जी वीओएलटीई सेवाओं की शुरुआत मुंबई से की। इसी साल जनवरी से वोडाफोन ने भी अपने सुपरनेट 4जी ग्राहकों को वॉयस ओवर एलटीई सेवा का लाभ देना शुरू किया था। आइडिया, वीओएलटीई सेवा उपलब्ध कराने वाली भारत की चौथी कंपनी होगी। आइडिया यूज़र को वीओएलटीई सेवाओं के लिए अपनी स्मार्टफोन कंपनी पर निर्भर होना होगा। इस फीचर के लिए सबसे पहले स्मार्टफोन में वीओएलटीई के लिए सपोर्ट होना ज़रूरी है। इसके बाद ही एचडी वॉयस कॉल का मज़ा लिया जा सकेगा।

बीएसएनएल का 'होली धमाका' प्लान लॉन्च, 399 रुपये में मिलेगा 30 जीबी डेटा


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जियो, एयरटेल और वोडाफोन से सरकारी टेलीकॉम कंपनी बीएसएनएल की टक्कर लगातार तेज़ हो रही है। एक के बाद एक किफायती प्लान लाने की कड़ी में अब बीएसएनएल ने 399 रुपये वाला ‘होली धमाका’ प्लान लॉन्च किया है, जो यूज़र को 30 जीबी डेटा देगा। इस प्लान में असीमित कॉल सेवा भी जुड़ी हुई है। यह प्लान पोस्टपेड ग्राहकों के लिए होगा और इसे 1 मार्च से लिया जा सकता है। इसकी वैधता एक बिलिंग साइकल (28-31 दिन तक) होगी।

399 रुपये के इस प्लान में 30 जीबी डेटा यूज़र को मिलेगा, जिसमें प्रतिदिन डेटा इस्तेमाल की कोई सीमा नहीं होगी। यह प्लान, नए और मौज़ूदा, दोनों तरह के ग्राहकों के लिए है। सब्सक्राइबर से एसटीडी और लोकल कॉल का चार्ज नहीं लिया जाएगा। साथ ही रोमिंग में की गईं कॉल भी पूरी तरह मुफ्त होंगी। ध्यान रहे, बीएसएनएल की 4जी सेवा फिलहाल केरल के कुछ सर्कल में ही लागू हैं। हालांकि, कंपनी ने देश के भीतर 10 सर्कल में 4जी वीओएलटीई सर्विस देने की दिशा में नोकिया से हाथ मिलाया है।


बता दें कि कुछ दिन पहले बीएसएनएल के चेयरमैन और प्रबंध निदेशक अनुपम श्रीवास्तव ने 399 रुपये वाले प्लान की पुष्टि एक यूज़र से ट्विटर पर हुई बातचीत में की थी। प्रतियोगिता की बात करें तो 399 रुपये में एयरटेल और वोडाफोन 20 जीबी डेटा देते हैं, जबकि आइडिया इस लाभ के लिए यूज़र से 389 रुपये लेती है। जियो का 409 रुपये वाला पोस्टपेड प्लान 30 जीबी डेटा के साथ आता है, जिसमें डेटा के दैनिक इस्तेमाल में कोई बाध्यता शामिल नहीं होती।


बीएसएनएल ने हाल में कुछ किफायती प्लान लॉन्च किए हैं। 99  रुपये में 26 दिन और 319 रुपये वाले प्लान में 84 दिन की वैधता यूज़र को मिलती है। साथ ही 448 रुपये का भी एक प्लान है, जो यूज़र को 1 जीबी डेटा प्रतिदिन देता है। साथ ही असीमित कॉल का लाभ भी ग्राहकों को इसमें मिलता है। इसके अलावा प्रीपेड यूज़र के लिए बीते दिन ही बीएसएनएल ने 448 रुपये का नया अनलिमिटेड पैक लॉन्च किया है, जो यूज़र को 84 दिनों तक असीमित कॉल, 1 जीबी डेटा प्रतिदिन समेत पीआरबीटी सेवा का लाभ देगा। यह पैक देशभर के सभी सर्कल में लागू किया गया है।

