Saturday, 30 September 2017

दशहरे में और भी खास हो जाता है मैसूर


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 जहाँ एक ओर देश में दशहरे के दिन रावण दहन की प्रथा है वहीँ दूसरी ओर मैसूर में देवी चामुंडा के राक्षस महिसासुर का वध करने पर धूमधाम से मनाया जाता. मैसूर के शाही परिवार द्वारा लगभग 500 साल पुरानी परम्परा के मुताबिक वे नवरात्रों के 9 दिन तक दरबार लगाते हैं और आखिरी दिन सोने-चांदी से सजे हाथियों का काफिला 21 तोपों की सलामी के बाद मैसूर राजमहल से नगर भ्रमण पर निकलते हैं. काफिले की अगुआई करने वाले हाथी की पीठ पर 750 किलो शुद्ध सोने का सिंहासन होता है. मैसूर के दशहरे की रौनक को देखने के लिए हर साल करीब 6 लाख लोग आते हैं.

देश के सभी स्टेशनों के लिए जरूरी पहलू होंगे पुल: रेल मंत्री


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मुंबई के दो उप-नगरीय रेलवे स्टेशनों को जोड़ने वाले पुल (फुटओवरब्रिज) पर मची भगदड़ में 23 लोगों की मौत के एक दिन बाद रेल मंत्री पीयूष गोयल ने आज कहा कि पहले ‘‘यात्रियों के लिए सुविधा’’ माना जाने वाले पुल अब देश के सभी रेलवे स्टेशनों के लिए जरूरी पहलू होगा.कल से ही रेलवे बोर्ड के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ की गई मैराथन बैठकों के बाद रेल मंत्री ने यह घोषणा की.


गोयल ने पहले ट्वीट किया था, ‘‘अब पुलों (एफओबी) को यात्री सुविधा की बजाय जरूरी समझा जाएगा.’’ इससे पहले, स्टेशन पर सिर्फ पहले पुल को ‘‘जरूरी’’ माना जाता था और बाद के पुलों को ‘‘यात्री सुविधा’’ माना जाता था.


आज एक उच्च-स्तरीय बैठक के बाद जारी बयान में रेलवे ने यह भी कहा कि अपने निगरानी तंत्र को मजबूत करने के लिए 15 महीने के भीतर मुंबई की सभी उप-नगरीय ट्रेनों में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे और इसके बाद पूरे देश की ट्रेनों में ये कैमरे लगाए जाएंगे.




परियोजनाएं लागू करने में देरी और लालफीताशाही के लिए गोयल ने रेलवे जोनों के महाप्रबंधकों को और अधिकार देने का फैसला किया ताकि वे यात्रियों की संरक्षा के उपायों पर धनराशि खर्च कर सकें.


मंत्री ने संरक्षा के मुद्दों को सुलझाने के लिए एक समयसीमा भी तय की है. महाप्रबंधकों को किसी परियोजना के लिए कोष की मंजूरी के एक हफ्ते के भीतर वित्तीय आयुक्तों को जानकारी देनी होगी और वित्तीय आयुक्त 15 दिनों के भीतर इसकी पुष्टि करेंगे.


विचारों में भेद की स्थिति में मामला अंतिम निर्णय के लिए रेलवे बोर्ड को भेजा जाएगा और उसे इन्हीं 15 दिनों के भीतर फैसला करना होगा.


बैठक जारी रहने के दौरान ही गोयल ने ट्वीट किया था, ‘‘समयबद्ध तरीके से मुंबई के सभी उप-नगरीय स्टेशनों में इलेक्ट्रॉनिक निगरानी बेहतर करने के लिए योजना बनाई जाएगी. इसके अलावा, बीएमसी, एमएमआरडीए, सिडको जैसी एजेंसियों और राज्य सरकार के साथ लंबित मुद्दों को एक हफ्ते में सुलझाया जाएगा.’’

