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बॉलीवुड की पहली फीमेल सुपरस्टार श्रीदेवी 54 साल की उम्र में ही इस दुनिया को अलविदा कहते हुए चली गईं. उनके जाने से पूरा देश शोक में डूब गया है. बुधवार 28 फरवरी को श्रीदेवी के लिए प्रार्थना सभा का आयोजन किया गया है. फ़िल्मी दुनिया के बहुत से लोग इस प्रार्थना सभा में पहुंच रहे हैं. श्रीदेवी के पति बोनी कपूर का परिवार भी इस सभा में मौजूद रहा. बोनी के भाई अनिल कपूर और संजय कपूर, उनके बच्चे सोनम, रीया, हर्षवर्धन, शनाया भी पहुंचे. लेकिन जो बात सबसे ज्यादा चकित करती है वो ये कि श्रीदेवी के सौतेले बच्चे, जिनसे वो बोनी कपूर को बात भी नहीं करने देती थीं, वो दोनों यानी अर्जुन और अंशुला कपूर सगों से भी बढ़कर इस समय परिवार के साथ खड़े हैं.बोनी कपूर और मोना शौरी कपूर के बच्चे अर्जुन कपूर और अंशुला बचपन से ही अपने माता-पिता का अलगाव, पिता की जिंदगी में नई औरत की एंट्री, मां की कैंसर से मौत और पिता का नया परिवार शुरू करना देख चुके हैं. अर्जुन कपूर ने अपनी फिल्म ‘गुंडा’ के प्रमोशन के दौरान एक इंटरव्यू में कहा था कि वो कभी श्रीदेवी को अपने परिवार का हिस्सा नहीं मान पाए.
पिता बोनी कपूर और श्रीदेवी से थी अर्जुन की नाराजगी:
ये बहुत जाहिर सी बात थी. किसी भी बच्चे या टीनेजर का पहला रिएक्शन इस मामले में क्या होगा? जब उसे अपने पिता द्वारा मां को धोखा दिए जाने की बात पता चलेगी, वो सबसे पहले क्या करेगा? अपने पिता और नई औरत के प्रति उसके मन में गुस्सा पैदा होना लाजमी सी बात है. अर्जुन कपूर श्रीदेवी से बात नहीं करते थे.जब उम्र बढ़ी, थोड़ी समझ भी बढ़ी. अर्जुन ने श्रीदेवी से दुआ-सलाम करना तो शुरू कर दिया, लेकिन फिर भी वो उन्हें अपने परिवार का हिस्सा नहीं मान पाए. अर्जुन अपने परिवार और भाई-बहनों में हमेशा सोनम, रीया, हर्षवर्धन और शनाया का जिक्र करते हैं. लेकिन आजतक कभी भी उन्होंने जान्हवी और खुशी को अपनी बहनें नहीं बताया है. वो खुद भी मानते हैं कि सामने पड़ने पर भले ही उनमें हाय हेलो हो जाए लेकिन वो लोग उनके परिवार का हिस्सा नहीं हैं.
श्रीदेवी अर्जुन और अंशुला को बोनी से बात नहीं करने देती थीं:
कहा जाता है कि श्रीदेवी बोनी कपूर को लेकर बहुत पोजेसिव थीं. वो अपनी सौतन मोना की मां सत्ती शौरी के अपने प्रति बुरे व्यवहार को भूल नहीं पाई थीं. इसीलिए जब उनकी मौत में बोनी कपूर शामिल हुए, श्रीदेवी उनसे बहुत नाराज हो गई थीं. अर्जुन और उनकी बहन अंशुला अपनी नानी के भावनात्मक तौर पर ज्यादा करीब थे. पति का वहां जाना श्रीदेवी को अच्छा नहीं लगा. बोनी इसे लेकर उनके गुस्से का शिकार भी बने.
लेकिन अर्जुन ने जो किया, वो मिसाल है:
ताउम्र अर्जुन कपूर श्रीदेवी से नाराज रहे. कहीं ना कहीं वो उन्हें अपने टूटे हुए परिवार के लिए जिम्मेदार मानते रहे. लेकिन जब अर्जुन के पिता बोनी की पत्नी श्रीदेवी चली गईं, अर्जुन अपने पिता को संभालने के लिए तुरंत दुबई रवाना हुए. दरअसल टूटे हुए रिश्तों में पले-बढ़े लोग किसी और का दिल टूटना बहुत अच्छे से समझ जाते हैं. श्रीदेवी और उनकी बेटियां अर्जुन कपूर की मां की अंतिम यात्रा में नहीं आई थीं. लेकिन अर्जुन और अंजुला ने जान्हवी और खुशी को अकेला महसूस नहीं होने दिया. पिछले तीन दिनों से बोनी कपूर के दोनों बड़े बच्चे परिवार में बड़े होने का हक बखूबी अदा कर रहे हैं.
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