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सुप्रीम कोर्ट ने केंद्रीय जांच एजेंसी सीबीआई में चल रहे घमासान को लेकर चिंता जाहिर की है. बुधवार को राफेल डील की सीबीआई जांच की मांग को लेकर दाखिल की गई याचिका पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने कहा कि जांच एजेंसी को पहले अपना घर संभाल लेने दीजिए, उसके बाद इस विषय पर विचार किया जाएगा.राफेल डील को लेकर भारतीय राजनीति में आया भूचाल, जानें इससे जुड़ी सभी बातें
सीनियर वकील प्रशांत भूषण की याचिका पर जवाब देते हुए चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (सीजेआई) रंजन गोगोई ने कहा, ‘पहले सीबीआई को अपना घर ठीक करने दो.’
बेंच की ये टिप्पणी उस वक्त आई, जब वह राफेल मामले में सीनियर वकील प्रशांत भूषण और पूर्व केंद्रीय मंत्री अरुण शौरी और यशवंत सिन्हा की याचिका पर सुनवाई कर रही थी. उन्होंने अपनी याचिका में राफेल सौदे की जांच अदालत की निगरानी में सीबीआई से कराने की मांग की है.भूषण ने जब राफेल सौदे की जांच अदालत की निगरानी में सीबीआई से कराए जाने के सिलसिले में याचिका में किए गए अनुरोध का उल्लेख किया, तब सीजेआई ने कहा, ‘आपको इंतजार करना होगा.’
राफेल के ऑफसेट करार पर लोगों को नहीं दी जा रही सही जानकारी: वायुसेना उपप्रमुख
कोर्ट ने केंद्र से मांगा राफेल सौदे का ब्योरा
सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र को फ्रांस से खरीदे जा रहे 36 राफेल लड़ाकू विमानों की कीमत का ब्योरा सीलबंद लिफाफे में मांगा है. इसके लिए कोर्ट ने केंद्र सरकार को 10 दिन की मोहलत दी है.
फ्रांस के साथ कब हुई थी डील?
राफेल फाइटर जेट डील भारत और फ्रांस की सरकारों के बीच सितंबर 2016 में हुई. हमारी वायुसेना को 36 अत्याधुनिक लड़ाकू विमान मिलेंगे. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह सौदा 7.8 करोड़ यूरो (करीब 58,000 करोड़ रुपये) का है. सितंबर 2019 में पहला राफेल भारत पहुंचेगा. (एजेंसी इनपुट के साथ)
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