Sunday, 1 October 2017

ये है साईं बाबा की रसोई, रोज बनता है 50 हजार लोगों का खाना


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शिरडी के साईं बाबा के दरबार में मत्था टेकने के बाद उसकी पहली मुराद होती है कि वो बाबा के रसोई में बना प्रसाद ग्रहण करें. इसलिए साईं मंदिर में भक्तों के लिए रोजाना भंडारा आयोजित किया जाता है. भंडारे में करीब 40 से 50 हजार लोग प्रसाद ग्रहण करते हैं.भंडारे में बनने वाला सारा सामान टेक्नॉलाजी के उपयोग से बनाया जाता है, जिसके लिए करीब एक हजार लोग काम करते हैं. साईं बाबा की रसोई में दाल, चावल, सब्जी और रोटी मशीन से बनाए जाते हैं. भक्तों के खाने के लिए एक बड़े हॉल में व्यवस्था की गई है. यहां एक बार में 3500 लोग एक साथ बैठकर खाना खा सकते हैं.


साईं प्रसादालय के इंचार्ज विष्णु थोराट बताते हैं कि साईं उत्सव के समय में यहा भीड़ काफी बढ़ जाती है, पिछले साल दशहरे में करीब डेढ़ लाख लोगों ने खाना खाया था. हर दिन भक्तों के लिए हजारों पैकेट लड्डू बनाना भी एक बड़ी चुनौती है, लेकिन साईं बाबा के भक्तों के लिए लड्डू बनाने का काम प्रसादालय 24 घंटे कर रहा है.


उन्होंने बताया कि बड़े-बड़े पतीले और कड़ाही में बेसन की बूंदी बनाई जाती है फिर उसे सुखाया जाता है. इसके बाद ड्राई फ्रूट डालकर उनको चीनी के शिरे में उबालकर मिक्स किया जाता है. फिर लड्डू बनाकर पैकेट में भरा जाता है. यहां फ्री में बूंदी के प्रसाद का पैकेट और काउंटर पर पैसे से बिकने वाला प्रसाद अलग-अलग रखा जाता है.अगर पैक्ट की बात करें, तो करीब 75 हजार पैकेट हर दिन तैयार होते हैं, जिनमें 45 हजार फ्री प्रसाद का पैकेट और बाकी बेचने के लिए तैयार पैकेट शामिल हैं. इसके लिए 250 लोग काम करते हैं.


इस रसोई की खास बात है कि यहां पर बनने वाली अधिकतर चीजें गैस या इलेक्ट्रिसिटी की बजाय सौर ऊर्जा से बनती हैं. 73 सोलर डिश के जरिए हर दिन करीब 3000 केजी स्टीम तैयार की जाती है. सोलर सिस्टम के इंजीनियर शरद शिरोले बताते हैं कि इससे चावल दाल, सब्जी सभी चीजें बनती हैं.
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