Sunday, 30 September 2018

जस्टिस चंद्रचूड़: बहुमत से अलग फैसलों ने बनाया उदारवादियों का पोस्‍टर बॉय


READ MORE

सुप्रीम कोर्ट ने इस सप्‍ताह आधार, सबरीमाला, धारा 377 व एडल्‍टरी जैसे मामलों पर ऐतिहासिक फैसले दिए और भीमा कोरेगांव मामले की सुनवाई भी विशेष रही. इन फैसलों के दौरान एक नाम काफी सुर्खियों में रहा. यह नाम है जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़. उन्‍होंने आधार, धारा 377 और भीमा कोरेगांव मामले में जो फैसला लिखा वह बाकी जजों से अलग रहा. इसके चलते सोशल मीडिया पर उन्‍हें ‘असहमति का नया नायक’ कहा जा रहा है.फेसबुक और टि्वटर जैसी सोशल मीडिया साइट्स पर जस्टिस चंद्रचूड़ के लिए ‘लिबरल लॉयन’ और ‘सुप्रीम कोर्ट का चमकता सितारा’ जैसे अलंकार रचे गए. उदारवादियों के लिए वह पोस्‍टर बॉय बनकर उभरे हैं. उनके हालिया फैसलों व टिप्‍पणियों ने जज लोया के मामले में दिए गए उनके फैसले को कई लोगों के जेहन से दूर कर दिया.


जस्टिस चंद्रचूड़ ने अपने फैसलों के दौरान पिता के दिए गए फैसले को भी पलट दिया. उनके पिता जस्टिस वाईवी चंद्रचूड़ ने एडल्‍टरी से जुड़े सेक्शन 497 को संवैधानिक करार दिया था लेकिन जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ ने इसे पलटते हुए कहा कि सेक्शन 497 लैंगिक भेदभाव पर आधारित है. शादी के बाद महिला की यौन संबंधी स्वायत्तता पर पति का एकाधिकार नहीं होता. इससे पहले निजता से जुड़े मामले में भी उन्‍होंने अपने पिता से अलग फैसला दिया था.


जस्टिस चंद्रचूड़ के पिता सबसे लंबे समय तक देश के मुख्‍य न्‍यायाधीश रहे थे. वहीं जस्टिस चंद्रचूड़ मार्च 2000 में 40 साल की उम्र में हाईकोर्ट जज बन गए थे. वह नवंबर 2022 में देश के मुख्‍य न्‍यायाधीश बन सकते हैं.आधार से जुड़े मामले की सुनवाई के दौरान जस्टिस चंद्रचूड़ ने बाकी जजों से अलग फैसला दिया था. उन्‍होंने कहा था कि आधार योजना संवैधानिक खामियों से ग्रस्त है, क्योंकि यह निजता के अधिकार सहित मौलिक अधिकारों का उल्लंघन करती है. निजी कंपनियां बिना बिना सहमति के उसकी व्यक्तिगत सूचना कारोबारी मकसद से इस्तेमाल करती हैं. आधार नहीं होने तक सामाजिक कल्याण योजनाओं का लाभ नहीं देना नागरिकों के मूल अधिकारों का उल्लंघन है. आधार योजना अपने अंदर की खामियों को दूर करने में असफल रही है.


वहीं शुक्रवार को भीमा कोरेगांव से जुड़े मामले की सुनवाई के दौरान भी जस्टिस चंद्रचूड़ की राय बाकी जजों से अलग थी. उन्‍होंने कहा था कि असहमति व्‍यापक लोकतंत्र का प्रतीक है. अलग राय लोकतंत्र के प्रेशर कुकर में सेफ्टी वॉल्व की तरह है. इसे पुलिस की कड़ी ताकत से बांधा नहीं जा सकता.


Article source: http://aajtak.intoday.in/story/operation-hurriyat-10-big-revealation-on-pakistan-funding-of-kashmir-seperatists-1-930383.html

No comments:

Post a Comment