Monday, 26 February 2018

चांद पर भारत बनाएगा 'आशियाना', इसरो ने शुरू की तैयारी


READ MORE

चांद पर जल्दी ही भारत घर बनाने वाला है. इसरो ने इसकी तैयारी शुरू कर ली है.  इसरो ने जिस योजना के बारे में बात की है, उसके मुताबिक जिस तरह के ‘इग्लू’ भारत ने अंटार्कटिका पर बनाए हैं, बहुत कुछ उसी तरह की चौकियाँ चांद पर बनाई जाएंगी. चाँद पर ये चौकियाँ बनाने के लिए इसरो रोबॉट और 3D प्रिंटर चांद पर भेजेगा.अंटार्कटिका पर बनाई गई इस तरह की चौकियों को इग्लू कहा जाता है, जो बर्फ़ से बनाई गई हैं.
लेकिन चांद पर बनने वाली चौकियाँ ख़ास तरह की मिट्टी से बनाई जाएंगी, ये मिट्टी तक़रीबन वैसी ही होगी जैसी मिट्टी चाँद पर होती है.


<!–//player.h-cdn.com/loader.js?customer=ibnlive18news
//hap.h-cdn.com/hola_jwplayer_hls.min.js?customer=network18–>


 चांद  पर भारत ने खरीदी थी जमीनभारत ने अमेरिका से इस तरह की 10 किलो मिट्टी नासा से साल 2004 में ख़रीदी थी. नासा की टीम अपोलो मिशन के दौरान ये मिट्टी लाने में कामयाब रही थी. उस वक़्त नासा को भारत ने 10 हज़ार रुपए प्रति किलो के हिसाब से 10 किलो मिट्टी के लिए 1 लाख रुपए दिये थे. लेकिन इस मिट्टी पर इसरो ने रिसर्च की और इससे मिलती जुलती मिट्टी भारत में तैयार कर ली.
इसरो का दावा है कि भारत के पास ऐसी मिट्टी 60 टन यानि 60 हज़ार किलो से भी ज़्यादा है. माना जा रहा है कि ये मिट्टी तक़रीबन 99 प्रतिशत वैसे ही है, जैसी मिट्टी चाँद की सतह पर मौजूद है.


इसरो फ़िलहाल चंद्रयान-2 को भेजने के मिशन पर तेज़ी से काम कर रहा है लेकिन इसरो चाहता है कि कुछ ऐसा इंतज़ाम भी किया जाए जिससे वैज्ञानिक चांद पर ज़्यादा वक़्त बिता पाएं. इसीलिए अब चांद पर नई चौकियां बनाने की तैयारियां शुरू कर दी गई हैं. इसके लिए ISRO के वैज्ञानिकों ने 3D प्रिंटर की मदद से चौकियों के डिज़ाइन तैयार करने शुरू कर दिये हैं और 5 डिज़ाइन तैयार किये गए हैं.


Article source: https://hindi.news18.com/news/nation/jnu-academic-council-didnt-pass-compulsory-attendance-says-madhu-kishwar-1275053.html

No comments:

Post a Comment