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शिक्षा के नाम पर फर्जी मार्कशीट और सर्टिफिकेट बेचने का गोरखधंधा अब पहाड़ में भी अपने पैर पसारने लगा है जिसके शिकार भोले-भाले छात्र आसानी से हो रहे हैं. टिहरी गढ़वाल में न्यूज़ 18 के हाथ हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की दिल्ली बोर्ड की फर्जी मार्कशीट और सर्टिफिकेट के दस्तावेज़ लगे हैं जिनके एवज में छात्रों से 20 से 50 हजार रुपये तक वसूले जा रहे हैं.टिहरी गढ़वाल चंबा निवासी आशी और अरविंद ने 2015 में बादशाहीथौल के एक कम्प्यूटर सेंटर से ओपन यूनिवर्सिटी से 10वीं और 12वीं का फार्म भरा और 15 से 20 हजार रुपये जमा किए जिसके बाद सेंटर संचालन ने उन्हें कुछ माह बाद प्रवेश पत्र देने और परीक्षा में शामिल होने की बात कही.
लेकिन लगातार संपर्क के बावजूद उन्हें करीब डेढ़ साल बाद भी उनको प्रवेश पत्र नहीं मिला और न ही परीक्षा हुई. इसके बाद उन्होंने संचालक पर पैसे वापस देने का दबाव बनाया जिस पर संचालक ने उन्हें कुछ माह बाद मार्कशीट देने के लिए बुलाया और ICSE इंटरमीडिएट काउंसिल ऑफ स्कूलिंग एजुकेशन दिल्ली बोर्ड से मान्यता प्राप्त की नेट से प्रिंट की हुई फ़र्ज़ी मार्कशीट पकड़ा दी.
दोनों छात्रों ने परीक्षा न होने के बावजूद मार्कशीट मिलने के सवाल पर उसने कहा कि तुम्हारी परीक्षा हो चुकी है तुम पास हो गए हो. दोनों छात्रों ने जब ओरिजनल मार्कशीट देने को कहा तो वह इधर-उधर की बाते करता रहा और उन्हें आज कल में मार्कशीट आने का आश्वासन देता रहा.मार्कशीट में अंकित ICSE के बारे में जब छात्रों ने नेट पर सर्च किया तो वो पूरी तरह से फर्जी निकली और दिल्ली बोर्ड से उसका कोई भी संबध नहीं निकला.
जब इस बाबत उन्होंने अपने बड़े भाई को बताया तो उसने आरटीआई के तहत जानकारी ली तो पता चला यह बोर्ड पूरी तरह से फर्जी है और इस तरह की कोई भी मान्यता या ओपन बोर्ड नहीं चल रहा है.
न्यूज़ 18 ने इस मामले से डीएम को अवगत कराया गया तो उन्होंने ज़िला शिक्षा अधिकारी को मामले की जांच कर रिपोर्ट देने को कहा है.
Article source: https://hindi.news18.com/videos/hum-to-puchenge-46-1142854.html
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