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कौशल विकास (स्किल डेवलपमेंट) मंत्रालय का दावा है कि भारत की 65% जनसंख्या वर्किंग एज ग्रुप में है. हालांकि बाल अधिकार संरक्षण आयोग (NCPCR) ने पाया है कि किशोर लड़कियों को इसमें शामिल नहीं किया गया है.NCPCR की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि शिक्षा का आधिकार अधिनियम कानून में ये सुनिश्चित किया जाता है कि 14 साल की उम्र तक हर किसी को शिक्षा मिले. लेकिन स्किल डेवलेपमेंट प्रोग्राम के तहत 18 साल के बाद ही ट्रेनिंग दी जाती है.
NCPCR के एक मेंमबर प्रियांक कानूगो ने कहा ‘’ ये बड़ा गैप है, 15-18 आयु वर्ग के किशोरों की पढ़ाई को बेकार नहीं किया जाना चाहिए. इसके लिए हम चाहते हैं कि महिला और बाल विकास मंत्रालय को सही उम्र में लोगों को स्किल डेवलेपमेंट प्रोग्राम में लाया जाय.
NCPCR की रिपोर्ट में ये भी कहा गया है कि 15-18 साल की 39.4 फीसदी लड़कियां कही कोई पढ़ाई नहीं करती. जबकि 15-18 साल के 35% लड़के किसी शिक्षण संस्थान में नहीं जाते हैं.रिपोर्ट में आगे ये भी कहा गया है कि “15-18 साल की 65 फीसदी लड़कियां किसी भी शिक्षण संस्थान में नहीं जाती और वो घर का कामकाज करती हैं. जबकि 33.4% स्कूल ना जाने वाले लड़के काम काज़ नहीं करते हैं’’.
(इरम आगा)
Article source: http://feedproxy.google.com/~r/ndtvkhabar/~3/KYqSV1HaGfk/story01.htm
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