Thursday, 30 November 2017

पीएम से राहुल गांधी का तीसरा सवाल : प्राइवेट कंपनियों से क्यों खरीदी महंगी बिजली?


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कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने शुक्रवार को एक बार फिर ट्वीट करके प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सवाल किया है. ’22 सालों का हिसाब, गुजरात मांगे जवाब’ लिखकर वह पिछले दो दिनों से नरेंद्र मोदी से सवाल पूछ रहे हैं.कांग्रेस की रणनीति के अनुसार, गुजरात चुनाव के आखिर तक राहुल गांधी रोजाना पीएम मोदी से एक सवाल पूछेंगे.


शुक्रवार को राहुल गांधी ने पीएम से तीसरा सवाल पूछा. राहुल का तीसरा सवाल गुजरात में बिजली सप्लाई से जुड़ा है. राहुल ने ट्वीट कर मोदी से पूछा कि 2002-16 के बीच 62 हजार 549 करोड़ की बिजली खरीद कर चार प्राइवेट कंपनियों की जेब क्यों भरी?




राहुल गांधी ने गुजरात सरकार पर सरकारी बिजली कारखानों की क्षमता घटाने का आरोप लगाया है. उन्होंने आरोप लगाया है कि सरकार ने बिजली कारखानों की क्षमता 62 फीसदी घटा दी है, लेकिन निजी कंपनी से 3 रुपये प्रति यूनिट की बिजली 24 रुपये में क्यों खरीदी?


ये था राहुल का दूसरा सवाल
इसके पहले गुरुवार को राहुल ने ट्वीट कर दूसरा सवाल पूछा था. राहुल गांधी ने मोदी सरकार से पूछा था कि आपके वित्तीय कुप्रबंधन और पब्लिसिटी की सज़ा गुजरात की जनता क्यों चुकाए?




ये था राहुल का पहला सवाल
बता दें कि इससे पहले बुधवार को राहुल ने पहला सवाल पूछा था. उन्होंने ट्वीट किया था- ‘गुजरात के हालात पर प्रधानमंत्री जी से पहला सवाल: ‘2012 में 50 लाख घर देने का वादा किया था. 5 साल में सिर्फ 4.72 लाख घर बने. प्रधानमंत्रीजी बताइए, क्या ये वादा पूरा होने में 45 साल और लगेंगे?’




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Article source: http://hindi.pradesh18.com/news/bihar/congress-says-rjd-is-free-to-left-grand-alliance-1485184.html

कोहली ने खोला राज, 2014 की अपनी इस पारी को बताया सबसे खास


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नेटवर्क 18 समूह के सीएनएन न्यूज 18 के इंडियन ऑफ द ईयर अवार्ड समारोह में भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान विराट कोहली को इंडियन ऑफ द ईयर अवार्ड से नवाजा गया. कोहली ने अवार्ड मिलने के बाद कहा, ‘मुझे लगता है कि बदलाव के दौर के हिसाब से एडिलेड टेस्ट (दिसंबर 2014 में) में दूसरी पारी का शतक, जिसमें हमने मैच लगभग जीत ही लिया था, मेरे लिये काफी विशेष था. मैं हमेशा इस मैच को याद रखूंगा.’उन्होंने कहा, ‘तुंरत ही मेरे मन में आया कि मुझे टीम से बात करनी चाहिए. मैंने चौथे दिन के खेल के बाद टीम बस में खिलाड़ियों से बात की और आस्ट्रेलिया ने तब अपनी पारी घोषित नहीं की थी. मैंने उन्हें कहा कि कल वो हमें जो भी लक्ष्य देंगे, हम उसका पीछा करने का प्रयास करेंगे.’ तब महेंद्र सिंह धोनी चोटिल थे, उनकी अनुपस्थिति में कोहली ने टीम की कप्तानी की थी. कोहली ने कहा कि उन्होंने खिलाड़ियों से पूछा कि क्या किसी को कोई आपत्ति या हिचक है तो उन्हें तुंरत ही बता देना चाहिए.


