Thursday, 1 February 2018

जासूसी के मामले में वायुसेना अधिकारी की हिरासत जल्दबाजी में नहीं: निर्मला सीतारमण


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रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज कहा कि जासूसी के संदेह में पकड़े गए भारतीय वायुसेना के एक अधिकारी को निगरानी के आधार पर हिरासत में लिया गया और कोई कार्रवाई जल्दबाजी में नहीं की गई. यहां वायुसेना मुख्यालय में तैनात एक ग्रुप कैप्टन को सेना ने जासूसी और संवेदनशील दस्तावेजों तक पहुंच हासिल करने की संभावित कोशिश में शामिल होने के आरोप में हिरासत में लिया है.अधिकारियों ने बताया कि सीतारमण को पहले ही अधिकारी के खिलाफ की गई कार्रवाई से अवगत करा दिया गया है. इस मामले के बारे में पूछे जाने पर रक्षा मंत्री ने बताया कि उसे हिरासत में लेने के पर्याप्त कारण थे. सूत्रों ने गुरुवार को बताया था कि इस बात की जांच की जा रही है कि कहीं वह ‘हनी ट्रैप’  का तो शिकार नहीं हुआ.


क्या है पूरा मामला?
वायुसेना मुख्यालय में तैनात एक ग्रुप कैप्टन को कथित तौर पर जासूसी में संलिप्त रहने और संवेदनशील दस्तोवेजों को हासिल करने के प्रयास को लेकर सेना ने हिरासत में लिया है. आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि जांचकर्ता यह भी जांच कर रहे हैं कि क्या अधिकारी हनीट्रैप का शिकार बने हैं.सूत्रों ने बताया कि अधिकारी अनधिकृत इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के माध्यम से कुछ ‘‘अवांछित गतिविधियों’’ में संलिप्त थे. ये उपकरण प्रतिबंधित हैं. ऐसा अनुमान लगाया जा रहा है कि सोशल मीडिया के माध्यम से वह एक महिला के संपर्क में थे जिसकी पहचान अभी तक नहीं हो पाई है.


सूत्रों ने बताया कि भारतीय वायुसेना की केंद्रीय सुरक्षा और जांच की एक टीम ने अधिकारी को हिरासत में लिया और वर्तमान में उनसे पूछताछ चल रही है. सूत्रों ने कहा कि नियमित खुफिया निगरानी के दौरान अधिकारी की ‘‘अवांछित’’ गतिविधियों का पता चला. उन्होंने बताया कि अधिकारी संवेदनशील दस्तावेजों को हासिल करने का प्रयास कर रहे थे.


वायुसेना ने आधिकारिक तौर पर इस पर कोई टिप्पणी नहीं की है. सूत्रों ने कहा कि अधिकारी की पहचान गुप्त रखी गई है क्योंकि मामले की जांच जारी है. जांचकर्ता यह भी पता लगा रहे हैं कि क्या अधिकारी ने संवेदनशील सूचनाएं किसी को भेजी तो नहीं हैं.


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