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कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने एक ट्वीट के ज़रिये पश्चिम बंगाल और बिहार में हुई साम्प्रदायिक हिंसा पर बीजेपी और संघ की आलोचना की है. साथ ही इस ट्वीट में दिल्ली के यशपाल सक्सेना और पश्चिम बंगाल के इमाम रशीदी के सद्भावना संदेश भी ट्वीट किए हैं.राहुल गांधी ने ट्वीट में पश्चिम बंगाल के दंगों में अपने बेटे को खोने के बाद शांति की अपील करने वाले इमाम रशीदी के संदेश को लिखा है. वहीं दिल्ली में दूसरे समुदाय की लड़की से प्यार करनी की वजह से अपनी जान गंवाने वाले वाले अंकित सक्सेना की पिता यशपाल सक्सेना के सद्भाव के संदेश को भी जोड़ा है.
राहुल ने ट्वीट करते हुए लिखा- अपने बेटों को नफरत और सम्प्रदायिकता के कारण खोने के बाद यशपाल सक्सेना और इमाम रशीदी के संदेश ये दिखाते हैं कि हिन्दुस्तान में हमेशा प्यार नफरत को हराएगा.
कांग्रेस की नींव भी करुणा और आपसी भाईचारे पर टिकी है. हम नफरत फैलाने वाली BJP/RSS की विचारधारा को जीतने नहीं देंगे.बकौल राहुल गांधी अंकित सक्सेना के पिता का संदेश- मैं भड़काऊ बयान नहीं चाहता हूं. जो हुआ है उसका मुझे गहरा दुख है, लेकिन मैं मुसलमानों के खिलाफ नफरत का माहौल नहीं चाहता. हां, जिन्होंने मेरे बेटे की हत्या की वो मुसलमान थे, लेकिन सभी मुसलमान हत्यारे नहीं होते. आप मेरा इस्तेमाल सांप्रदायिक तनाव फैलाने में न करें. मैं सभी से अपील करता हूं कि इसे माहौल खराब करने के लिए धर्म से न जोड़ें.
पश्चिमी दिल्ली के 23 साल के अंकित सक्सेना की हत्या कर दी गई थी. अंकित सक्सेना दूसरे समुदाय की लड़की से प्यार करता था. जो लड़की के परिवार को नापसंद था और यही अंकित की हत्या की वजह बनी थी.
अपने बेटों को नफरत और सम्प्रदायिकता के कारण खोने के बाद यशपाल सक्सेना और इमाम रशीदी के संदेश ये दिखाते हैं कि हिन्दुस्तान में हमेशा प्यार नफरत को हराएगा।
कांग्रेस की नींव भी करुणा और आपसी भाईचारे पर टिकी है। हम नफरत फैलाने वाली BJP/RSS की विचारधारा को जीतने नहीं देंगे। pic.twitter.com/5smEqBm8gK— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) March 31, 2018
वहीं इमाम रशीदी ने पश्चिम बंगाल के दंगो में अपने 16 साल के बेटे को खोने के बाद एक मार्मिक अपील की. अपने बेटे के जनाजे के वक्त वो आसनसोल के लोगों को ये संदेश देते हुए कहते हैं कि-मैं अमन चाहता हूं। मेरा बेटा चला गया है. मैं नहीं चाहता हू कि दूसरा परिवार अपना बेटा खोए. मैं नहीं चाहता हूं अब और किसी का घर जले.
अगर मेरे बेटे की मौत का बदला लेने की कोशिश की गई तो मैं आसनसोल छोड़ दूंगा. पिछले 30 साल से इमाम हूं, मेरे लिए जरूरी है कि मैं लोगों को सही संदेश हूं और वो संदेश है शांति का.
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