Monday, 26 February 2018

बेटे की मौत का गम नहीं सह पाया पिता, गोली मारकर किया सुसाइड


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 मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में एक 62 वर्षीय सरकारी डॉक्टर ने खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली. बताया जा रहा है कि बुजुर्ग डॉक्टर अपने बेटे की मौत के बाद से चिंता में रहते थे. 

मिली जानकारी के अनुसार, भोपाल के कोहेफिजा स्थित बीडीए कॉलोनी में 62 वर्षीय सरकारी डॉक्टर केके उनिया ने घर के बाथरूम में सीने में गोली मारकर खुदकुशी कर ली. उन्होंने आत्महत्या के लिए अपनी लाइसेंसी बंदूक का इस्तेमाल किया. बंदूक का ट्रिगर पैर के अंगूठे से दबाया और गोली दाग दी.


पुलिस मौके पर जांच कर रही है. अब तक पुलिस को कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है. बताया जा रहा है कि उनिया नरसिंहगढ़ में मेडिकल ऑफिसर थे. वे यहां पत्नी शकुंतला और 32 वर्षीय बेटी नीलम के साथ रहते थे.


इस बारे में एएसपी राजेश सिंह भदौरिया ने बताया कि उनिया के इकलौते डॉक्टर बेटे की तीन साल पहले लिवर सोराइसिस बीमारी के कारण मौत हो गई थी. उनकी बेटी दिव्यांग है.


बेटे की मौत और बेटी की चिंता के कारण वे अक्सर तनाव में रहते थे. उन्हें भी खुद गले का कैंसर था, लेकिन उन्होंने इसका इलाज कराया. तीन महीने पहले ऑपरेशन के बाद वे पूरी तरह ठीक हो गए थे, लेकिन बेटे की मौत को नहीं भुला पाए थे.

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