उन्होंने कहा, ‘किसी ने भी आपत्ति नहीं की और तब मैंने उनसे कहा कि वे इस विचार के साथ अपने कमरे में जाये कि वे कल लक्ष्य का पीछा करने उतरेंगे.’ इस 29 वर्षीय खिलाड़ी ने 62 टेस्ट में 19 शतक जड़ लिये हैं.


कोहली ने कहा, ‘हम पांचवें दिन यह सोचकर क्रीज पर उतरे कि हम इस मैच को जीत सकते हैं. मुझे पूरा भरोसा था कि हम मैच जीत सकते हैं. हम हालांकि इस लक्ष्य को हासिल नहीं कर पाये, जिससे हमें दुख होता है लेकिन बतौर टीम हमने जो किया, उससे हमारा काफी आत्मविश्वास बढ़ा कि हम दुनिया की किसी भी टीम से भिड़ सकते हैं और कहीं भी किसी को हरा सकते हैं. हमने यही रवैया आगे भी जारी रखा और अब हम यहां पहुंच गये हैं.’भारतीय कप्तान विराट कोहली ने आस्ट्रेलिया के खिलाफ एडिलेड में 2014 दौरे के दौरान खेली गयी 141 रन की पारी को आज अपना सर्वश्रेष्ठ टेस्ट शतक करार देते हुए कहा कि उनकी कप्तानी में उस मैच के दौरान टीम को मिले आत्मविश्वास ने उन्हें दुनिया की शीर्ष टीम बनने का मौजूदा दर्जा हासिल करने की नींव रखी. भारतीय टीम इस दौरान चौथी पारी में 364 रन के लक्ष्य का पीछा नहीं कर पायी थी और 315 रन पर आउट होकर पहला टेस्ट 48 रन से गंवा बैठी थी.


बता दें कोहली को इस समारोह में ‘पापुलर च्वॉइस स्पेशल अचीवमेंट पुरस्कार’ भी मिला. कोहली ने कहा कि अगर क्रिकेट को ओलंपिक में शामिल किया जाता है तो एक क्रिकेटर के तौर पर मुझे ओलंपिक का हिस्सा बनकर खुशी मिलेगी.


समारोह में मौजूद कोच रवि शास्त्री ने भारत के दक्षिण अफ्रीका के आगामी दौरे के बारे में बात की और कहा कि निरंतर अच्छा प्रदर्शन करना टीम की सफलता की कुंजी है. शास्त्री ने कहा, ‘दक्षिण अफ्रीकी दौरा खुद को साबित करने का अवसर होगा. विदेशों में सफलता की कुंजी निरंतरता है. यह टीम विदेशों में जीत दर्ज करने का माद्दा रखती है. मुझे ऐसा कोई कारण नजर नहीं आता जिससे यह कहा जाए कि ये खिलाड़ी अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाएंगे.’ पूर्व कप्तान कपिल देव भी इस अवसर पर उपस्थित थे और उन्होंने कहा कि वर्तमान भारतीय टीम किसी भी टीम को हरा सकती है.


कपिल ने कहा, ‘मुझे लगता है कि टीम उस स्तर पर पहुंच चुकी है जहां वह किसी को भी हरा सकती है. चाहे वह दक्षिण अफ्रीका हो या आस्ट्रेलिया. हमारे पास ऐसा कप्तान है जो समझता है कि टीम को कैसे काम करना चाहिए.’


उन्होंने कहा, ‘इस टीम को केवल एक ही परेशानी का सामना करना पड़ रहा है कि किसे अंतिम एकादश में चुना जाए क्योंकि हमारे पास मजबूत बेंच स्ट्रेंथ है.’ महिला क्रिकेट टीम की कप्तान मिताली राज ने अपनी टीम की तरफ से विशेष पुरस्कार हासिल किया. उन्होंने कहा कि इस साल के शुरू में विश्व कप में उप विजेता रहने से लोगों का महिला क्रिकेट के प्रति रवैया बदला है.


मिताली ने कहा, ‘अच्छा लगता है कि हमें हमारा हक मिल रहा है और लोग आखिरकार हमें पहचान रहे हैं.’


