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ऐक्टर, डायरेक्टर फ़रहान अख़्तर का एक कथित बयान ने सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. ये बयान दरअसल हाल ही में हुई कासगंज हिंसा पर है. एक ट्विट के जरिये फरहान ये कह रहे हैं- उस दिन हिन्दू कासगंज के मुस्लिम बहुल इलाक़े से तिरंगा मार्च नहीं निकालते तो वो मारे न जाते. इस कथित बयान के बयान के बाद सोशल मीडिया में फ़रहान की जमकर आलोचना हो रही है.फ़रहान अख़्तर का कथित बयान जो वायरल हो रहा है
हर महीने में 4 जुम्मे होते हैं और साल में 50 लेकिन 26 जनवरी, हमारा राष्ट्रीय दिवस साल में सिर्फ़ एक बार ही आता है. फ़रहान अख़्तर को बयान देने से पहले ये पता होना चाहिए था. वो गली में तिरंगा यात्रा निकाल रहे थे, मस्जिद में नहीं.
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सोशल मीडिया पर ये लोग फ़रहान अख़्तर के ख़िलाफ़ आग उगल रहे हैं लेकिन फ़रहान ने ये बयान कब और कहाँ दिया, इसकी जानकारी फ़रहान अख़्तर को गाली देने वाले ये लोग नहीं बताते बल्कि इसे पता करने की उन्होंने ज़हमत तक नहीं उठाई.क्या कह रहे हैं यूर्जस
एक ट्वीटर यूर्जस इस बयान पर फ़रहान को कहता है- हर महीने में 4 जुम्मे होते हैं और साल में 50 लेकिन 26 जनवरी, हमारा राष्ट्रीय दिवस साल में सिर्फ़ एक बार ही आता है. फ़रहान अख़्तर को बयान देने से पहले ये पता होना चाहिए था. वो गली में तिरंगा यात्रा निकाल रहे थे, मस्जिद में नहीं.एक अन्य यूर्जस फ़रहान को देशद्रोही घोषित कर रहे हैं. वो कह रहे हैं कि फ़रहान अख़्तर को देशद्रोही घोषित कर दिया जाना चाहिए, उन्हें गिरफ़्तार किया जाना चाहिए. क्या अब मीडिया जागेगा?
बता दें, ट्विटर पर भी गौरव प्रधान नाम के एक शख़्स ने फ़रहान अख़्तर के बयान देने का दावा करता एक ट्वीट किया था. 30 जनवरी की सुबह फ़रहान अख़्तर ने दो ट्वीट किए. पहले ट्वीट में उन्होंने गौरव प्रधान नाम के शख़्स को टैग करते हुए लिखा – ट्विटर इंडिया, ये एक दुर्भावनापूर्व ट्वीट है. मैंने ऐसा कोई बयान नहीं दिया है. इस यूज़र को ख़िलाफ़ कार्रवाई की जाए.
फ़रहान अख़्तर यही नहीं रुके. इसके बाद उन्होंने लोगों को आगाह करते हुए दूसरा ट्वीट किया – मेरे फ़ॉलोअर्स और दूसरे लोगों, सोशल मीडिया के दावों पर विश्वास करने से पहले सतर्क रहें. कुछ बुरी ताक़तें हैं जो नफ़रत फैलाने का काम करती हैं. उनसे बचके रहें. किसी भी चीज़ पर विश्वास करने या उस पर प्रतिक्रिया देने से पहले जाँच-परख लें.
NEWS18 इंडिया की पड़ताल में फ़रहान अख़्तर के कासगंज हिंसा पर आग उगलने वाला बयान देने का दावा करती ख़बर सरासर ग़लत साबित हुई है. फरहान ने ऐसा बयान कभी नहीं दिया.
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