Monday, 2 October 2017

सेना ने घुसपैठ की दो कोशिशों को किया नाकाम


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सेना ने जम्मू-कश्मीर के रामपुर और तंगधार सेक्टर में नियंत्रण रेखा पर घुसपैठ की दो कोशिशों को सोमवार को नाकाम कर दिया. रक्षा प्रवक्ता ने बताया, ‘सतर्क सैनिकों ने बारामूला जिले के रामपुर सेक्टर में नियंत्रण रेखा पर आज घुसपैठ की कोशिश को नाकाम कर दिया. दो आतंकवादियों को मार गिराया गया और उनके पास से दो हथियार बरामद किए गए.’इससे पहले सेना ने कुपवाड़ा जिले के तंगधार सेक्टर में घुसपैठ की एक अन्य कोशिश को विफल कर दिया था. सेना के एक अधिकारी ने बताया कि सैनिकों ने नियंत्रण रेखा के निकट कुछ संदिग्ध गतिविधियों को देखा और संदिग्धों को चुनौती दी.


अधिकारी ने बताया, ‘दोनों तरफ से गोलीबारी हुई.’ उन्होंने बताया कि गोलीबारी रुकने के बाद तुरंत तलाशी अभियान चलाया गया. उन्होंने कहा कि घटना के विस्तृत ब्यौरे की प्रतीक्षा है.


इससे पहले जम्मू-कश्मीर के पुंछ जिले में नियंत्रण रेखा पर पाकिस्तानी सैनिकों ने गोलीबारी कर तथा मोर्टार दाग सीमावर्ती दर्जनों गांवों और चौकियों को निशाना बनाया, जिसमें सोमवार को दो बच्चों की मौत हो गई और 12 अन्य नागरिक घायल हो गए.सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि घायलों में पांच बच्चे भी शामिल हैं. सबसे कम उम्र की पांच वर्षीय जोबिया कौसर है जिसे एक हेलीकॉप्टर से जम्मू के एक अस्पताल ले जाया गया.


पुंछ के जिला विकास आयुक्त तारिक अहमद जरगर ने बताया कि पाकिस्तानी सैनिकों ने नियंत्रण रेखा पर दिगर, शाहपुर, कस्बा, केरनी और मंधार सेक्टरों में सुबह करीब साढ़े छह बजे संघर्ष विराम का उल्लंघन किया और ये साढ़े 11 बजे तक जारी रहा.


पुलिस के एक प्रवक्ता ने बताया कि भारतीय सैनिकों ने सीमा की रक्षा करते हुए प्रभावी रूप से जवाबी कार्रवाई की.


जरगर ने बताया, ‘पाकिस्तानी गोलीबारी और हमले में नौ वर्षीय एक लड़के और 15 वर्षीय एक लड़की की मौत हो गई. गंभीर रूप से घायल दो लोगों को विशेष उपचार के लिए विमान से सरकारी मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल जम्मू ले जाया गया.’ मृतक की पहचान मोहल्ला कस्बा के असरार अहमद और ढिगवार के करमा गांव की यासमीन अख्तर के तौर पर हुई है.


उन्होंने बताया कि दो अन्य गंभीर रूप से घायल लोगों को जम्मू के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया है जबकि आठ अन्य का जिला अस्पताल में इलाज किया जा रहा है. पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि घायलों में से दस ढिगवार सेक्टर के हैं जबकि दो अन्य केरनी सेक्टर के हैं.


जिला विकास आयुक्त ने बताया कि ढिगवार में सबसे अधिक गोलीबारी हुई जिससे लोगों में आतंक फैल गया. हालांकि उन्होंने बताया कि निवासी प्रभावित गांवों से बाहर जाने को राज़ी नहीं हैं और वो अपने गांव के भीतर ही सुरक्षित स्थानों पर चले गए हैं.


इस साल पाकिस्तान की ओर से संघर्षविराम उल्लंघन के मामलों में काफी बढ़ोतरी हुई है. सेना के आकंड़ों के मुताबिक एक अगस्त तक पाकिस्तान 285 बार संघर्षविराम का उल्लंघन कर चुका था, जबकि वर्ष 2016 में पूरे साल 228 बार संघर्षविराम का उल्लंघन किया गया था.

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