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हरा सोना यानि बांस. बजट भाषण में वित्त मंत्री अरुण जेटली ने बांस को ‘हरा सोना’ कहा और बांस सेक्टर के लिए बजट में 1290 करोड़ का आवंटन किया. पहले बांस को भारतीय वन कानून में पेड़ माना जाता था, लेकिन दिसंबर में बांस को उस कानून से बाहर किया गया, जिससे आदिवासियों की कमाई में सुधार हो सके.बांस इतना खास क्यों?
बांस देश में हर जगह उपलब्ध होने वाली खास ग्रास है. 40,000 हेक्टेयर क्षेत्र में तरह तरह के बांसों की पैदावार होती है. बांस की 25 से अधिक जातियां व लगभग 136 उपजातियां हैं जिसमें से 58 केवल पूर्वोत्तर में हैं. दुनियाभर में बांस का कुल कारोबार 10 अरब डालर है. चीन का बांस उद्योग 25 हजार करोड़ से अधिक का है और भारत का बांस उद्योग करीब 2043 हजार करोड़ रुपए का. भारत में बाजार की संभावना करीब 4463 करोड़ रुपए की है.
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बांस का देशी कारोबार
बांस पर आधारित उद्योग
भूकंप प्रभावित देश जापान के जन-जीवन में बांस खासा अहम है. जापान में भवन-निर्माण, खान-पान व कुटीर उद्योग में बहुतायत से प्रयोग होता है. भारत में भी इसके विभिन्न प्रकार के उपभोगों की अपार संभावनाएं हैं. खाद्य-पदार्थ के रूप में, लघु एवं कुटीर उद्योग, पैकिंग उद्योग, कागज उद्योग के अलावा कई राज्यों में बांस से पुल भी बनाए जाते हैं.दवा के रूप में बांस
वैदिक काल से दमा, खांसी व हड्डी जोड़ने में सहायक के रूप में उपयोग होता रहा है. चरक और सुश्रुति ने किया कई आयुर्वेदिक दवाओं में प्रयोग का उल्लेख किया है. चाइनीज एक्यूपंचर में भी बांस का प्रयोग होता है.
खाद्य पदार्थ के रूप में
ज्यूस, शूट, अचार, इसमें विटामिन, सेल्युलोज, अमीनो अम्ल, और अन्य तत्व प्रचुर मात्रा में मिलते हैं.
लघु एवं कुटीर उद्योग
अगरबत्ती, पेंसिल, माचिस, टूथ-पिक, चॉपस्टिक्स आदि में बांस का उपयोग होता है. अगरबत्ती उद्योग का केंद्र कर्नाटक है. पूर्वोत्तर क्षेत्र में बांस आकर्षक हस्तशिल्प उद्योग बना है.
पर्यावरण और बांस
धरती में सबसे तेजी से बढ़ने वाला पौधा है बांस. एक दिन में 8 से.मी. से 40 से.मी. की बढ़त होती है और पेड़ से ज्यादा आक्सीजन देता है. एयर प्युरीफायर का काम करता है बांस.
Article source: http://khabar.ibnlive.com/news/khel/rcb-srh-david-warner-virat-kohli-ipl-9-super-game-484939.html
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