Thursday, 30 November 2017

GST फ्री नहीं हो सकते सैनिटरी पैड्स, जेटली ने बताई यह वजह


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केंद्रीय वित्त मंत्री जेटली ने भारत के टैक्स ढांचे को लेकर कहा कि भारत दुनिया का इकलौता देश है जहां 5 प्रतिशत टैक्स रेट है. पहले यहां 31 प्रतिशत टैक्स रेट था जिसे हमने कम करके 28 प्रतिशत किया है.इसके साथ ही उन्होंने बताया कि आगामी बजट में बुनियादी ढांचा, ग्रामीण भारत पर विशेष जोर दिया जाएगा. जेटली ने कहा, अब भारत को दो क्षेत्रों में ध्यान देने की जरूरत है- ग्रामीण भारत और इंफ्रास्ट्रक्चर, इसलिए अब हमें इन एरिया पर ज्यादा से ज्यादा खर्च करने की जरूरत है.


वहीं नोटबंदी और जीएसटी के बाद जीडीपी विकास दर में आई गिरावट को लेकर जेटली ने वैश्विक कारकों को जिम्मेदार ठहराया है. उन्होंने कहा, 10 प्रतिशत ग्रोथ रेट सिर्फ आंतरिक फैक्टर्स पर निर्भर नहीं करता है. यह इस बात से भी प्रभावित होती है कि दुनिया कैसे आगे बढ़ रही है. यदि पूरी दुनिया अभी की तरह रिकवरी मोड पर ही रहती है तो हम बहुत तेजी से विकास नहीं कर सकते. ऐसी परिस्थिति में जब पूरी दुनिया के विकास की रफ्तार धीमी है हम संरचनात्मक बदलाव ला रहे हैं.


अरुण जेटली ने कहा कि 10 प्रतिशत की ग्रोथ रेट पर पहुंचने के लिए हमें 2003-2008 की तरह एक बूम पीरियड की जरूरत है. भारत को एक बार फिर घरेलू उत्पादन पर निर्भर होना पड़ेगा. भारत पूरी दुनिया से पहले की तुलना में अधिक जुड़ा हुआ है. इसिलए हमारे घरेलू उत्पादों को मार्केट मिल रहा है.वित्त मंत्री अरुण जेटली ने जीएसटी पर कहा कि इसकी वजह से 16-17 तरीकों के टैक्स की जगह एक ही तरह का टैक्स आ गया है. देश में जीएसटी के लागू होने के बाद से तमाम बैरियर हट गए हैं, जिसकी वजह से देश मार्केट बन गया है. उन्होंने कहा कि भारत ने सिर्फ नया ढांचा ही नहीं बनाया है, बल्कि हर एक नए ढांचे को एक निश्चित दिशा भी दी है. इसके साथ ही उन्होंने एक समान जीएसटी रेट रखने की मांग को खारिज कर दिया. उन्होंने कहा कि यह संभव नहीं है. अगर सरकार कम जीएसटी रेट लागू करती तो महंगाई पहले और बढ़ जाती.


Article source: https://hindi.news18.com/videos/nation-national-green-tribunal-bans-all-construction-activities-in-delhi-1161998.html

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