Wednesday, 31 October 2018

राफेल डील: मोदी सरकार पर कांग्रेस का वार- अब और नहीं चलेगी 'भ्रष्टाचार की नाव'


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कांग्रेस ने बुधवार को कहा कि राफेल मुद्दे पर केंद्र को सुप्रीम कोर्ट के निर्देश ने ‘गोपनीयता के नकाब’ को बेधने की कोशिश की है जिसके पीछे सरकार छिपने का प्रयास कर रही थी. पार्टी ने पूछा कि वह इस लड़ाकू जेट विमान सौदे का ब्योरा उजागर करने से क्यों डरी हुई है.विपक्षी पार्टी ने यह कहते हुए मोदी सरकार की आलोचना की कि ‘भ्रष्टाचार की उसकी नैया’ अब आगे नहीं बढ़ने वाली है. कांग्रेस प्रवक्ता मनीष तिवारी ने राफेल सौदे की संयुक्त संसदीय समिति से जांच की पार्टी की मांग दोहरायई.


उन्होंने कहा,‘राफेल सौदे से जुड़ी सारी फाइलें संयुक्त संसदीय समिति को सौंपी जाए ताकि सारे तथ्य पारदर्शी तरीके से सभी के सामने आएं.’ उच्चतम न्यायालय ने बुधवार को केंद्र को भारत द्वारा फ्रांस से खरीदे जा रहे 36 राफेल जेट विमानों के दाम का ब्योरा दस दिनों में सीलबंद लिफाफे में अदालत में सौंपने को कहा.


ये भी पढ़ें: 2019 के लिए राफेल को बड़ा मुद्दा बनाने की तैयारी में कांग्रेस, पूरे देश में करेगी 90 प्रेस कॉन्फ्रेंसइससे पहले कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने संवाददाताओं से कहा,‘मोदी सरकार के भ्रष्टाचार की नाव अब और नहीं चलेगी क्योंकि उच्चतम न्यायालय राफेल की सच्चाई जानना चाहता है. भ्रष्टाचार से भरी भाजपा अब जांच से परे नहीं रह सकती, आरोपी जेपीसी (संयुक्त संसदीय समिति) से अब और नहीं भाग सकते.’


सुरजेवाल ने ट्वीट किया,‘श्रीमान् प्रधानमंत्री, ‘जनता की अदालत’ को बताइए कि आप जेपीसी की जांच से क्यों भाग रहे हैं? राफेल घोटाला की अब जांच होनी चाहिए –और ज्यादा बहाने नहीं.’


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फर्जी सरकारी नौकरी दिलाने वाले गैंग का पर्दाफाश, दो गिरफ्तार


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दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने फर्जी सरकारी नौकरी भर्ती करने वाले एक गैंग का पर्दाफाश कर दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है. इन लोगों के पास से 17 मोबाइल फोन, 11 सिम कार्ड, पांच लैपटॉप, 50 स्टांप, 14 पैन कार्ड, एक हार्ड डिस्क और फर्जी दस्तावेज समेत कई एप्लीकेशन फॉर्म बरामद हुए हैं. ये गैंग पंडित दीनदयाल एग्रीकल्चर डेवलपमेंट रिसर्च काउंसिल जो केंद्र सरकार के अंतर्गत आता है उसमें नौकरी दिलवाने का झांसा देते थे.इस गैंग ने एक वेबसाइट बनाकर उसमें नौकरी दिलवाने का सारा खाका तैयार किया हुआ था. जिसके झांसे में आकर भोले-भाले छात्र इनकी वेबसाइट के जरिए इनके शिकार हो जाते थे. इस गैंग के मास्टरमाइंड का नाम खुशी मोहम्मद है, जो राजस्थान के कोटा का रहने वाला है. उसी ने फर्जी दस्तावेजों के सहारे एक एनजीओ बनाई, जिसका नाम रखा गया पंडित दीनदयाल कृषि विकास अनुसंधान संस्थान और उसमें अपने साथी अर्जुन को भी शामिल कर लिया. इन लोगों ने यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के शाहदरा ब्रांच में एक खाता खुलवाया, जिसमें ये रकम ट्रांसफर करवाते थे. खुशी मोहम्मद इससे पहले भी साल 2016 में सीबीआई के द्वारा गिरफ्तार किया गया था. इनकी फीस 400 , 300 और 200 होती थी जो एप्लीकेशन फॉर्म के लिए ली जाती थी. इन लोगों ने दिल्ली के श्रीनगर इलाके में अपना अड्डा बनाया हुआ था ताकि पुलिस की निगाहें इन तक ना पहुंचे लेकिन कृषि भवन से मिली शिकायतों के बाद क्राइम ब्रांच को मामला सौंपा गया और क्राइम ब्रांच ने इस गैंग को गिरफ्तार किया.


