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बजट के बाद शेयर बाजार का मिज़ाज़ बिगड़ा हुआ सा है. मंगलवर को बाजार खुलने के बाद से ही स्टॉक मार्केट में गिरावट जारी है. इस कारोबारी हफ्ते के दूसरे दिन शेयर बाजार ने भारी गिरावट के साथ शुरुआत की. आज महज चंद सेकंड्स में इंवेस्टर्स के करीब 5 लाख करोड़ रुपये डूब गए.इस बीच एक ऐसे शख्स हैं, जिन्होंने दो हफ्ते पहले ही भविष्यवाणी कर दी थी कि आने वाले दिनों में मार्केट का कैसा हाल होने वाला है. उस शख्स का नाम है पीटर गार्नरी. गार्नरी डेनमार्क के कोपनहेगन में रहते हैं और मार्केट एक्सपर्ट हैं. फिलहाल वो SaxoBank के क्वांटिटेटिव स्ट्रैटजी डिपार्टमेंट को हेड कर रहे हैं.
दो हफ्ते पहले जब कई देशों की सरकारें और अर्थशास्त्री अपने लोगों को क्रिप्टोकरेंसी के बारे में आगाह कर रहे थे. वहीं, सैक्सोबैंक के क्वांटिटेटिव स्ट्रैटजिस्ट पीटर गार्नरी दूसरे मामले को उठा रहे थे. मामला था स्टॉक मार्केट का.
31 जनवरी को एक ट्वीट करते हुए गार्नरी ने बताया कि ग्लोबल शेयर पहली तिमाही के दूसरे दौर में गिरावट की ओर बढ़ रहे हैं. हालांकि, सैक्सोबैंक के इक्विटी स्ट्रैटजी के हेड सटीक वक्त नहीं बता पाए. लेकिन, इक्विटी मार्केट में उतार-चढ़ाव की उनकी भविष्यवाणी सही साबित हुई.गार्नरी ने ग्लोबल शेयर में इस उतार-चढ़ाव को पहले के मार्केट में हुए सुधार से 10 फीसदी गिरावट के रूप में परिभाषित किया. हालांकि, अब पीटर गार्नरी का कहना है कि मार्केट में यह गिरावट शॉर्ट टर्म के लिए है. क्योंकि, अमेरिका की 10 साल का खजाना अभी डेंजर लेवल पर नहीं पहुंचा है.
Yesterday was a stark reminder of the ugly 2015 scenario with both equities and bonds lower making only cash a true safe-haven. We maintain our correction call from our Q1 Outlook…
— Peter Garnry, CFA (@petergarnry) January 31, 2018
गार्नरी ने लिखा, “मेरा मानना है कि इक्विटी मार्केट में यह एक अच्छा सुधार है. फिलहाल डरने की कोई बात नहीं है. क्योंकि, अभी तक यूएस की ट्रैजरी डेंजर जोन तक नहीं पहुंची है. ट्रेजरी का लेवल अभी 3.5-4.0 पर्सेंट के रेंज पर है.”
सोमवार को डाउ जोन्स इंडस्ट्रीयल एवरेज 1175 अंक की गिरावट के साथ बंद हुआ. अमेरिकी बाजार के बड़ी गिरावट के साथ बंद होने का असर एशियाई बाजार पर साफ नजर आया. जिसका सीधा असर घरेलू शेयर बाजार पर भी पड़ा है.
एक्सपर्ट का कहना है कि डाउ जोन्स इंडस्ट्रियल का औसत जनवरी 2017 से जनवरी 2018 तक 26% से ऊपर था. यह औसत वृद्धि का तीन गुना है. फिलहाल, मौजूदा वक्त में यह रिकॉर्ड स्तर से 8.5 प्रतिशत नीचे है.
डाउ जोन्स में आई यह गिरावट अगस्त 2011 के बाद से सबसे बड़ी गिरावट है. यूएस मार्केट में आई इस गिरावट के चलते एशियाई बाजारों ने भी गिरावट के साथ शुरुआत की है. जापान के निक्केई इंडेक्स ने 4 फीसदी टूटकर शुरुआत की है.
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