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कांग्रेस और पाटीदार अनामत आंदोलन समिति की बैठक में चार मुद्दों पर सहमति बनी है. हालांकि, आरक्षण के मुद्दे पर कोई हल नहीं निकल सका. कांग्रेस ने कहा कि संवैधानिक तरीके से आरक्षण लागू करने के लिए हम कानूनी सलाह लेंगे.हार्दिक पटेल ने बताया कि कांग्रेस के साथ बैठक का मुख्य मुद्दा आरक्षण था. कांग्रेस ने उनकी चार मांगों को मानते हुए वादा किया कि कांग्रेस की सरकार आने पर आंदोलन के दौरान पाटीदारों के खिलाफ लगाए गए राजद्रोह के केस वापस लिए जाएंगे. आरक्षण के मुद्दे पर कांग्रेस ने कहा कि संवैधानिक तरीके से आरक्षण मिले, इसके लिए यूपीए की लीगल टीम कानूनी सलाह लेगी.
बैठक में कांग्रेस ने वादा किया कि आंदोलन के दौरान जान गंवाने वाले पाटीदारों के परिवार को 35 लाख रुपए का मुआवजा दिया जाएगा. साथ ही परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी भी दी जाएगी. आंदोलन के दौरान पाटीदारों पर गोली दागने वाले पुलिस अधिकारियों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी. साथ ही एसआईटी का गठन किया जाएगा.
कांग्रेस ने कहा कि संवैधानिक तरीके से सवर्ण आयोग की रचना की जाएगी. यही नहीं, सवर्ण आयोग की 600 करोड़ की सीमा बढ़ाकर 2000 करोड़ किया जाएगा.बीजेपी पर आरोप लगाते हुए हार्दिक पटेल ने कहा कि बीजेपी ने इन सभी मामलों पर कुछ नहीं किया. बीजेपी ने 20 लाख की सहायता भी उमिया माता ट्रस्ट के द्वारा की. सवर्ण आयोग की रचना भी एक नोटिफिकेशन के जरिये की. पुलिस पर भी किसी प्रकार की कार्रवाई नहीं की.
उन्होंने कहा कि बीजेपी पर भरोसा कर के देख लिया. विपक्ष के साथ चर्चा करने में कोई हर्ज नहीं है. हमें संवैधानिक तरीके से आरक्षण चाहिए. न ही हमें कांग्रेस से प्यार है और न ही बीजेपी से मोहब्बत. कांग्रेस के पास अपना पक्ष साफ तौर पर सबके सामने रखने के लिए सात नवंबर तक का समय है.
हार्दिक ने कहा कि तीन नवंबर को होने वाली राहुल गांधी की रैली का विरोध नहीं करेंगे. समाज जो कहेगा हम उनके साथ रहेंगे. उन्होंने कहा कि राहुल गांधी के साथ मुलाकात अभी तय नहीं है.
कांग्रेस के साथ बातचीत पर हार्दिक ने कहा कि जो पार्टी सत्ता में नहीं है उस पर विश्वास करना सही है. हम कांग्रेस के साथ इसलिए बात कर रहे हैं क्योंकि सत्ता में बैठी पार्टी हमसे ठोस मुद्दों पर बात करने के लिए तैयार नहीं है.
आरक्षण की बात पर उन्होंने कहा कि गुजरात के पटेल समाज का ही नहीं बल्कि ये हर समाज का मुद्दा है. भाजपा पटेल समुदाय को बदनाम करना चाहती है. हम कांग्रेस से बात करते हैं तो वो कहते हैं की हम कांग्रेसी हैं. उन्होंने कहा कि अगर सत्ता पर बैठी पार्टी चर्चा नहीं करती तो विपक्ष से बात करना गलत नहीं है.
बीजेपी केस वापस लेने की बात कहकर सबको बेवकूफ बनाती है, वास्तव में उन्होंने एक भी केस वापस नहीं लिया है. उन्होंने कहा कि पटेल समुदाय को उतना दे दो जो उनका हक है, लड़ाई पटेल समुदाय की है पर फायदा हर समुदाय का है.
हार्दिक ने कहा कि हमें चुनाव नहीं लड़ना है, भाजपा गुंडागर्दी पर उतर आई है, कांग्रेस से हमारी मुलाकात सकारात्मक रही लेकिन आरक्षण के मुद्दे पर चर्चा नहीं हुई. हम किसी के समर्थन में नहीं हैं और किसी के विरोध में नहीं हैं.
हम भाजपा के साथ कभी नहीं बैठेंगे, भाजपा हो या कांग्रेस हमारे लिए अपना पक्ष साफ करे. चुनाव लड़ने से इनकार करते हुए हार्दिक ने कहा कि राहुल गांधी कहते हैं कि हम आरक्षण के मुद्दे पर चर्चा करेंगे तो हम जायेंगे. दो रिटायर जजों को लेकर हम इस मुद्दे पर चर्चा करेंगे, भाजपा से निवेदन है कि लोगों को मूर्ख ना बनाए.
अंत में उन्होंने कहा कि हमें आरक्षण चाहिए, चाहे कैसे भी दो लेकिन हमें चाहिए. गुर्जरों को आरक्षण कैसे मिल गया, बीजेपी इस पर कुछ नहीं करती है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस के साथ अगली मुलाकात आखिरी होगी. अगर कांग्रेस आरक्षण देने का वादा करती है तो मुझे किसी को कुछ कहने की जरूरत नहीं होगी.
Article source: https://hindi.news18.com/news/nation/garje-gujrat-bjp-slogan-for-gujrat-assembly-election-1095269.html
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