भगदड़ में मारे गए लोगों के शवों पर नंबर चिपकाने को लेकर डॉक्टर की पिटाई


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एलफिंस्टन रोड स्टेशन पर कल मची भगदड़ में मारे गए लोगों के शवों पर सीरियल नंबर चिपकाने के केईएम अस्पताल के कदम से नाराज दो लोगों ने शनिवार को अस्पताल के एक वरिष्ठ डॉक्टर की पिटाई कर दी.एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि यह घटना शनिवार शाम हुई जब शिवसेना के कार्यकर्ता माने जा रहे दोनों व्यक्तियों ने केईएम अस्पताल के फॉरेंसिक विज्ञान विभाग के प्रमुख की पिटाई कर दी.


उन्होंने कहा, ‘दोनों शख्स डॉ. हरि पाठक के केबिन में घुस गए और उनकी पिटाई कर दी. एक आरोपी अपने साथ स्केच पेन लेकर आया था और उसने पाठक के माथे पर कोई नंबर लिखने की कोशिश की.’ अधिकारी के मुताबिक, दोनों आरोपियों के पांच अन्य सहयोगियों की तलाश जारी है.


उन्होंने कहा, ‘हमने एक आरोपी के पास से शिवसेना का सदस्यता पहचान-पत्र बरामद किया है.’ पुलिस अधिकारी ने कहा कि आईपीसी की धारा 353, 323, 143, 145 और 149 के तहत दोनों आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है.भगदड़ में मारे गए लोगों के शव पर नंबर चिपकाने को लेकर केईएम अस्पताल के अधिकारियों की काफी आलोचना हो रही है.

इतना झूठ बोलने वाला प्रधानमंत्री नहीं देखा: राज ठाकरे


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मुंबई में हुये एल्फ़िंस्टन ब्रिज हादसे के बाद सियासत थमने का नाम नही ले रही हैं. शिवसेना और कांग्रेस के मोदी सरकार पर हमला करने के बाद अब महाराष्ट्र की सियासत में हाशिये पर जा चुके राज ठाकरे ने भी ब्रिज हादसे पर सरकार को आड़े हाथों लिया है.आम लोगों को बुनियादी सुविधायें देने में नाकाम रही केंद्र सरकार पर राज ठाकरे ने जमकर निशाना साधते हुए सीधे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को कटघरें में खडा किया है. राज ठाकरे ने आरोप लगाया हैं की मोदी सरकार झूटे वादे करके ही सत्ता में आई हैं और अब उनकी पोल खुल गई है. पीएम पर संगीन आरोप लगाते हुए राज ने कहा की, कितना झूठ बोलता हैं इस देश का प्रधानमंत्री. इतना झूठ बोलने वाला प्रधानमंत्री आजतक उन्होने नहीं देखा.


कभी राज ठाकरे भी मोदी के दिवाने


आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को झूठा बताने वाले राज ठाकरे किसी जमाने में मोदी की प्रसंशा करते थकते नहीं थे. 2011 में राज ठाकरे जब गुजरात मे हुए विकास कार्य देखने गये थे तब उन्होने कहा था कि मोदीजी ने गुजरात का कायापलट कर दिया है. यहां विकास की गंगा बहती है. मोदी जी जैसे व्यक्ति को देश का प्रधानमंत्री बनना चाहिये. साल 2014 के लोकसभा चुनाव में राज ठाकरे ने नरेंद्र मोदी का समर्थन भी किया था. लोकसभा चुनाव के वक्त राज ठाकरे ने शिवसेना के खिलाफ तो उम्मीदवार उतारे थे लेकिन बीजेपी के खिलाफ नहीं. लेकिन राज ठाकरे अब दलील दे रहें हैं की अन्य लोगों की तरह पीएम मोदी से उनकी भी बहुत उम्मीदें थी, लेकिन पिछले तीन वर्षों में वो सारे सपने टूट गयें है. प्रधानमंत्री लोगों को सिर्फ रंगीन सपने दिखाते है, काम कुछ नहीं करतें है.कांग्रेस ने ली राज पर चुटकी

कांग्रेस प्रवक्ता संजय निरुपम ने कहा कि, प्रधानमंत्री झूठ बोलते हैं राज ठाकरे की इस बात से वो सहमत हैं लेकिन राज ठाकरे दोगले व्यक्ति है. पहले मोदीजी की भक्ती करते थे और आज जब सियासी जमीन बची नहीं तो अपने ही भगवान के खिलाफ बोलने लगें.