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जब खिलाड़ियों को इनाम में मिली गाय


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खिलाड़ी जब किसी टूर्नामेंट में अच्‍छा प्रदर्शन करता है और मेडल जीत कर आता है तो सरकारें खलाड़ियों पर पुरस्‍कारों की बारिश कर देती हैं. लेकिन सोचिए अगर खिलाड़ियों को इनाम के तौर पर धनराशि की जगह गाय दी जाए तो आप क्‍या कहेंगे.सुनने में भले ही यह बात अजीब लग रही हो लेकिन यूथ वर्ल्‍ड बॉक्‍सिंग चैंपियनशिप में प्रदेश का नाम रोशन करने वाली छह बॉक्‍सर खिलाड़ियों को पुरस्‍कार के तौर पर देशी गाय दी जाएंगी.


गांव के गौरपट़ट पर लगाया जाएगा नाम
प्रदेश के कृषि मंत्री ओमप्रकाश धनखड़ ने राजीव गांधी स्‍टेडियम स्‍थित साईं सेंटर में घोषणा करते हुए कहा कि जिस तरह से लड़कियों ने प्रदेश का नाम रोशन किया है उसके सम्‍मान स्‍वरूप उनका नाम गांव के गौरवपट़ट पर लगाया जाएगा. इसी के साथ उन्‍हें पुरस्‍कार स्‍वरूप एक—एक गाय भी दी जाएगी.चार स्‍वर्ण और दो कांस्य पदक जीते
19 से 26 नवंबर तक गुवाहाटी में यूथ वर्ल्‍ड बॉक्‍सिंग चैंपियनशिप में प्रदेश की छह बॉक्‍सर बेटियों ने भाग लिया था. इसमें से चार खिलाड़ियों ने स्‍वर्ण और दो ने कांस्‍य पदक जीतकर प्रदेश का नाम रोशन किया. खिलाड़ियों को हरियाणा नस्‍ल की एक-एक गाय देने की घोषणा की गई है.

मिजो समझौता दुनिया के लिए शानदार उदाहरण : कोविंद


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राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के मुताबिक 1986 के मिजो समझौते पर हस्ताक्षर, इसका क्रियान्वयन व पालन अभी भी पूरी दुनिया के लिए एक शानदार उदाहरण है. राष्ट्रपति ने कहा कि मिजोरम में शांति व विकास के लिए माहौल का श्रेय राजनीतिक हितधारकों व नागरिक समाज, गिरजाघर व इससे जुड़ी संस्थाओं को जाता है.मिजोरम विधानसभा के विशेष सत्र के संबोधन में राष्ट्रपति ने कहा, “समझौता इस मामले में वास्तव में एक चमत्कार की तरह है कि इसने विद्रोह की स्थिति और हमारे देश व खुद मिजो समाज को बांटने वाले विवाद को समाप्त कर दिया.”


कोविंद ने कहा, “भारत के लंबे इतिहास में समझौता व इसकी विरासत सबसे बड़ी सफलताओं में से यह एक है.”


उन्होंने कहा, “लालडेंगा के प्रबुद्ध व दूरदर्शी नेतृत्व को याद रखना चाहिए, साथ ही साथ ललथनहावला के प्रयास व उदारता की भावना को भी, जो वर्तमान में मुख्यमंत्री हैं.”साल 1959 के अकाल के बाद, जिसमें कम से कम 100 लोगों की मौत हो गई थी और मानव संपत्ति व फसल का भारी नुकसाना हुआ था. लालडेंगा की अगुवाई में मिजो नेशनल फ्रंट (एमएनएफ) ने भारत सरकार के खिलाफ स्वतंत्रता के लिए 20 साल लंबी छापामार लड़ाई लड़ी. इसके बाद केंद्र के साथ 1986 में शांति समझौते पर हस्ताक्षर किए गए.


