Sunday, 4 February 2018

न्यायपालिका की क्षमता पर पूरा यकीन, खुद सुलझा लेंगे संकट: अरुण जेटली


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वित्त मंत्री अरुण जेटली ने भरोसा जताया कि देश की सर्वोच्च अदालत में पैदा हुआ संकट जल्द ही सुलझ जाएगा. इसके साथ ही उन्होंने कहा कि यह कोई पहली बार नहीं हुआ और हमारी न्यायपालिका इस तरह की समस्याओं को हल करने में सक्षम हैं.अरुण जेटली ने न्यूज़18 से खास बातचीत में कहा, ‘मुझे लगता है कि यह पहला मौका नहीं जब ऐसी चीज़ें हुई है. यह अक्सर नहीं होता, लेकिन मुझे नहीं लगता कि यह पहली बार हो रहा है. हमारे संस्थानों और उनके लचीलेपन पर मुझे पूरा भरोसा है. मुझे पक्का यकीन है कि वह खुद इस मसले को सुलझाने में सक्षम हैं.’


बता दें कि सुप्रीम कोर्ट के चार सीनियर जजों जस्टिस जस्ती चेलामेश्वर, जस्टिस रंजन गोगोई, जस्टिस कुरियन जोसेफ और जस्टिस मदन बी लोकुर ने हाल ही में सुप्रीम कोर्ट में रोस्टर सिस्टम और केसों के आवंटन को लेकर नाराज़गी जाहिर की थी.


चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा के साथ मतभेद दूर नहीं होने की स्थिति में चारों जजों ने प्रेस कॉन्फ्रेंस किया था. भारतीय न्यायिक व्यवस्था के इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ, जब सुप्रीम कोर्ट के जजों को किसी मामले को लेकर ‘जनता की अदालत’ में आना पड़ा हो.सुप्रीम कोर्ट का विवाद बढ़ने के बाद चीफ जस्टिस ने कुछ दिनों पहले नया रोस्टर बनाया है. नए रोस्टर के मुताबिक, सुप्रीम कोर्ट के प्रत्येक जज को खास मामले के तहत केस दिया जाएगा.


सुप्रीम कोर्ट की ऑफिशियल वेबसाइट के मुताबिक, 5 फरवरी से लागू हो रही नई व्यवस्था के तहत केसों का आवंटन मामलों की अहमियत के हिसाब से होगा. चीफ जस्टिस अन्य मामलों के साथ सभी स्पेशल लीव पिटीशन (SLPs), सार्वजनिक हितों, सामाजिक न्याय, चुनाव, मध्यस्थता और आपराधिक मामलों से जुड़े केस की सुनवाई करेंगे. ये मामले सुप्रीम कोर्ट में सुनी जाने वाली महत्वपूर्ण मामलों का एक बड़ा हिस्सा है.


सीजेआई के बाद सुप्रीम कोर्ट के बाकी जज श्रमिक विवाद, काराधान, मुआवजा, उपभोक्ता सुरक्षा, समुद्री कानून, बंधक, व्यक्तिगत कानून, पारिवारिक कानून, जमीन अधिग्रहण, सेवा, कंपनी जैसे मामलों की सुनवाई करेंगे.


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