 


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पीएम मोदी की इस बैठक से निकली थी डोकलाम विवाद सुलझाने की राह


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हैम्बर्ग में जी-20 सम्मेलन से इतर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच हुई मुलाकात में डोकलाम विवाद का हल निकालने की आधारशिला रखी गई थी. एक नए किताब में यह खुलासा हुआ है.रणनीतिक मामलों के विशेषज्ञ नितिन ए. गोखले ने ‘सिक्योरिंग इंडिया द मोदी वे’ नामक किताब में खुलासा करते हैं कि यह बैठक जी-20 नेताओं के प्रतीक्षालय में बैगैर घोषणा के मोदी के शी के पास चले जाने के बाद हुई थी. उपराष्ट्रपति एम. वेंकैया नायडू ने शुक्रवार को इस किताब का विमोचन किया था. किताब के मुताबिक, ‘तात्कालिक बैठक के गवाह रहे भारतीय राजनयिकों के अनुसार, प्रधानमंत्री के शी से अघोषित मुलाकात के बाद चीनी दल चकित रह गया था.’


किताब के अनुसार, संक्षिप्त मुलाकात के दौरान, मोदी ने शी को सलाह दी कि भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल और स्टेट काउंसलर यांग जीची को डोकलाम विवाद सुलझाने की अगुवाई करनी चाहिए. मोदी ने कथित रूप से शी से कहा, ‘हमारे रणनीतिक संबंध डोकलाम जैसे इन छोटे सामरिक मुद्दों से बड़े हैं.’


एक पखवाड़े बाद, डोभाल प्रस्तावित ब्रिक्स एनएसए बैठक के लिए बीजिंग गए. इसबीच डोकलाम विवाद के दौरान भारतीय दल ने राजदूत विजय गोखले की अगुवाई में चीन में 38 बैठकें की. भारतीय दल को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, एनएसए डोभाल और विदेश सचिव एस. जयशंकर से स्पष्ट निर्देश मिल रहे थे.किताब के अनुसार, ‘दल को ये निर्देश दिए गए थे कि भारत जमीन पर पर दृढ़ और कूटनीति में तर्कसंगत रहेगा.’ किताब के अनुसार, ब्रिक्स स्तर पर जोरदार तैयारी करने के बाद चीन शिखर सम्मेलन में भारत की अनुपस्थिति का खतरा मोल नहीं ले सकता था. अंत में, समझ यहां तक पहुंची कि चीन इस क्षेत्र में सड़क निर्माण के कार्य को रोकेगा, जिस वजह से यह विवाद पैदा हुआ था. भारत और चीन दोनों ने विवाद सुलझाने के बाद अपने बयानों में इन मुद्दों के बारे में कोई जानकारी नहीं दी थी.


किताब में यह भी खुलासा किया गया है कि यह विवाद मई के अंतिम दिनों में शुरू हुआ और इसे तीन चरणों में बांटा जा सकता है. मई के अंत से 25 जून तक गतिरोध, 26 जून से 14 अगस्त के बीच दोनों तरफ की सेनाएं आमने-सामने और 15 अगस्त से 28 अगस्त के बीच विवाद अपने चरम पर. किताब के अनुसार, 16 जून को एक हल्का वाहन और उपकरण सहित नौ भारी वाहन क्षेत्र में पहुंचे और उस दिन सुबह भारतीय और चीनी सैनिकों के बीच कुछ नोकझोक हुई. इसके कुछ ही देर बाद रॉयल भूटान आर्मी का एक गश्ती दल वहां पहुंचा और चीनी सेना के साथ विवाद हुआ.