सैमसंग गैलेक्सी जे8 बेंचमार्क साइट पर लिस्ट, 3 जीबी रैम होने का पता चला


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गैलेक्सी एस9 और एस9 प्लस जैसे फ्लैगशिप स्मार्टफोन के साथ अब सैमसंग बजट फोन पर भी फोकस कर रही है। पहले हमें बेंचमार्क पर गैलेक्सी जे6 दिखा था और अब गीकबेंच लिस्टिंग में गैलेक्सी जे8 देखा गया है। इसी साल जनवरी में भी यह हैंडसेट इसी बेंचमार्क साइट पर देखा गया था। गीकबेंच के मुताबिक, संभावित सैमसंग जे8 स्मार्टफोन SM-J800FN मॉडल नंबर के साथ देखा गया है। वहीं, पिछली लिस्टिंग भी ऐसा ही फोन देखा गया है, जिसे सैमसंग गैलेक्सी जे8 माना गया था।

इसका मॉडल नंबर SM-J720F था। जीएफएक्सबेंच पर भी इस मॉडल के देखे जाने की खबरें आई थीं। अब जो नई लिस्टिंग आई है, उसके मुताबिक, हैंडसेट में एक्सीनोस 7870 प्रोसेसर का इस्तेमाल हुआ है, जिसे कंपनी ने साल 2016 में लॉन्च किया था। बता दें कि एस्कसीनोस 7 ऑक्टा 7870, 8 कॉर्टेक्स-ए53 कोर वाला प्रोसेसर है, जिसकी सर्वाधिक क्लॉक स्पीड 1.6 गीगाहर्ट्ज़ है।


इसके अतिरिक्त फोन में 3 जीबी रैम दिए गए हैं और यह एंड्रॉयड 8.0 ओरियो पर चलता है। ध्यान रहे, पिछली लिस्टिंग में 4 जीबी रैम दिए जाने की बात सामने आई थी। कैमरे की बात करें तो लिस्टिंग के मुताबिक, इसके फ्रंट व रियर कैमरे 16 मेगापिक्सल तक के हो सकते हैं। वहीं, डुअल कैमरा होने की स्थिति में दोनों कैमरे 8-8 मेगापिक्सल के हो सकते हैं। इसके अलावा अपुष्ट जानकारी है कि फोन में 5.5 इंच का डिस्प्ले होगा, जिसका रिजॉल्यूशन 720×1280 पिक्सल होगा।


ज्ञात हो, टेक्नॉलजी के सबसे बड़े शो एमडब्ल्यूसी 2018 में सैमसंग ने अपने दो फ्लैगशिप फोन एस9 और एस9 प्लस से पर्दा उठाया है। ये स्मार्टफोन मार्च के पहले सप्ताह तक भारतीय बाज़ार में दस्तक दे देंगे। इन फ्लैगशिफ फोन के प्री-ऑर्डर शुरू हो चुके हैं।

पाक ने किया FATF द्वारा बतायी गयी कमियों पर ध्यान देने का ऐलान


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पाकिस्तान ने बुधवार को फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (एफएटीएफ) द्वारा उसके मनी लांड्रिंग और टेरर फंडिंग रोकने वाले ढांचे में बतायी गयी कमियों पर ध्यान देने के लिए और कार्यवाही करने का ऐलान किया.गौरतलब है कि 37 सदस्यों वाले संगठन एफएटीएफ ने पिछले हफ्ते पेरिस में अपनी एक अहम बैठक में पाकिस्तान को उन देशों की एक निगरानी सूची में डालने का फैसला किया जहां आतंकवादी संगठनों को धन जुटाने की अब भी मंजूरी मिली हुई है.


हालांकि, पाकिस्तान का नाम नहीं लिया गया, उसे अप्रैल तक मनी लांड्रिंग और टेरर फंडिंग से निपटने से जुड़े संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्तावों पर अमल करने को लेकर एक वर्क प्लानिंग देनी होगी. ऐसा ना करने पर उसका नाम सूची में डाल दिया जाएगा.


विदेश कार्यालय के प्रवक्ता डॉ मोहम्मद फैसल ने कहा, ‘उसने (एफएटीएफ) पाकिस्तान के मनी लांड्रिंग और टेरर फंडिंग रोकने वाले ढांचे (एएमएल/सीएफटी) में कुछ कमियों को दिखाया. हम किसी भी कमी से निपटने के लिए और कार्रवाई करेंगे.’उन्होंने कहा कि पाकिस्तान ने पिछले कुछ सालों में इन मुद्दों पर ध्यान देने के लिए कई उपाय किए जिनमें कानूनों के जरिये कार्रवाई, वित्तीय क्षेत्र के लिए नियमन और दिशानिर्देश, फाइनेंसियल मॉनेटरिंग सिस्टम की स्थापना और जमात-उद-दावा (जेयूडी) और फलाह-ए-इंसानियत (एफआईएफ) जैसे संगठनों पर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद प्रस्ताव 1267 के तहत लगे प्रतिबंधों पर अमल करना शामिल हैं.


