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दिल्ली उच्च न्यायालय ने सोमवार को अधिकारियों से ये सुनिश्चित करने को कहा कि यहां स्कूलों में मोहल्ली क्लीनिक नहीं खोले जाएं क्योंकि ऐसा करने से स्कूलों में बच्चों के आने में कठिनाई पैदा होगी और ये स्थान असुरक्षित हो जाएंगे.अदालत ने आम आदमी पार्टी की सरकार से और नगर निगमों से डीडीए के प्रस्तावित अनेक स्थानों पर मोहल्ला क्लीनिक खोलने की व्यावहारिकता का अध्ययन करने को भी कहा.
कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश गीता मित्तल और न्यायमूर्ति सी हरिशंकर की पीठ ने कहा, ‘आजकल पहले ही बच्चों का उत्पीड़न बहुत होता है. इस तरह के कदम उठाकर स्कूलों में उनके प्रवेश को अवरुद्ध नहीं करें. सुनिश्चित करें कि आप सुरक्षित स्थानों को असुरक्षित नहीं बना दें. ये एक वैध चिंता है.’ इस पर दिल्ली सरकार के वकील संजोय घोष ने कहा कि अदालत के पिछले आदेश के अनुसार मोहल्ला क्लीनिक के लिए एमसीडी के किसी स्कूल का इस्तेमाल नहीं किया जा रहा है.
इससे पहले वकील अशोक अग्रवाल ने मामले में पक्ष बनाये जाने की मांग की थी और दलील दी थी कि वो मोहल्ला क्लीनिक खोलने के खिलाफ नहीं हैं लेकिन इस मकसद से स्कूल परिसरों और पार्कों का इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए. इसके बाद अदालत ने उक्त टिप्पणी की.जब सरकारी वकील ने अग्रवाल की याचिका का विरोध किया तो अदालत ने अग्रवाल से इस संबंध में एक आवेदन दाखिल करने को कहा.
Article source: http://khabar.ibnlive.com/news/khel/anurag-thakur-writes-another-letter-to-the-members-of-bcci-519437.html
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