30 जून 1986 को भारत सरकार और मिजो विद्रोहियों के बीच मिजोरम समझौता हुआ था. लालडेंगा विद्रोही मिजो नेशनल फ्रंट के नेता थे और पूर्व के प्रधानमंत्री मोरारजी देसाई के आदेश पर जेल में बंद किया गया था.वरिष्ठ अधिवक्ता स्वराज कौशल ने लालडेंगा का मुकदमा लड़ा और उन्हें बाहर निकालने में सफल रहे.
कौशल ने हालांकि न केवल लालडेंगा को रिहा कराया बल्कि उन्होंने बाद में मिजो विद्रोहियों और सरकार के बीच होने वाले समझौते में भी अहम भूमिका निभाई. उनकी कोशिशों की वजह से 30 जून 1986 को मिजोरम समझौता हुआ.


एमएनएफ अब एक क्षेत्री राजनीतिक दल है.


मिजोरम भारतीय संघ का 20 फरवरी 1987 को 23वां राज्य बना.


राष्ट्रपति ने कहा कि केंद्र की एक्ट ईस्ट पॉलिसी के तहत मिजोरम पर ध्यान केंद्रित किया गया है.


 

संसदीय समिति से बोले भंसाली, कविता पर आधारित काल्पनिक फिल्म हैं पद्मावती


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संसद की दो समितियों ने फिल्म ‘पद्मावती’ पर उपजे विवाद का परीक्षण किया. फिल्म के निर्देशक संजय लीला भंसाली इनमें से एक संसदीय समिति के समक्ष पेश हुए और उन्होंने इतिहास के साथ छेड़छाड़ किए जाने के आरोपों को खारिज किया. भंसाली ने कहा कि यह एक काल्पनिक फिल्म है, जो 500 साल पुरानी एक कविता पर आधारित है.यह पहली बार हुआ होगा कि सेंसर बोर्ड द्वारा एक फिल्म को स्वीकृति दिए जाने से पहले किसी संसदीय पैनल ने उसपर विचार-विमर्श किया हो. भंसाली और सेंसर बोर्ड के अध्यक्ष प्रसून जोशी, सूचना प्रौद्योगिकी पर बनी संसद की स्थायी समिति के समक्ष पेश हुए. जोशी याचिकाओं पर विचार करने वाली संसदीय समिति के समक्ष भी पेश हुए.


भंसाली को लिखित में जवाब देने के लिए दो हफ्ते का समय
बैठक में मौजूद एक सांसद ने बताया कि सूचना और प्रसारण मंत्रालय से जुड़े मुद्दों पर विचार करने वाली आईटी पर बनी स्थाई समिति ने भंसाली को लिखित में जवाब देने के लिए दो हफ्ते का समय दिया है. इन दोनों समितियों की अध्यक्षता बीजेपी के सांसद कर रहे थे.आईटी पर बने पैनल के सदस्यों के साथ करीब तीन घंटे चली लंबी बातचीत के दौरान भंसाली ने कहा कि फिल्म पद्मावती काल्पनिक है और सूफी कवि मलिक मुहम्मद जायसी की कविता पद्मावत पर आधारित है, जो वर्ष 1540 के आस-पास लिखी गई थी.


यह विवाद अफवाहों के कारण हुआ 
सांसद ने बताया कि भंसाली की यह प्रतिक्रिया समिति के कुछ सदस्यों द्वारा यह पूछे जाने के बाद आई कि इतिहास से घटनाओं और पात्रों का चित्रण करने वाली फिल्म को काल्पनिक कैसे कहा जा सकता है. सांसद ने बताया कि एक अन्य सदस्य ने भंसाली से पूछा कि क्या यह इतिहास के साथ छेड़छाड़ करना नहीं हैं. भंसाली ने कहा कि यह विवाद अफवाहों के कारण हुआ है.


सूत्रों ने बताया कि सदस्यों ने भंसाली से पूछा कि फिल्म को मीडिया के कुछ वर्गों को क्यों दिखाया गया और जानना चाहा कि क्या ऐसा सेंसर बोर्ड को प्रभावित करने के लिए किया गया था. एक सदस्य ने कहा, ‘आपने कैसे मान लिया कि फिल्म एक दिसंबर को रिलीज हो जाएगी, जबकि आपने 11 नवंबर को सीबीएफसी को आवेदन भेजा था? सिनेमैटोग्राफी अधिनियम के मुताबिक, किसी फिल्म के लिए प्रमाणपत्र जारी करने से पहले सीबीएफसी 68 दिन ले सकती है.’


