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अमेरिका में अवैध रूप से प्रवेश करने के लिए गिरफ्तार भारतीयों की संख्या साल 2018 में लगभग तीन गुना हो गई है. गिरफ्तार होने वाले समूह में वह तीसरे सबसे बड़े समूह हैं. यह जानकारी शुक्रवार को अमेरिकी सीमा शुल्क और सीमा संरक्षण विभाग ने दी.CBP प्रवक्ता साल्वडॉर जमोरा ने कहा कि प्रति व्यक्ति 25,000 से 50,000 डॉलर के बीच तस्करों को भुगतान कर भारतीयों की बढ़ती संख्या अवैध रूप से यूएस-मेक्सिको सीमा पार कर रही है और शरण का दावा कर रही है.
जमोरा ने एक साक्षात्कार में कहा कि कई अवैध प्रवासी उत्पीड़न का दावा करते हैं लेकिन उनमें से कई आर्थिक शरणार्थी होते हैं जो समस्या बनते हैं. रायटर्स के अनुसार वाशिंगटन में भारतीय दूतावास और सैन फ्रांसिस्को में भारतीय वाणिज्य दूतावास ने इस पर कोई टिप्पणी नहीं की.
जमोरा ने कहा कि CBP को लगता है कि 30 सितंबर को समाप्त होने वाले वित्तीय वर्ष में आंकड़े ‘9,000’ भारतीय नागरिकों की गिरफ्तारी तक पहुंच जाएंगे. वित्तीय वर्ष 2017 में 3,162 भारतीय नागरिकों को पकड़ा गया था.यह भी पढ़ें: ट्रंप प्रशासन ने UN सिक्योरिटी काउंसिल में भारत की स्थायी सदस्यता के लिए समर्थन दोहराया
ज़मोरा ने कहा कि इस साल अवैध रूप से संयुक्त राज्य अमेरिका में प्रवेश करने वाले लगभग 4,000 भारतीयों को मैक्सिकल में सीमा की घेराबंदी के तीन मील की परिधि में गिरफ्तार किए गया है.उन्होंने कहा, ‘ मैक्सिकन सीमा से सटा हुआ एक शहर है, जहां अमेरिका में घुसने में मदद मिलती है. ‘
आप्रवासन वकीलों ने कहा कि शरण चाहने वाले ‘निचली जाति’ के भारतीयों को अपनी जाति से बाहर सिख से शादी करने पर मौत की धमकी का सामना करना पड़ रहा है. जमोरा ने कहा कि धोखाधड़ी वाले शरण चाहने वाले अक्सर अन्य प्रवासियों की तरह सबूत छेड़छाड़ कर के प्रस्तुत करते हैं.
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