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कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने शीत युद्ध के दौरान सेना एवं सार्वजनिक सेवा के हजारों कर्मियों के खिलाफ सरकार द्वारा की गयी कार्रवाई के लिए एलजीबीटीक्यू समुदाय के लोगों से माफी मांगी है.ट्रूडो ने मंगलवार को संसद में एक भाषण में कहा कि 1950 से 1990 के दशक की शुरुआत तक संघीय सरकार ने एलजीबीटीक्यू (लेस्बियन, गे, बाइसेक्सुअल, ट्रांसजेंडर, क्वीर) समुदायों के लोगों एवं संदिग्ध लोगों के खिलाफ दमनकारी अभियान चलाया था. उन्होंने कहा कि आज यह सोच है कि सभी गैर हेट्रोसेक्सुअल कनाडाई कनाडा के दुश्मनों द्वारा ब्लैकेमेल के बढ़ते खतरे के निशाने पर होंगे.
प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘यह उन लोगों के लिए भयावह है जिन्हें सरकार अपराधी की संज्ञा दे चुकी है – वे लोग जो अपनी आजीविका खो चुके हैं और कई मामलों में जान भी.’’ ट्रूडो ने शीतयुद्ध काल के बाद के मामलों को लेकर कहा, ‘‘हमने पहले जो किया उसके लिए शर्म, दुख और गहरे अफसोस के साथ मैं आज यहां यह कहता हूं कि हम गलत थे. हम माफी मांगते हैं. मैं माफी मांगता हूं. हमें दुख है.’’ उन्होंने खड़े होकर लोगों का अभिवादन करते हुए कहा, ‘‘राज्य प्रायोजित व्यवस्थित दमन एवं अस्वीकृति के लिए हम माफी मांगते हैं.’’ सरकार ने साथ ही सेना एवं दूसरी संघीय एजेंसियों के हजारों पीड़ित कर्मियों के लिए 7.8 करोड़ डॉलर से ज्यादा के मुआवजे की भी घोषणा की.
Article source: http://hindi.news18.com/news/jharkhand/hazaribagh/villagers-demonstrate-for-electricity-supply-at-markacho-in-koderma-1031427.html
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