वहीं 17 जून को चीनी बुल्डोजर ने अस्थायी सड़क पर निर्माण कार्य शुरू किया और भारतीय सेना ने दो बार चीनी अधिकारियों के समक्ष इस निर्माण कार्य को रोकने के लिए कहा. सड़क निर्माण कार्य 18 जून को भी नहीं रुका और भारतीय सेना को निर्माण कार्य रोकने के आदेश मिले, जिसके बाद भारतीय सेना ने इसे रोकने के लिए मानव श्रृंखला बनाई.


किताब में बताया गया है कि 20 जून को नाथू ला में मेजर जनरल अधिकारी स्तर की वार्ता हुई, लेकिन इसके बाद भी तनाव समाप्त नहीं हुआ और 14 अगस्त को तनाव अपने चरम पर पहुंच गया. दोनों देशों की पहल पर 28 अगस्त को यह विवाद समाप्त हुआ.


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'आप' ने दहन किया मंहगाई का रावण


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आम आदमी पार्टी (आप) ने विजयदशमी के अवसर पर दिल्ली सहित देश के विभिन्न भागों में मंहगाई को जनता की सबसे बड़ी परेशानी बताते हुये ‘मंहगाई का रावण’ जलाया.दिल्ली में आप कार्यकर्ताओं ने सभी 272 वॉर्डों में महंगाई का रावण जला कर मोदी सरकार की आर्थिक नीतियों को गलत तथा जनता की समस्याओं की जड़ बताया. ‘आप’ की ओर से जारी विज्ञप्ति के अनुसार पार्टी कार्यकर्ताओं ने अन्य राज्यों में भी मंहगाई का पुतला दहन कर दशहरा मनाया.


बयान में कहा गया है कि यह दिन बुराई पर अच्छाई की जीत के प्रतीक के तौर पर मनाया जाता है. ‘आप’ कार्यकर्ताओं ने महंगाई रुपी बुराई का पुलता फूंक कर देश में महंगाई के ख़िलाफ़ अपना विरोध जताया है.


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मुस्लिम भी गोमूत्र से कराएं इलाज, कुरान भी देता है इजाजत: रामदेव


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योग गुरु और पतंजलि के संस्थापक बाबा रामदेव ने कहा कि मुस्लमानों को भी गोमूत्र अपनाना चाहिए, क्योंकि इसका प्रयोग इलाज में किया जा सकता है.रामदेव ने कहा, ‘कुरान में लिखा है कि गोमूत्र इलाज के लिए प्रयोग किया जा सकता है. कुछ लोग पतंजलि को निशाना बना रहे हैं कि यह एक हिदू की कंपनी है. क्या कभी मैंने हमदर्द (हमीद बंधुओं द्वारा संस्थापित) पर निशाना साधा है?


एक टीवी चैनल को दिए गए इंटरव्यू के मुताबिक रामदेव ने कहा कि मेरा हमदर्द और हिमालया दवा कंपनी को पूरा समर्थन है. हिमालय समूह के फारुख भाई ने मुझे योगग्राम के लिए जमीन दान दी है. यदि कुछ लोग इसके लिए शुल्क लेते हैं, तो वह सिर्फ नफरत की दीवार खड़ी कर रहे हैं.  बाबा रामदेव ने कहा कि उन्होंने 10,000 करोड़ के पतंजलि समूह के लिए उत्तराधिकारी की एक योजना तैयार कर ली है.


उन्होंने कहा कि यह एक 500 साधुओं की टीम होगी जो उनके द्वारा प्रशिक्षित की गई है. योग गुरु (52) ने कहा, ‘मैं कभी छोटा नहीं सोचता. मैं बड़ा सोचता हूं. मैं आने वाले 500 सालों में हमारे देश के बारे में सोचता हूं. मैं पतंजलि समूह के अगले 100 सालों के बारे में सोचता हूं. मैं अपने उत्तराधिकारी को अपने पीछे छोड़ कर जाऊंगा.’रामदेव ने कहा, ‘मेरा उत्तराधिकारी कोई व्यापारी नहीं होगा और ना हो कोई सांसारिक आदमी, बल्कि वह एक 500 साधुओं की टीम होगी जिसे मैंने प्रशिक्षित किया है.’


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