अमेरिका के अधिकारियों ने कहा था कि जेयूडी नेता एवं मुंबई आतंकी हमले के मुख्य साजिशकर्ता हाफिज सईद और उनके धर्मार्थ संगठन उन समूहों की लिस्ट में शीर्ष पर हैं, जिनके खिलाफ एफएटीएफ पाकिस्तान से कार्रवाई चाहता है.


एफएटीएफ एक अंतर-सरकारी संस्था है जिसका गठन 1989 में जी-7 देशों ने किया था. इसका मकसद आतंकवाद के आर्थिक स्रोतों को बंद करना और धनशोधन पर नकेल कसना है. एफएटीएफ के सदस्यों में 35 देशों के साथ ही दो क्षेत्रीय सहयोग संगठन भी शामिल हैं. इसके अलावा विश्व बैंक, अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष, एशियाई विकास बैंक जैसी अनेक संस्थाएं एफएटीएफ में सुपरवाइज़र हैं.

BJP के नरेन्द्र मोदी और RSS प्रमुख मोहन भागवत के बीच मैदान मारने की होड़


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((सुमित पांडे))दो साल पहले चीन की कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीसी) का एक प्रतिनिधिमंडल  दिल्ली में था. इस प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के कुछ वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात की. झंडेवालान में संघ के कार्यालय में हुई ये बातचीत मुख्यतौर पर इन मुद्दों पर थी.


RSS नेता: आप लोग RSS के ऑफिस में क्यों आए हैं ?


CPC के नेता : हम ये समझना चाहते हैं कि RSS कैसे चलता है? CPC की तरह आप एक कैडर आधारित संगठन भी हैं.RSS नेता: हम दोनों निश्चित रूप से कैडर-आधारित संगठन हैं. लेकिन दोनों के बीच एक अंतर है. सीपीसी सरकार के माध्यम से काम करती है, जबकि आरएसएस आम जनता के बीच काम करती है इन्हें सरकार का कोई समर्थन नहीं मिलता है.


दोनों के बीच ये बातचीत मुख्य तौर पर आरएसएस में संगठन को तैयार करने को लेकर थी. आरएस का मुख्य उद्देश्य वैचारिक तंत्र से राजनीतिक सत्ता को हटाना है. लेकिन शुरूआती दौर में कांग्रेस ने संघ को आगे बढ़ने के ज़्यादा मौके नहीं दिए. ऐसे में उन्हें अपने ही संगठन पर ही निर्भर होना पड़ा.


तीसरे सरसंघचालक बाला साहब देवरस पहले आरएसएस प्रमुख थे जिन्होंने राजनीतिक शक्ति के जरिए विचारधाराओं को आगे बढ़ाने की बात कही. लिहाजा पिछले चार दशकों में, आरएसएस के राजनीतिक सहयोगी के रूप में बीजेपी देश में प्रमुख राजनीतिक ताकत के रूप में उभरने लगी है.


इस प्रक्रिया में और खास कर पिछले तीन सालों में बीजेपी ने आरएसएस की तर्ज पर पार्टी का विस्तार करने के लिए कई कदम उठाए हैं. यानी एक तय वक्त में ज्यादा से ज्यादा लोगों को जोड़ना.


इसके अलावा पिछले तीन साल में बीजेपी ने ‘विस्तारक’ की अवधारणा को बढ़ावा दिया है.


‘विस्तारक’ बीजेपी के वो कार्यकर्ता हैं जो अपने घर के बाहर यानी दूसरे ज़िलों में पार्टी के लिए दो हफ्ते या फिर कम से कम एक साल तक काम करते हैं. ये कॉनसेप्ट बीजेपी के अध्यक्ष अमित शाह लेकर आए हैं. ‘विस्तारक’ राज्य के भाजपा संगठन के सचिवों को सीधे रिपोर्ट करते हैं. ये 2019 के लोकसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए बीजेपी का काफी अहम कदम है. उदाहरण के लिए पश्चिम बंगाल में बीजेपी तृणमूल कांग्रेस के मुख्य विपक्षी दल के रूप में उभरने की कोशिश कर रही है और इसके लिए हर विधानसभा क्षेत्र के लिए ‘विस्तारक’ जम कर काम कर रहे हैं.


