Wednesday, 28 February 2018

पाक ने किया FATF द्वारा बतायी गयी कमियों पर ध्यान देने का ऐलान


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पाकिस्तान ने बुधवार को फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (एफएटीएफ) द्वारा उसके मनी लांड्रिंग और टेरर फंडिंग रोकने वाले ढांचे में बतायी गयी कमियों पर ध्यान देने के लिए और कार्यवाही करने का ऐलान किया.गौरतलब है कि 37 सदस्यों वाले संगठन एफएटीएफ ने पिछले हफ्ते पेरिस में अपनी एक अहम बैठक में पाकिस्तान को उन देशों की एक निगरानी सूची में डालने का फैसला किया जहां आतंकवादी संगठनों को धन जुटाने की अब भी मंजूरी मिली हुई है.


हालांकि, पाकिस्तान का नाम नहीं लिया गया, उसे अप्रैल तक मनी लांड्रिंग और टेरर फंडिंग से निपटने से जुड़े संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्तावों पर अमल करने को लेकर एक वर्क प्लानिंग देनी होगी. ऐसा ना करने पर उसका नाम सूची में डाल दिया जाएगा.


विदेश कार्यालय के प्रवक्ता डॉ मोहम्मद फैसल ने कहा, ‘उसने (एफएटीएफ) पाकिस्तान के मनी लांड्रिंग और टेरर फंडिंग रोकने वाले ढांचे (एएमएल/सीएफटी) में कुछ कमियों को दिखाया. हम किसी भी कमी से निपटने के लिए और कार्रवाई करेंगे.’उन्होंने कहा कि पाकिस्तान ने पिछले कुछ सालों में इन मुद्दों पर ध्यान देने के लिए कई उपाय किए जिनमें कानूनों के जरिये कार्रवाई, वित्तीय क्षेत्र के लिए नियमन और दिशानिर्देश, फाइनेंसियल मॉनेटरिंग सिस्टम की स्थापना और जमात-उद-दावा (जेयूडी) और फलाह-ए-इंसानियत (एफआईएफ) जैसे संगठनों पर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद प्रस्ताव 1267 के तहत लगे प्रतिबंधों पर अमल करना शामिल हैं.


अमेरिका के अधिकारियों ने कहा था कि जेयूडी नेता एवं मुंबई आतंकी हमले के मुख्य साजिशकर्ता हाफिज सईद और उनके धर्मार्थ संगठन उन समूहों की लिस्ट में शीर्ष पर हैं, जिनके खिलाफ एफएटीएफ पाकिस्तान से कार्रवाई चाहता है.


एफएटीएफ एक अंतर-सरकारी संस्था है जिसका गठन 1989 में जी-7 देशों ने किया था. इसका मकसद आतंकवाद के आर्थिक स्रोतों को बंद करना और धनशोधन पर नकेल कसना है. एफएटीएफ के सदस्यों में 35 देशों के साथ ही दो क्षेत्रीय सहयोग संगठन भी शामिल हैं. इसके अलावा विश्व बैंक, अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष, एशियाई विकास बैंक जैसी अनेक संस्थाएं एफएटीएफ में सुपरवाइज़र हैं.

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