Tuesday, 27 February 2018

बाइक पर पीछे बैठने वालों की सुरक्षा को लेकर गंभीर हुआ सुप्रीम कोर्ट, जारी किया ये आदेश


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सड़क सुरक्षा के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने एक बड़ा फैसला सुनाया है. अपने आदेश में सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि मोटर साइकिल पर पीछे बैठने वालों की भी सुरक्षा ज़रूरी है. इसके लिए अब मोटर साइकिल निर्माताओं को सीट के पीछे या बगल में सेफ्टी हैंडिल लगावाना पडेगा. इसके अलावा पीछे के दोनों टायरों को भी सेफ्टी ग्रिप से ढकना पडेगा.दरअसल यह मामला मध्य प्रदेश हाई कोर्ट का है. 6 मार्च 2007 को याचिकाकर्ता ज्ञान प्रकाश ने एक अर्जी दाखिल की थी जिसमें यह कहा गया था कि व्हीकल निर्माता नियम 123 का उल्लंघन करते हैं.इससे कई लोगों की जान जा चुकी है. ज्ञान प्रकाश ट्रैफिक एन्वायरमेंट एंड सेफ्टी फोरम के जरिए से लोगों को सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक करते हैं. मध्य प्रदेश हाइकोर्ट ने वाहन निर्माताओं को नियम 123 को लागू करने का आदेश दिया था. जिसके विरोध में वाहन निर्माताओं ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाज़ा खटखटाया था. पर सुप्रीम कोर्ट ने इस अर्जी को खारिज कर दिया.


सेंट्रल मोटर वीइकल रूल्स 123 के तहत बाइक का रजिस्ट्रेशन तभी हो सकता है जब उसमें पीछे बैठने वालों की सेफ्टी के लिए सेफ्टी हैंडल, फुट रेस्ट और प्रटेक्टिव डिवाइस (पहियों को ढकने के उपकरण) लगे हों.


बता दें कि इसका काफी असर इंपोर्टेड मोटर साइकिल को देश में असेंबल करने वाली कंपनियों पर पड़ेगा. क्योंकि बहुत से देशों में साइड गार्ड या इस तरह के अऩ्य सेफ्टी फीचर के नियम नहीं है. इस वजह इन मोटर साइकिलों का निर्माण इस तरह से नहीं किया जाता. अब इन कंपनियों को भारत में बाज़ार को देखते हुए यहां की ज़रूरतों व नियमों के मुताबिक ऐसी मोटर साइकिल बनानी पड़ेगी जो भारत में इन नियमों के अनुकूल हो.ये भी पढ़ेंः
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