इससे पहले, बीजेपी में फुलटाइम सिर्फ संगठन के सचिव ही होते थे. आमतौर पर ये संघ के प्रचारक होते थे जो पार्टी और संघ के बीच बातचीत के लिए कड़ी तैयार करते थे. ऐसे प्रचारकों की एक लंबी सूची है जो सालों से राजनीतिक क्षेत्र में काम कर चुके हैं और उन्हें जिला से राष्ट्रीय स्तर तक बीजेपी के संगठनात्मक सचिव बनाए गए हैं. इस तरह से संघ हमेशा पर्दे के पीछे से काम करती रही है.


बीजेपी अब कैडर से आमलोगों की पार्टी बन गई है. ऐसे में अब आरएसएस भी अपने कामकाज के तरीकों में बदलाव ला रही है. पिछले दिनों मेरठ में आरएसएस का महासमागम इसी बदलाव का हिस्सा था. जहां आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत एक खुली जीप में लोगों के बीच पहुंचे. इससे पहले मोहन भागवत ने जनवरी के तीसरे हफ्ते में गुवाहाटी में 40,000 स्वयंसेवकों की एक सभा को संबोधित किया था. इसी तरह की दो और बैठक मुजफ्फरपुर और वाराणसी में भी इस साल आयोजित की गई.


आरएसएस के कार्यक्रमों में आमतौर पर स्वंगसेवक यूनिफॉर्म में जमा होते हैं. ड्रम के बीट्स पर वो मार्च करते हैं. लेकिन आरएस का जोर अब बड़े आयोजन पर है जहां भारी संख्या में लोग पहुंचे जैसा कि गुवाहाटी और मेरठ में हुआ. संघ के लोग इसका ज़ोर-शोर से प्रचार प्रसार करते हैं.


आरएसएस के एक नेता कहते हैं ” आरएसएस ऐसा इसलिए कर रही है क्योंकि ऐसे आयोजन से काफी मीडिया कवरेज मिलता है. इसे सामरिक बदलाव के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए. पहले भी राजू भैया, सुदर्शन जी और देवरस जी ने स्वयंसेवकों के बड़े सभा को संबोधित किया है. संघ के भीतर शाखाओं की संख्या बढ़ाने पर जोर दिया जाता है”.

ईडी ने मेहुल चोकसी की 1217 करोड़ की 41 संपत्‍तियों को किया जब्‍त


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पंजाब नेशनल बैंक से 12,622 करोड़ के घोटाले की जांच कर रहे प्रवर्तन निदेशालय ने मेहुल चौकसी की 41 संपत्‍तियों को सीज कर दिया है. इस संपत्‍ति की कुल कीमत 1217.20 करोड़ रुपये बताई जा रही है. हाल में ही पंजाब नेशनल बैंक ने नीरव मोदी के 1,322 करोड़ के एक और फ्रॉड ट्रांजेक्‍शन का पता लगाया थ. इस फ्रॉड में भी नीरव मोदी और मेहुल चौकसी शामिल हैं. इस फ्रॉड के सामने आने के बाद‍ पीएनबी फ्रॉड केस की कुल वैल्‍यू 12,622 करोड़ रुपये पहुंच गई है.प्रवर्तन निदेशालय ने मेहुल चौकसी की 41 संपत्‍तियों को सीज कर दिया है. इसमें मुंबई के 15 फ्लैट और 17 कार्यालय, कोलकाता में एक शॉपिंग मॉल, अलीबाग में फॉर्म हाउस और महाराष्‍ट्र में 231 एकड़ की जमीन शामिल है. इन सभी संपत्‍तियों की कुल वैल्‍यू 1217.20 करोड़ रुपये बताई जा रही है. हाल में आए नए फॉड के बाद पंजाब नेशनल बैक के 12,622 करोड़ के घोटाले का मामला सामने आ चुका है. यह नई ट्रांजेक्‍शन पीएनबी की 2017 के फाइनेंशि‍यल ईयर की नेट इनकम के बराबर है. बैंक ने बॉम्‍बे स्‍टॉक एक्‍सचेंज (बीएसई) को इसकी जानकारी दी है.