भंसाली से पूछा- क्या वह अपनी फिल्म में जौहर को बढ़ावा देना चाहते हैं
सूत्रों ने बताया कि कुछ सदस्यों ने जानना चाहा कि क्या विवाद पैदा करना फिल्म के प्रचार का एक तरीका है. पैनल ने कहा कि सोशल मीडिया समेत मुख्यधारा की मीडिया जारी विवाद के कारण फिल्म को काफी तरजीह दे रही है. सूत्रों ने बताया कि कुछ सदस्यों ने यह भी दावा किया कि भंसाली की फिल्म कुछ समुदायों को ‘निशाना बनाने वाली’ प्रतीत होती है, जिस कारण तनाव पैदा हुआ. उन्होंने बताया कि पैनल ने भंसाली से पूछा कि क्या वह अपनी फिल्म में जौहर को बढ़ावा देना चाहते हैं वह भी ऐसे समय में जब देश में सती प्रथा प्रतिबंधित है. बता दें, जौहर राजस्थान की एक प्रथा थी. जिसमें महिलाएं खुद को आग में झोंक देती थीं.


सेंसर बोर्ड अध्यक्ष प्रसून जोशी याचिकाओं की सुनवाई करने वाली संसदीय समिति के समक्ष पेश हुए और उन्होंने कहा कि फिल्म को अभी तक मंजूरी नहीं दी गई है और वह इसके लिए विशेषज्ञों से राय-मशविरा करेंगे.


सेंसर बोर्ड अध्यक्ष प्रसून जोशी ने अबतक नहीं देखी फिल्म
केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड के अध्यक्ष जोशी ने पैनल को बताया कि उन्होंने अब तक फिल्म नहीं देखी है. बैठक में मौजूद एक सदस्य ने जोशी के हवाले से कहा कि फिल्म प्रमाणन की प्रक्रिया जारी है. इसके बाद जोशी आईटी पर संसद की स्थाई समिति के समक्ष भी पेश हुए, जिसकी अध्यक्षता बीजेपी के अनुराग ठाकुर कर रहे थे. सदस्यों में बीजेपी के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी और कांग्रेस सांसद राज बब्बर मौजूद थे.


समिति की अध्यक्षता करने वाले वरिष्ठ बीजेपी नेता भगत सिंह कोश्यारी के अलावा बीजेपी के दो सांसद ओम बिड़ला और सी पी जोशी भी पैनल में मौजूद थे, जिन्होंने इस मुद्दे पर याचिका पेश की थी.


ज्ञात हो कि विभिन्न राजपूत संगठनों और नेताओं ने राजपूत महारानी पद्मिनी और सुल्तान अलाउद्दीन खिलजी के बीच एक रोमांटिक दृश्य फिल्माकर फिल्म में इतिहास से छेड़छाड़ करने का आरोप लगाया है. लेकिन फिल्म निर्माता इस दावे को लगातार खारिज करते रहे हैं.


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बता दें, दीपिका पादुकोण, शाहिद कपूर और रणवीर सिंह अभिनीत यह फिल्म पहले एक दिसंबर को रिलीज होनी थी लेकिन फिल्म निर्माताओं ने सीबीएफसी से सर्टिफिकेट ना मिलने तक फिल्म की रिलीज टाल दी. उन्होंने हाल ही में 3डी सर्टिफिकेट के लिए आवेदन किया था.


गौरतलब है कि इस साल की शुरुआत में फिल्म के सेट को दो बार जयपुर और कोल्हापुर में तहस-नहस कर दिया गया था और फिल्म के निर्देशक भंसाली के साथ करणी सेना के सदस्यों ने बदसलूकी की थी. करणी सेना और बीजेपी के कुछ धड़े फिल्म की कड़ी आलोचना कर रहे हैं. फिल्म पर कई बीजेपी शासित राज्यों में पहले ही रोक लगाई जा चुकी है.


