Monday, 5 February 2018

अकाली दल ने जारी किया वीडियो, कहा- टाइटलर खुद कबूल रहे सिख दंगों में अपना हाथ


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अकाली दल ने पूर्व केंद्रीय मंत्री और कांग्रेस नेता जगदीश टाइटलर का एक कथित वीडियो क्लिप जारी किया है. अकाली दल का आरोप है कि टाइटलर इस वीडियो में कथित रूप से 1984 के सिख विरोधी दंगों में कांग्रेस का हाथ होने की बात कबूल रहे हैं.न्यूज़18 इस वीडियो क्लिप की सत्यता की पुष्टि नहीं कर सकता, इस कारण हम इसे प्रदर्शित नहीं कर रहे. हालांकि अकाली नेता और दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंध कमेटी के प्रमुख मनजीत सिंह जीके ने बताया कि शनिवार को एक शख्स मुझे मेरे घर पर एक लिफाफा दे गया, जिसके अंदर मुझे एक स्क्रिप्ट और पेन ड्राइव मिली. इसमें 84 के दंगों में कांग्रेस नेता अपना जुर्म कबूल करते दिख रहे हैं. उन्होंने कहा, ‘मैं ये पेन ड्राइव सीबीआई के हवाले करूंगा और कहूंगा कि जांच करे कि असलियत क्या है, क्योंकि इसमें वो लोग खुद अपना जुर्म कबूल रहे हैं.’




सिख नेता ने साथ ही कहा, ‘शिरोमणि अकाली दल संसद में भी इस मुद्दे को उठाएंगे. हम दिल्ली पुलिस और पीएम को भी ये सारी चीज़ें भेजेंगे, क्योंकि 34 साल बाद भी ये लोग खुले घूमते रहे, तो किसी को कानून व्यवस्था पर भरोसा नहीं रह जाएगा.’


दरअसल सिख विरोध दंगों में आरोपी जगदीश टाइटलर कुछ दिनों पहले अपने बयान को लेकर चर्चा में आए थे. टाइटलर ने यह बताया था कि तत्कालीन प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने दंगों के वक्त हालात का जायजा लेने के लिए उनके साथ उत्तरी दिल्ली के कई चक्कर लगाए थे.


राजीव गांधी की मां और पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की उनके सिख सुरक्षाकर्मी द्वारा हत्या किए जाने के बाद दिल्ली सहित देश के कई हिस्सों में सिख विरोधी दंगे भड़क गए थे.


टाइटलर ने इन दंगों को लेकर न्यूज़ 18 से बात करते हुए कहा कि राजीव गांधी ने उनकी कार में इलाकों का मुआयना किया था. वह दिल्ली के पार्टी सांसदों से काफी गुस्सा थे. उन्होंने सभी सांसदों को अपने इलाके में जाकर हालात शांत करने को कहा था.


इन दंगों की जांच के लिए गठित नानावटी आयोग ने अपनी रिपोर्ट में पूर्व केंद्रीय मंत्री टाइटलर को मुख्य षड्यंत्रकारियों में से एक बताया था. टाइटलर पर दंगों के दौरान पुलबंगश गुरुद्वारा में तीन सिखों के कत्ल का भी इल्जाम लगा था. इन मामले में अभी सीबीआई जांच चल रही है और टाइटलर के खिलाफ लगा कोई भी आरोप अब तक साबित नहीं हो सका है.


सिख विरोधी दंगों की जांच के सिलसिले में सीबीआई ने टाइटलर का लाय-डिटेक्टर टेस्ट कराने की मांग की है. वहीं 74 वर्षीय इस नेता का कहना है कि वह इसके लिए बाध्य नहीं, लेकिन अगर सीबीआई यह मान लेती है कि इससे पहले की विभिन्न जांच में उन्हें क्लीन चिट देने में एजेंसी ने गलती की थी, तो मैं लाय-डिटेक्टर टेस्ट करा लूंगा.


कांग्रेस नेता टाइटलर की 1984 के दंगों के मामले में कथित भूमिका के मामले में दुबारा जांच की मांग उनके पूर्व साथी और हथियार डीलर अभिषेक वर्मा के हालिया दावों के बाद उठी है. वर्मा ने कड़कड़डूमा कोर्ट में टाइटलर के खिलाफ बयान दिया था. वर्मा ने मामले से जुड़े गवाहों पर जबरदस्‍ती करने और कुछ को विदेश भेजने का आरोप लगाया था.


इसके जवाब में टाइटलर ने कहा कि एक नेता की मध्‍यस्‍थता में हुए फैसले पर वर्मा का साथ न देने पर यह आरोप लगाए गए हैं. बकौल टाइटलर, ‘उस मामले में उसकी मदद से इनकार करने पर ये ताजा आरोप लगाए गए हैं.’


टाइटलर ने साथ ही आरोप लगाया कि अकाली दल के विरोधियों ने उनके खिलाफ बदनामी का अभियान छेड़ा है. उन्‍होंने साथ ही दंगों के बारे में कहा कि यह इंदिरा गांधी की हत्‍या के चलते उपजे थे.


Article source: http://hindi.news18.com/news/politics/akhilesh-yadav-group-all-relevant-documents-submitted-to-the-election-commission-932281.html

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