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शिमला के रिज मैदान पर वाटर स्टोरेज टैंक में दरारें दिखने के बाद एमसी शिमला सतर्क हो गई है. इन दरारों की जांच करने और इसका समाधान करने के लिए एमसी शिमला ने आईआईटी रुड़की के साथ साथ आईआईटी दिल्ली और एसजेवीएनएल के विशेषज्ञ भी जांच करेंगे. नगर निगम शिमला इन इन सभी संस्थानों को पत्र लिखकर शिमला आकर इन दरारों को निरिक्षण कर जांच करने का आग्रह किया है. नगर निगम आयुक्त रोहित जम्बाल ने बताया कि रिज टैंक में सफाई के दौरान जो दरारें देखी गई हैं, उन्हें जांचने के लिए एमसी ने विभिन्न संस्थानों को पत्र लिखा है.
जल्द ही इन संस्थानों की टीमें शिमला का दौरा करेगी और इसकी पूरी तरह से जांच करेगी. उन्होंने बताया की संस्थानों की टीमें जो भी निर्देश देगी, एमसी उस पर काम करेगी.
गौरतलब है की पिछले दिनों वाटर स्टोरेज टैंक की सफाई के दौरान एमसी ने टैंक में दरारें देखी थी. जिसके बाद एमसी पूरी तरह से चौकस हो गया है. अंग्रेजों के जमाने का यह वाटर स्टोरेज टैंक है, जिसमें करीब साढ़े 4 एमएलडी पानी के स्टोरेज करने की क्षमता है. इस स्टोरेज टैंक से शिमला के आधे हिस्से में पानी की आपूर्ति की जाती है.
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