Monday, 30 October 2017

राहुल गांधी का ये कुत्ता आख़िर क्यों है इतना ख़ास


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राहुल गांधी ने हाल ही में एक मजाकिया ट्वीट के जरिए अपने उन आलोचकों पर निशाना साधा था, जो ट्विटर पर बढ़ती उनकी लोकप्रियता पर सवाल उठा रहे थे. राहुल ने एक ट्वीट के जरिए बताया कि उनके लिए कौन ट्वीट करता है, और कौन सोशल मीडिया मैनेज कर रहा है.अपने ट्वीट में राहुल गांधी ने अपने कुत्ते को लेकर लिखा- लोग अक़्सर सवाल करते हैं कि इस आदमी के लिए कौन ट्वीट करता है… तो मैं सभी के सामने हाज़िर हूं… यह मैं हूं… पीडी… मैं उन्हीं की तरह स्मार्ट हूं. देखिए मैं एक ट्वीट के साथ क्या सकता हूं…ओह…ट्रीट के साथ!’




राहुल गांधी का ट्वीट तो वायरल हुआ ही साथ लोग राहुल गांधी के पालतू कुत्ते पीडी पर भी बात करना शुरू कर दिया.


आख़िर इस कुत्ते में ऐसा क्या ख़ास है जो इस कुत्ते जो राहुल गांधी का फेवरेट बनाता है. आइये जानते हैं राहुल गांधी का हुक्म को मानने के अलावा इस कुत्ते की और क्या ख़ासियत है.


 राहुल गांधी के कुत्ते की नस्ल इंग्लैंड की महारानी की भी फेवरेट है


दिल्ली के पशु-चिकिस्तक अजय गुलयानी के मुताबिक, इस कुत्ते की नस्ल वेल्स कॉर्गी है. वेल्स कॉर्गी एक विदेशी नस्ल है. पहली बार इस नस्ल ने इंग्लैंड में 1925 में कुत्तों की प्रदर्शनी में भाग लिया था.


ब्रिटेन में इस नस्ल के कुत्ते की लोकप्रियता तब और बढ़ी, जब ब्रिटेन की रानी एलीजाबेथ 2 के फेवरेट कुत्तों की लिस्ट में शामिल हो गया. कहा ये भी जाता है कि बंकिघम पैलेस में ये एक पारिवारिक सदस्य की हैसियत रखता है.



दरअसल, आमतौर पर इस कुत्ते की पहचान दूसरे कुत्तों के मुकाबले ज्यादा भौंकने के लिए होती है. साथ ही ये कुत्ता फुर्ती के मामले में भी दूसरे कुत्तों को पछाड़ता है. अपने मास्टर से ट्रेनिंग के मामले में भी इसको आर्दश नस्ल की श्रेणी में रखा जा सकता है. कोई भी नई चीज़ सीखने में भी ये दूसरे कुत्ते को पीछे छोड़ता है.


इसके बारे  में ये भी कहा जाता है कि ब्रिटेन में इस कुत्ते का इस्तेमाल चरवाहे अपने जानवरों को साथ रखने के लिए भी करते हैं.


इन कुत्ते की सबसे बड़ी ख़ासियत ये होती है अपने मास्टर से इसका बेइंतेहा लगाव लेकिन ये लगाव कई बार मास्टर के लिए मुसीबत का भी सबब बन जाता है.  ये जब भी अपने मास्टर के साथ रहता है तो कोशिश करता है मास्टर का ध्यान उसके अलावा कहीं और न जाए. ऐसे में ये समझा जा सकता है कि आखिर क्यों राहुल गांधी ने असम के मंत्री हेमंत बिस्वा की बातों को अनसुना कर कुत्तों पर ध्यान देना ज़रूरी समझा होगा.

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