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खत्म हो सकता है पार्किंग के लिए रोज का सिरदर्द, अमेरिका में भारतीय छात्र ने निकाला उपाय


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दुनिया के सभी प्रमुख महानगरों की साझा समस्या कार पार्किंग का समाधान भारतीय मूल के एक अमेरिकी छात्र ने गणित के माध्यम से निकालने का प्रयास किया है. छात्र ने कार पार्क करने के लिए जगह तलाश करने के मकसद से एक खास एल्गोरिथम (कलन विधि) विकसित की है.राजस्थान में पिलानी के बिड़ला इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी से इलेक्ट्रॉनिक्स एवं कम्युनिकेशंस इंजीनियरिंग में स्नातक सांई निखिल रेड्डी मेट्टुपल्ली, इन दिनों हंट्सविले में अल्बामा विश्वविद्यालय में आगे की पढ़ाई कर रहे हैं. रेड्डी को अपने काम के लिए 2018 के लिए विज्ञान व प्रौद्योगिकी ओपन हाउस प्रतिस्पर्धा में दूसरा स्थान मिला था.


विश्वविद्यालय प्रेस रिलीज के अनुसार, सांई का काम बिग डेटा एनेलेटिक्स और सीखने की गहरी तकनीक पर आधारित है. इससे उन वाहन चालकों को आसानी होगी जो अपनी गाड़ी खड़ी करने के लिए खाली जगह की तलाश में रहते हैं.


ये भी पढ़ें: इस स्मार्ट हेलमेट में लगा है एयर प्यूरीफायर, प्रदूषित हवा को करेगा क्लीनबिग डेटा एनेलेटिक्स एक जटिल प्रक्रिया है और इसके जरिये बड़े और विभिन्न आंकड़ों के कई समुच्चयों (सेट्स) का परीक्षण करके छिपे प्रारूपों, अज्ञात संबंधों, बाजार के चलन और ग्राहकों की पसंद के बारे में पता लगाया जाता है.


सांई ने कहा कि आंकड़ों से पता चलता है कि किसी विशिष्ट दिन दोपहर 11 बजे से एक बजे के बीच छात्रों और फैकल्टी सदस्यों को गाड़ी खड़ी करने की जगह को ढूंढ़ने में खासी परेशानी हो रही हो. ऐसे में उनका समय व ईंधन खराब होता है और प्रदूषण बढ़ता है. इसलिए जब भी कोई पार्किंग के लिए दाखिल हो तो तो उसे जल्द से जल्द खाली जगह मिले, यह बहुत जरूरी है.


सांई को अपनी योजना में मूर्त रूप देने में कंप्यूटर साइंस की असिस्टेंट टीचर विनीता मेनन की मदद लेनी पड़ी.


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राफेल की जांच पर SC ने कहा- पहले CBI को अपना घर तो ठीक कर लेने दो


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सुप्रीम कोर्ट ने केंद्रीय जांच एजेंसी सीबीआई में चल रहे घमासान को लेकर चिंता जाहिर की है. बुधवार को राफेल डील की सीबीआई जांच की मांग को लेकर दाखिल की गई याचिका पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने कहा कि जांच एजेंसी को पहले अपना घर संभाल लेने दीजिए, उसके बाद इस विषय पर विचार किया जाएगा.राफेल डील को लेकर भारतीय राजनीति में आया भूचाल, जानें इससे जुड़ी सभी बातें


सीनियर वकील प्रशांत भूषण की याचिका पर जवाब देते हुए चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (सीजेआई) रंजन गोगोई ने कहा, ‘पहले सीबीआई को अपना घर ठीक करने दो.’


