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राजस्थान में नागौर के मेड़तासिटी के भूरियाससनी में किसानों के लिए एक दिवसीय कार्यशाला का का आयोजन हुआ. इस कार्यशाला में कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों को मसालों की फसलों के बारे में जानकारी दी गई .जोधपुर एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी में एग्रोनॉमी साइंस के प्रोफेसर डॉ. मोतीलाल मेहरा ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि मसाला उत्पादन के क्षेत्र में किसानों के लिए अपार संभावनाएं हैं. इसके लिए किसानों को गुणवत्ता के साथ साथ उत्पादन बढ़ाने के लिए कृषि तकनीकों का उपयोग करना जरूरी है.
मेहरिया ने कहा कि मसालों की खेती के लिए पश्चिम राजस्थान सर्वाधिक उपयुक्त है क्षेत्र है. यहां के जोधपुर,नागौर, सिरोही,पाली,जालौर में मसालों की अच्छी पैदावार होती है. प्रतिवर्ष सात हजार करोड़ के मसालों का निर्यात भारत करता है. जीरा, मिर्च, धनिया, सौंफ व मेथी का निर्यात भारत से किया जाता है.
इसके बाद कृषि वैज्ञानिक टीएस. राजपुरोहित ने मसालों की खेती में सहायक विभिन्न तकनीकों के बारे में किसानों को समझाया. डॉ. आरपी जांगिड़, कृषि अनुसंधान केंद्र मंडोर के क्षेत्रीय निदेशक डॉ.सीताराम कुम्हार, डॉ. एमएम सुंदरिया ने भी कार्यशाला को संबोधित किया। कार्यक्रम में मसाला उत्पादन संबंधित पुस्तक का विमोचन भी किया गया.
Article source: https://hindi.news18.com/news/entertainment/metoo-harvey-weinstein-salma-hayek-harassment-sex-scene-frida-1198505.html
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