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केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह के 4-5 जुलाई को जम्मू कश्मीर के दौरे के दौरान समीक्षा बैठक में राज्य सरकार ने कई निर्णय लिए हैं. इसमें वर्तमान में चल रहे स्थानीय निकाय चुनाव की तैयारी सबसे महत्वपूर्ण निर्णय था. केंद्र सरकार ने चुनावों के सुचारू रूप से संचालन के लिए पर्याप्त संख्या में केंद्रीय बलों की तैनाती समेत हर संभव मदद का वादा किया है.गृहमंत्री ने शुक्रवार को ट्वीट करके कहा कि कारगिल और लेह की पंचायत भी काउंसिल के निर्देशों का पालन करेगी. मुख्य कार्यकारी काउंसलर ही सभी पर्यटन विकास प्राधिकरणों के अध्यक्ष होंगे. काउंसिल में बेहतर कामकाज के लिए एक उपाध्यक्ष भी होगा.
The Panchayats in Kargil and Leh will also follow directions of these councils. Chief Executive Councillor will also be the Chairman of all Tourism Development Authorities. These Councils will also have a Deputy Chairman for better functioning. 16/19
— राजनाथ सिंह (@rajnathsingh) September 28, 2018
वहीं, जम्मू-कश्मीर में होने जा रहे स्थानीय निकाय चुनावों को लेकर गृह मंत्री ने कहा कि इनका कई पहलुओं में ऐतिहासिक महत्व होगा. इस बार जम्मू-कश्मीर में स्थानीय निकाय चुनाव जमीनी स्तर पर लोकतंत्र को फिर से स्थापित करेंगे.
बता दें कि 2005 के बाद पहली बार स्थानीय निकाय चुनाव और 2011 के बाद पंचायत चुनाव होगा. यहां पंचायतों के सरपंचों के लिए प्रत्यक्ष चुनावों के प्रावधान को भी बहाल कर दिया गया है. बता दें कि राज्य में अगले महीने स्थानीय निकाय के चुनाव होने जा रहे हैं.
इस चुनाव के कारण 14वें वित्त आयोग ने केंद्रीय अनुदान के तौर पर 4,335 करोड़ रुपये दिए हैं. लेकिन यहां के लोग इसके लाभ से वंचित रहेंगे. देश के स्थानीय चुनावों में भी शक्ति प्रदर्शन की प्रथाओं का महत्वपूर्ण रूप से विकास हुआ है. इससे उन्हें अपने अधिकार क्षेत्र में स्थानीय मुद्दों को मजबूती से रखने में मदद मिलेगी.
भारत के संविधान के 73वें संशोधन के तहत पंचायतों को सभी 29 विषयों के साथ स्थानांतरित किया जाएगा. जिसमें प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, प्राथमिक विद्यालय और आंगनबाड़ी केंद्र जैसे कुछ नाम शामिल हैं.
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पंचायतों की वित्तीय शक्तियों को बढ़ाने के लिए फंड को 10 हजार से 10 गुना बढ़ाकर एक लाख रुपये किया जा रहा है. ब्लॉक काउंसिल का फंड भी 10 गुना बढ़ाकर 25 हजार रुपये से 2.5 लाख रुपये किया जा रहा है. पंचायतों को ‘स्वयं निधि उत्पादन’ बढ़ाने के लिए विशेष अधिकार दिए जा रहे हैं. इनमें बिल्डिंग अनुमति शुल्क, मनोरंजन कर, विज्ञापन और होर्डिंग जैसे विभिन्न प्रकार के व्यवसाय और पेशे शामिल होंगे।
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विभिन्न योजनाओं के लिए पात्र लाभार्थियों के चयन के अलावा पंचायत राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, समग्र शिक्षा, बागवानी विकास मिशन, एटीएमए और पीएमकेएसवाई जैसी प्रमुख राष्ट्रीय योजनाओं के कार्यान्वयन में भी शामिल होगी. ऐसी योजनाओं को लागू करने के लिए प्रत्येक पंचायत को औसतन प्रति वर्ष 50 से 80 लाख रुपये दिए जाएंगे. पंचायतों को मजबूत करने के लिए अकाउंटेंट, डाटा एंट्री आॅपरेटर और ब्लॉक पंचायत इंस्पेक्टर के लिए नियुक्ति को स्वीकृति दी जाएगी.
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Article source: https://www.jagran.com/news/national-an-encounter-between-security-forces-and-terrorists-in-baramulla-of-jk-18293234.html
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