Tuesday, 31 October 2017

मौसमी कारणों से प्याज और टमाटर के कीमतों में तेज़ी: पासवान


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उपभोक्ता मामलों के मंत्री राम विलास पासवान ने मंगलवार को कहा कि प्याज़ और टमाटर की कीमतों में मौजूदा तेज़ी मौसमी है और विभिन्न उत्पादक राज्यों से ये फसल जल्द ही बाज़ार में आना शुरू होगी जिसके बाद हफ्ते भर में स्थिति सामान्य होगी.सरदार पटेल की वर्षगांठ के मौके पर देश की एकता और अखंडता को अक्षुण्ण रखने का संकल्प लेते हुए पासवान ने कहा कि प्याज़ की जल्द तैयार होने वाली किस्में दिल्ली की मंडियों में आने लगी हैं तथा विभिन्न प्याज़ उत्पादक राज्यों में ये फसल निकाली जा रही है जो जल्द ही बाज़ार में आनी शुरू होगी तथा प्याज़ की देर से तैयार होने वाली किस्मों की उपज जनवरी से बाज़ार में आने लगेगी और अभी सप्ताह भर में स्थिति सामान्य होने की दिशा में बढ़ने लगेंगी.


पासवान ने कहा, ‘टमाटर और प्याज़ की कीमत में वृद्धि मौसमी है. प्याज़ की नई फसल की आवक में सुधार होने के साथ एकाध सप्ताह में कीमतें कम होना शुरु हो जाएंगी.’ उन्होंने कहा कि बाज़ार में अक्तूबर से जल्दी तैयार होने वाली किस्मों का मंडियों में आवक शुरू हो चुकी है.


व्यापार के आंकड़ों के मुताबिक राष्ट्रीय राजधानी में प्याज़ की खुदरा कीमत 51 रुपए किलो चल रही है जबकि टमाटर की कीमत 80 रुपए किलो है. मदर डेयरी के बिक्री केन्द्र में प्याज़ 47 रुपए किलो बिक रहा है और टमाटर की कीमत 70 रुपए किलो है.सरकारी आंकड़ों के अनुसार प्याज़ की औसत खुदरा कीमत अखिल भारतीय स्तर पर 33 रुपए और टमाटर का 45 रुपए किलो है. उक्त सब्जियों को छोड़कर चावल और गेहूं जैसे अन्य आवश्यक चीज़ों की कीमतें स्थिर चल रही हैं.


उपभोक्ता मामलों के सचिव अविनाश श्रीवास्तव ने कहा कि प्याज़ की जल्द तैयार होने वाली किस्म की ऊपज मंडियों में आने लगी हैं तथा राजस्थान, गुजरात, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश और आंध्र प्रदेश जैसे उत्पादक राज्यों में ताज़ा फसल को निकाला जा रहा है. उन्होंने कहा कि प्याज की जल्द तैयार होने वाली किस्मों के खेती के रकबे में 25 फीसदी की कमी होने की वजह से प्याज़ की कीमतें दवाब में हैं. लेकिन प्याज़ की खरीफ फसल और देर से तैयार होने वाली खरीफ फसल का रकबा कहीं बेहतर है और उत्पादन भी बेहतर होने की संभावना है.


उन्होंने कहा कि अब खरीफ प्याज़ की जल्द तैयार होने वाली किस्म और प्याज़ की खरीफ फसल मंडियों में आने लगी हैं जबकि खरीफ प्याज़ की देर से तैयार होने वाली किस्मों का बाज़ार में जनवरी से आना शुरु होगा और आने वाले दिनों में आवक की मात्रा में सुधार होगा.


टमाटर के बारे में खाद्य मंत्राालय के एक अधिकारी ने कहा कि कर्नाटक में बरसात होने के कारण आपूर्ति की दिक्कतों की वजह से देश की राजधानी और देश के कुछ अन्य भागों में टमाटर की कीमतों में तेज़ी है. कर्नाटक, देश में टमाटर का प्रमुख उत्पादक राज्य है. किसान बरसात की वजह से इसे बाहर नहीं भेज पा रहे हैं लेकिन अगले 10-15 दिनों में टमाटर की आपूर्ति और इसकी कीमतों में सुधार आने की संभावना है.


Article source: https://hindi.news18.com/news/nation/nid-ahmedabad-student-chakradhar-aalla-made-bullet-train-logo-on-31st-attempt-1150783.html

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