बेंच की ये टिप्पणी उस वक्त आई, जब वह राफेल मामले में सीनियर वकील प्रशांत भूषण और पूर्व केंद्रीय मंत्री अरुण शौरी और यशवंत सिन्हा की याचिका पर सुनवाई कर रही थी. उन्होंने अपनी याचिका में राफेल सौदे की जांच अदालत की निगरानी में सीबीआई से कराने की मांग की है.भूषण ने जब राफेल सौदे की जांच अदालत की निगरानी में सीबीआई से कराए जाने के सिलसिले में याचिका में किए गए अनुरोध का उल्लेख किया, तब सीजेआई ने कहा, ‘आपको इंतजार करना होगा.’


राफेल के ऑफसेट करार पर लोगों को नहीं दी जा रही सही जानकारी: वायुसेना उपप्रमुख


कोर्ट ने केंद्र से मांगा राफेल सौदे का ब्योरा


सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र को फ्रांस से खरीदे जा रहे 36 राफेल लड़ाकू विमानों की कीमत का ब्योरा सीलबंद लिफाफे में मांगा है. इसके लिए कोर्ट ने केंद्र सरकार को 10 दिन की मोहलत दी है.


फ्रांस के साथ कब हुई थी डील?
राफेल फाइटर जेट डील भारत और फ्रांस की सरकारों के बीच सितंबर 2016 में हुई. हमारी वायुसेना को 36 अत्याधुनिक लड़ाकू विमान मिलेंगे. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह सौदा 7.8 करोड़ यूरो (करीब 58,000 करोड़ रुपये) का है. सितंबर 2019 में पहला राफेल भारत पहुंचेगा. (एजेंसी इनपुट के साथ)


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कॉलेजियम ने चार मुख्य न्यायाधीशों को शीर्ष अदालत में जज बनाने की सिफारिश


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सुप्रीम कोर्ट के कॉलेजियम ने केन्द्र को चार हाईकोर्ट के मुख्य जस्टिसों को पदोन्नत करके शीर्ष अदालत का जस्टिस बनाने की सिफारिश की है.शीर्ष अदालत की वेबसाइट पर डाले गये 30 अक्टूबर के प्रस्ताव के अनुसार, प्रधान जस्टिस रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली कॉलेजियम ने केन्द्र को जस्टिस हेमंत गुप्ता, जस्टिस आर सुभाष रेड्डी, जस्टिस एम आर शाह और जस्टिस अजय रस्तोगी को शीर्ष अदालत के जस्टिस के रूप में पदोन्नत करने की सिफारिश की.


कॉलेजियम में प्रधान न्यायमूर्ति के अलावा शीर्ष अदालत के चार वरिष्ठतम जस्टिस जस्टिस मदन बी लोकूर, जस्टिस कुरियन जोसफ, जस्टिस ए के सीकरी और जस्टिस एस ए बोबडे शामिल होते हैं.


जस्टिस गुप्ता फिलहाल मध्य प्रदेश हाईकोर्ट जबकि जस्टिस रेड्डी गुजरात हाईकोर्ट के मुख्य जस्टिस हैं.जस्टिस शाह पटना हाईकोर्ट जबकि जस्टिस रस्तोगी त्रिपुरा हाईकोर्ट के मुख्य जस्टिस हैं.यह भी पढ़ें: राफेल की जांच पर SC ने कहा- पहले CBI को अपना घर तो ठीक कर लेने दो


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सुषमा स्वराज ने कुवैत के अमीर और प्रधानमंत्री से मुलाकात कर भारतीय सुमदाय की चिंताओं को उठाया


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विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने बुधवार को कुवैत के अमीर (शासक) शेख सबाह अल-अहमद अल जाबेर अल सबाह समेत शीर्ष नेतृत्व से मुलाकात की और आर्थिक तथा सुरक्षा सहयोग को बढ़ावा देने वाले विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की. इसी के साथ सुषमा ने भारतीय समुदाय से जुड़े मसले भी उठाए.स्वराज कतर की राजधानी दोहा से मंगलवार को कुवैत पहुंची थीं. कतर में उन्होंने वहां के अमीर शेख तमीम बिन हम्माद अल थानी से सोमवार को मुलाकात की थी और दोनों देशों के शीर्ष नेताओं द्वारा तय की गई योजना पर आगे बढ़ने के तरीकों पर चर्चा की थी.


विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने ट्वीट किया, ‘‘ विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने कुवैत के अमीर शेख सबाह अल अहमद अल जाबेर अल सबाह से मुलाकात की. उन्होंने क्षेत्र में कुवैत की भूमिका की सराहना की. द्विपक्षीय रिश्तों में सकारात्मक प्रगति को रेखांकित किया और भारतीय समुदाय से जुड़े मसलों को उठाया.’’


कुमार ने एक अन्य ट्वीट में कहा कि स्वराज ने कुवैत के प्रधानमंत्री शेख जाबेर अल मुबारक अल हम्माद अल सबाह से मुलाकात की. द्विपक्षीय हितों के मुद्दों पर चर्चा की और आर्थिक तथा निवेश सहयोग को मजबूत करने और उन्हें आगे बढ़ाने को लेकर चर्चा की.कुमार ने कहा कि स्वराज ने उप-प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री शेख सबाह खालिद अल हम्माद अल सबाह से भी बातचीत की. विदेश मंत्री ने उनके साथ द्विपक्षीय रिश्तों, निवेश और सुरक्षा सहयोग को मजबूत करने पर चर्चा की. स्वराज ने कुवैत में रह रहे भारतीय समुदाय से बातचीत की थी जिसके बाद अमीर और प्रधानमंत्री से मुलाकात की.


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कुवैत में रह रहा भारतीय समुदाय सरकार की श्रम नीतियों में बदलाव से चिंतित है. नई श्रम नीति की वजह से हजारों भारतीय इंजीनियरों को निर्वासित किए जाने के अंदेशे के बीच भारतीय दूतावास ने बुधवार को ऐलान किया कि वह दो नवंबर को उन सभी भारतीय इंजीनियरों के लिए बैठक आयोजित करेगा जो कुवैत सरकार की नई श्रम नीतियों से प्रभावित हैं.


इससे पहले स्वराज ने कुवैत में महात्मा गांधी की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की थी. स्वराज कतर और कुवैत की चार दिन की यात्रा को समाप्त करके दिल्ली के लिए रवाना हो गईं. नए आंकड़ों के मुताबिक, कुवैत में आठ लाख से ज्यादा भारतीय वैध रूप से रहते हैं.


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तितली चक्रवात : सरकार ने आंध्र प्रदेश को दी 229 करोड़ रुपये की मदद


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चक्रवाती तूफान तितली ने देश में तबाही मचाई हुई है. आंध्र प्रदेश में अब तक आठ लोगों की मौत हो चुकी है. आंध्र प्रदेश के श्रीकाकुलम और विजयनगरम जिलों में भारी तबाही मची है. आंध्र प्रदेश में मची तबाही को देखते हुए गृह मंत्रालय ने राज्‍य आपदा प्रतिक्रिया निधि से आंध्र प्रदेश को 229.05 करोड़ रुपये की मदद की है.आंध्र प्रदेश के मुख्‍यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू ने केंद्र से 12 सौ करोड़ रुपये की मदद मांगी थी. इस संबंध में आंध्र प्रदेश के सीएम ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर जल्‍द से जल्‍द मदद करने की मांग की थी. अब गृह मंत्रालय ने राज्‍य आपदा प्रतिक्रिया निधि से आंध्र प्रदेश को 229.05 करोड़ रुपये की मदद की है. गौरतलब है कि आंध्र प्रदेश में आए चक्रवाती तूफान तितली के कारण सबसे ज्‍यादा श्रीकाकुलम और विजयनगरम जिले प्रभावित हुए हैं.


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