Saturday, 3 February 2018

दो दुकानदारों पर नकली सॉफ्टवेयर से आधार में सेंध लगाने और राशन चुराने का आरोप


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उचित मूल्य दुकानों के दो दुकानदारों को सूरत में अपराध शाखा ने कथित तौर पर नकली सॉफ्टवेयर और गैर-अधिकृत बायोमैट्रिक आंकड़ों की मदद से हितग्राहियों के सब्सिडी युक्त अनाज को कथित हस्तातंरित करने के आरोप में गिरफ्तार किया.पुलिस ने बताया कि 53 वर्षीय बाबूभाई बोरीवाल और 61 वर्षीय संपतलाल शाह को शुक्रवार को गिरफ्तार कर लिया गया और पांच दिन के लिये पुलिस हिरासत में भेज दिया गया.


अपराधा शाखा के निरीक्षक बी एन दवे ने उनकी कार्यप्रणाली समझाते हुये बताया, ‘राज्य सरकार ने राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा कानून 2013 के तहत अप्रैल 2016 में अन्नपूर्णा योजना शुरू की थी. इसमें उचित मूल्य की दुकानों का नाम बदलकर पंडित दीनदयाल ग्राहक भंडार कर दिया गया. यह सभी भंडार कंप्यूटरीकृत किये गये थे, ताकि सब्सिडी युक्त अनाज उचित हितग्राही को मिल सके.’


दवे ने बताया कि उचित मूल्य की दुकानों को सरकार द्वारा उपलब्ध कराये गये ‘ई-एफपीएस’ एप्लीकेशन का इस्तेमाल करना था. उन्होंने बताया, ‘इसके लिये दुकानदारों को एक यूजरनेम और पासवर्ड दिया गया था, ताकि वह बायोमैट्रिक आंकड़ों तक पहुंच सकें और दुकान से सब्सिडी युक्त अनाज लेने वालों का इलेक्ट्रानिक रिकार्ड रख सकें.’गिरफ्तार किये गये दुकानदारों ने बताया कि इसके लिये उन्होंने नकली साफ्टवेयर का प्रयोग किया और अज्ञात स्रोत के जरिये हितग्राहियों के आंकड़ों तक पहुंच गये. पुलिस ने बताया कि दोनों आरोपियों पर भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है.


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