READ MORE
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के एनडीए के पाले में जाने से विपक्षी दलों को जो झटका लगा था क्या बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी इस झटके की भरपाई करेंगी.
इस सवाल को लेकर विपक्षी दलों की आपसी सियासत खासी गर्म होने के कयास लगाए जा रहे हैं. इस सवाल का जवाब एक फरवरी को होने वाली विपक्ष की अहम बैठक में तय हो सकता है.बैठक से पहले तृणमूल कांग्रेस के एक नेता नाम न छापने की शर्त पर कहा कि उन्हें लगता है कि सभी विपक्षी पार्टी चाहेंगी कि उनका अध्यक्ष विपक्षी खेमे की अगुवाई करें लेकिन संभावित नेता के पास किसी राज्य का मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री होने का तर्जुबा होना चाहिए.
इस टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए वाम दलों ने कहा कि तृणमूल कांग्रेस इस तरह का मानदंड रखकर अपनी पार्टी की प्रमुख ममता बनर्जी का नाम प्रधानमंत्री पद के लिए रखना चाह रहे हैं.वाम दलों के अनुसार 2019 के लोकसभा चुनाव में संयुक्त विपक्ष की अगुवाई कौन करेगा इस पर चर्चा करना अभी बहुत जल्दबाजी है. इससे पहले तृणमूल कांग्रेस ने कहा था कि साफ-सथुरी छवि नेता को ही भाजपा के अभियान का नेतृत्व करना चाहिए.
भाकपा नेता डी राजा ने अपने एक बयान में कहा है कि अगर तृणमूल कांग्रेस चाहती है कि इन मानदंड का अनुसरण हो तो उन्हें उस व्यक्ति का नाम बताना चाहिए जो इस मानदंड में फिट बैठता हो. हम अभी उस स्तर पर नहीं पहुंचे और हम चुनावों पर चर्चा नहीं कर रहे है. चुनाव होने है और यह पार्टियों पर है कि वे किसी तरह की चुनावी रणनीतियों पर चर्चा करती है. अभी बहुत जल्दबाजी है.
Article source: http://feedproxy.google.com/~r/ndtvkhabar/~3/oK66WBavCUE/story01.htm
No comments:
Post a Comment