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GDP ग्रोथ पर ममता का केंद्र पर निशाना, 'केवल बातें, कोई कामकाज नहीं'


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पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि सितंबर में समाप्त हुई तिमाही में जीडीपी की 6.3 प्रतिशत की वृद्धि दर ‘कोई वृद्धि नहीं’ है. केंद्र सरकार केवल बातचीत कर रही है, काम नहीं कर रही है.जीडीपी की वृद्धि दर में पांच तिमाही से चल रही गिरावट के उलट भारतीय अर्थव्यवस्था जुलाई से सितंबर के बीच 6.3 प्रतिशत की दर से बढ़ी.


इस पर ममता ने ट्वीट किया, ‘जीडीपी के आंकड़े आ गए. एक बार फिर कोई वृद्धि नहीं. कोई नौकरी नहीं। नोटबंदी घोटाले और बिना योजना वाली जीएसटी के प्रभावों से अर्थव्यवस्था को लगातार नुकसान हो रहा है. केवल बात हो रही है. कोई कामकाज नहीं.’




ममता ने इसके बाद एक और ट्वीट किया. उसमें लिखा, ‘पिछले साल Q2 जीडीपी वृद्धि 7.5% थी और इस साल 6.3 प्रतिशत है. यह सरकार केवल भाषण देती है, कोई काम नहीं.’


मेरी दादी भी थी शिव भक्त, हम धर्म के नाम पर दलाली नहीं करते : राहुल


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सोमनाथ मंदिर में कथित गैर हिंदू विजिटर बुक में नाम लिखने से मचे विवाद पर राहुल गांधी ने बीजेपी को आड़े हाथों लिया है. राहुल ने कहा कि उन्होंने मंदिर की विजिटर बुक पर हस्ताक्षर किए थे, लेकिन बीजेपी के लोगों ने गैर हिंदू विजिटर बुक पर उनका नाम लिख दिया.बंद कमरे में व्यापारियों की बैठक में राहुल ने बीजेपी पर पलटवार करते हुए कहा कि उनकी दादी और परिवार शिव भक्त रहे हैं और हैं, हम इन चीजों को निजी रखते हैं, इनके बारे में बात नहीं करते. धर्म हमारा निजी मामला है, इसके लिए हमें किसी के सर्टिफिकेट की जरूरत नहीं है. हम धर्म के नाम पर व्यापार नहीं करना चाहते, हम धर्म की दलाली नहीं करते. अपने धर्म का इस्तेमाल राजनीतिक फायदे के लिए नहीं करते.


दरअसल, राहुल गांधी ने बुधवार को सोमनाथ मंदिर में दर्शन करने गए थे, जहां उनका नाम गैर-हिंदू दर्शनार्थियों के रजिस्टर में लिखे होने की वजह से विवाद खड़ा हो गया. क्योंकि इस रजिस्टर में सिर्फ वे लोग साइन करते हैं, जो हिंदू नहीं होते हैं. जिसके बाद बीजेपी ने राहुल गांधी के धर्म को लेकर सवाल उठाए और कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा था.


राहुल गांधी ने कहा, मैं आपको बताऊंगा कि कल क्या हुआ. मैं मंदिर के भीतर गया. तब मैंने विजिटर्स बुक पर हस्ताक्षर किए. उसके बाद भाजपा के लोगों ने दूसरी पुस्तिका में मेरा नाम लिख दिया.जनसभा को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि सरदार वल्लभभाई पटेल और जवाहर लाल नेहरू के बीच संबंधों पर कहा कि वे कुछ राजनैतिक और विचारधारात्मक मतभेदों के बावजूद मित्र थे, लेकिन कुछ लोग यहां झूठ फैला रहे हैं कि वे दुश्मन थे.  इस बात के सबूत हैं कि सरदार पटेल आरएसएस के खिलाफ थे. लेकिन कुछ लोग यहां झूठ फैला रहे हैं कि वह आरएसएस से सहानुभूति रखते थे. वे मित्र थे और साथ जेल भी गये थे.