Monday, 5 February 2018

मध्यप्रदेश की इन महामहिम की बात कुछ और ही है...!


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नई दिल्ली के चाण्क्यपुरी इलाक़े में है मध्यप्रदेश भवन. यहाँ के रेज़िडेंट कमिश्नर आशीष श्रीवास्तव पिछले एक हफ़्ते से बेहद व्यस्त थे. व्यस्तता ऐसे मेहमान के स्वागत की थी, जो पहली बार दिल्ली आ रहा था. ये मेहमान मध्यप्रदेश की नई महामहिम आनंदीबेन पटेल थीं. पहले भी प्रदेश के राज्यपाल दिल्ली आकर अपने लिए आरक्षित ख़ास सूट में ठहरते थे लेकिन इस बार सरगर्मी कुछ ज़्यादा ही थी.जब कोई वीआईपी दिल्ली स्थित मध्यप्रदेश भवन में आता है तो ख़ास इंतज़ाम किए जाते हैं. यह वीआईपी राज्य का गवर्नर हो तो बात कुछ और ही होती है. राज्यपाल के ठाठ लाटसाहब सरीके होते हैं. इनकी आवभगत में कोई कमी पेशी नहीं छोड़ी जाती. एमपी की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल इन दिनों नईदिल्ली के मध्यप्रदेश भवन में ठहरी हुई हैं. लेकिन उनके आने से पहले की तैयारियाँ इस बार किसी भी राज्यपाल से अलग रहीं. उनकी आवभगत भी कुछ ख़ास हो रही है.


सप्ताह भर पहले से ही मध्यप्रदेश के रेज़िडेंट कमिश्नर गुजरात भवन का चक्कर लगा रहे थे. चाण्क्यपुरी में दोनों भवनों की दूरी बमुश्किल एक किलोमीटर है. गुजरात भवन के अधिकारियों को आनंदीबेन की आवभगत का अनुभव है. मध्यप्रदेश भवन के अधिकारी इस अनुभव से कुछ सीख लेना चाहते थे.


तैयारियों का ख़ास फ़ोकस नए राज्यपाल को खाने में क्या पसंद है इस पर था. मध्यप्रदेश सत्कार अधिकारी किसी भी तरह का जोखिम नहीं उठाना चाहते थे. आख़िरकार तय यह हुआ कि गुजरात भवन के ख़ानसामों को ही महामहिम की सेवा के लिए मध्यप्रदेश भवन शिफ़्ट कर दिया जाए.मध्यप्रदेश भवन में आनंदीबेन के स्वागत में कौन सा कर्मचारी कहां तैनात रहेगा इसकी रूपरेखा कई बैठकों के बाद फ़ाइनल हुई. महामहिम की सेवा में सावधानी का आलम यह था कि उनके लिए दरवाज़ा कौन खोलेगा इसकी रिहर्सल करके सुनिश्चित किया गया की कहीं कोई कमीपेशी ना रह जाए.


इससे पहले कार्यकारी राज्यपाल ओ.पी. कोहली दिल्ली आते रहे हैं. उनसे पहले रामनरेश यादव कई बार और कई दिनों के लिए मध्यप्रदेश भवन में आतिथ्य का सुख ले चुके हैं. लेकिन वर्तमान राज्यपाल का आतिथ्य अभूतपूर्व रहा.


एमपी की राज्यपाल का पद संभालने के बाद आनंदीबेन का यह पहला दौरा है. अपने प्रवास के पहले दिन उन्होंने राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से सौजन्य भेंट की. पीएम मोदी से पटेल की मुलाक़ात एक घंटे चली.


राज्यपाल पद पर नियुक्ति के समय से ही आनंदीबेन पटेल राज्य सरकार के लिए कोई न कोई सरप्राइज़ दे रहीं हैं. उन्होंने अहमदाबाद से भोपाल आने के लिए भेजे गए सरकारी चार्टर प्लेन की सेवाएँ लेने से इनकार कर दिया था और ख़ुद चार्टर बस से सड़क के रास्ते भोपाल पहुँचीं. बीच में पटेल ने सपरिवार महाकाल का आशीर्वाद लिया.


पदभार ग्रहण करने के बाद महामहिम ने प्रदेश के सभी प्रमुख सचिवों को पत्र लिखकर विभाग के कामकाज का लेखाजोखा माँग लिया.


रामनरेश यादव के बाद मध्यप्रदेश में ओ.पी. कोहली प्रभारी राज्यपाल थे. यादव और सीएम शिवराज के बीच समन्वय से पूरा प्रशासन वाक़िफ़ था. लेकिन अब गुजरात से आए नये महामहिम ने शासन से लेकर प्रशासन तक सभी को चौकन्ना कर दिया है.


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