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सरकार ने राफेल सौदे को पूरा करने में निर्धारित प्रक्रिया का पालन किया है. आधिकारिक सूत्रों ने गुरुवार को यह बात कही. उन्होंने मीडिया में आई एक खबर का खंडन करते हुए यह कहा, जिसमें रक्षा मंत्रालय के एक वरिष्ठ नौकरशाह ने विमान के मानक मूल्य के बारे में सवाल उठाए थे. सूत्रों ने दावा किया कि खबर में कई तथ्यात्मक गलतियां हैं.रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने भी यह खबर खारिज करते हुए कहा है कि अधिकारी समझौते पर अंतिम नोट पर हस्ताक्षरकर्ता थे. इसे अगस्त 2016 में मंजूरी के लिए केंद्रीय कैबिनेट को पेश किया गया था.
गौरतलब है कि एक इंटरव्यू में पूर्व रक्षा मंत्री पवार ने कहा कि जनता को प्रधानमंत्री मोदी की मंशा पर ‘कोई शंका’ नहीं है. पवार ने यह भी कहा कि विपक्ष की ओर से लड़ाकू विमान की तकनीकी की जानकारी मांगने का ‘कोई मतलब नहीं’ है.
हालांकि पवार ने कहा कि नरेंद्र मोदी सरकार को राफेल लड़ाकू विमानों की कीमत का खुलासा करने में कोई दिक्कत नहीं होनी चाहिए क्योंकि यह कोई तकनीकी विषय नहीं है. पूर्व रक्षा मंत्री ने कहा कि जहां तक इसके तकनीकी पहलुओं की बात है राफेल विमान देश के रक्षा क्षेत्र के लिए बहुत उपयोगी है.(इनपुट भाषा से)
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